• Tue. Jun 9th, 2026

News look.in

नज़र हर खबर पर

बेलतरा में सुशासन तिहार पर उठा जनाक्रोश: पानी, बिजली, सड़क और खाद संकट को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, प्रशासन को सौंपा 15 सूत्रीय ज्ञापन

बिलासपुर, जून, 092026

बेलतरा में सुशासन तिहार पर उठा जनाक्रोश: पानी, बिजली, सड़क और खाद संकट को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, प्रशासन को सौंपा 15 सूत्रीय ज्ञापन

बिलासपुर। प्रदेश सरकार द्वारा “सुशासन तिहार” के जरिए विकास और सुशासन के दावों के बीच बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में जनता की नाराजगी खुलकर सामने आ गई। ग्राम नगोई में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पानी, सड़क, बिजली, खाद और किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया तथा जिला प्रशासन को 15 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।

कार्यक्रम का नेतृत्व पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं बेलतरा विधानसभा के पूर्व विधायक प्रत्याशी विजय केशरवानी ने किया। इस दौरान ब्लॉक कांग्रेस, पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में विकास योजनाएं केवल कागजों तक सीमित हैं, जबकि जमीनी हकीकत में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि कई गांवों में पेयजल संकट गंभीर बना हुआ है। करोड़ों रुपये की लागत से बनी पानी की टंकियां उपयोग में नहीं हैं, जबकि नल-जल योजनाएं प्रभावी रूप से संचालित नहीं हो पा रही हैं। महिलाओं को आज भी पानी के लिए दूर-दूर तक भटकना पड़ रहा है।

किसानों की समस्याओं को उठाते हुए कहा गया कि खाद और बीज की भारी किल्लत है, जिससे उन्हें लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। वहीं बिजली व्यवस्था भी बदहाल है, लगातार कटौती और लो-वोल्टेज से ग्रामीण परेशान हैं। सड़कें जर्जर स्थिति में हैं, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है।

ज्ञापन में कुल 15 प्रमुख मांगें शामिल की गईं, जिनमें पेयजल आपूर्ति सुधार, नहरों का पुनर्निर्माण, खाद-बीज की उपलब्धता, बिजली व्यवस्था में सुधार, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, आवास योजनाओं का त्वरित क्रियान्वयन, अवैध उत्खनन पर रोक, भू-माफियाओं पर कार्रवाई सहित अन्य मुद्दे शामिल हैं।

विजय केशरवानी ने कहा कि बेलतरा की जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है, जबकि सरकार सुशासन के दावे कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि हालात नहीं सुधरे तो कांग्रेस जनता के साथ मिलकर बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगी।

उन्होंने कहा, “जब गांव की टंकी सूखी हो, किसान खाद के लिए भटक रहा हो, सड़कें गड्ढों में तब्दील हों और जनता अपनी समस्याओं को लेकर प्रशासन के सामने खड़ी हो, तब सुशासन के दावे केवल दिखावा प्रतीत होते हैं।” कार्यक्रम के अंत में प्रशासन से मांग की गई कि सभी मुद्दों पर तत्काल और ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।

Author Profile

Lokesh war waghmare - Founder/ Editor
Latest entries

You missed