बिलासपुर, जुलाई, 23/2026
बिलासपुर के हक की आवाज़ कौन उठाएगा ?.. शहर के मुद्दों पर सदन में सन्नाटा,, पूर्व विधायक ने पूछा— आखिर क्यों मौन हैं अमर अग्रवाल ?…
शैलेष पांडे ने जलभराव, बदहाल सड़कें, बिजली-पानी की समस्या और जनसुविधाओं के मुद्दे पर विधायक की चुप्पी पर उठाए सवाल, कहा- मंत्री पद की चाह में जनता की आवाज़ दबा रहे हैं…
बिलासपुर। हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश के बाद बिलासपुर शहर और आसपास के इलाके जलमग्न हो गए। कई इलाकों में चार-पांच दिन बाद भी पानी जमा है। घरों में पानी घुसने से लोगों का सामान खराब हो गया, कई परिवारों को सामुदायिक भवनों में शरण लेनी पड़ी। सड़कें धंस गई हैं, नालों का गंदा पानी मोहल्लों में फैल रहा है, ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई है और बार-बार बिजली गुल होने से लोग परेशान हैं। इन सबके बीच बिजली के भारी-भरकम बिल भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं।
इन्हीं हालातों को लेकर पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने शहर विधायक एवं पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिलासपुर की जनता गंभीर समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन विधानसभा में शहर की आवाज पूरी तरह खामोश है।
शैलेष पांडे ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के मौजूदा कार्यकाल में अब तक आठ बैठकें हो चुकी हैं। सत्ता और विपक्ष के अधिकांश विधायक अपने-अपने क्षेत्रों के मुद्दों को सदन में उठा रहे हैं, लेकिन बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल ने अब तक जनता की समस्याओं पर सरकार से एक भी सवाल नहीं पूछा।
उन्होंने सवाल किया कि आखिर विधायक सरकार से प्रश्न पूछने से क्यों बच रहे हैं? क्या मंत्री बनने की उम्मीद में उन्होंने बिलासपुर की जनता के हितों से समझौता कर लिया है? उनका आरोप है कि अमर अग्रवाल जनता की आवाज उठाने के बजाय अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं और सरकार को नाराज करने के डर से शहर के मुद्दों पर मौन साधे हुए हैं।
पूर्व विधायक ने कहा कि विधायक का दायित्व सरकार की हां में हां मिलाना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं को मजबूती से सदन में रखना होता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बिल्हा से धरमलाल कौशिक, बेलतरा से सुशांत शुक्ला, तखतपुर से धरमजीत सिंह और कुरूद से अजय चंद्राकर लगातार अपने क्षेत्रों के मुद्दे विधानसभा में उठा रहे हैं, लेकिन बिलासपुर की आवाज कहीं सुनाई नहीं देती।
शैलेश पांडे ने कहा कि आज शहर जलभराव, अपराध, ट्रैफिक अव्यवस्था, टूटी सड़कें, स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली, युवाओं के रोजगार संकट, स्वामी आत्मानंद स्कूलों के बंद होने, कोनी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के निजीकरण, गरीबों के इलाज, पेयजल संकट और हवाई सेवा जैसी अनेक समस्याओं से जूझ रहा है। इसके बावजूद इनमें से कोई भी मुद्दा विधानसभा में नहीं उठाया गया।
उन्होंने कहा कि जब वे स्वयं विधायक थे और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी, तब भी उन्होंने जनता के हितों से समझौता नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि अपने कार्यकाल में उन्होंने बिलासपुर के हित में विधानसभा में 392 सवाल पूछे और हर बार शहर की आवाज को मजबूती से उठाया।
शैलेष पांडे ने कहा कि बिलासपुर किसी की राजनीतिक महत्वाकांक्षा की कीमत नहीं चुकाएगा। जनता अपने विधायक की निष्क्रियता और चुप्पी को देख रही है तथा यह जानना चाहती है कि आखिर सदन में उसके प्रतिनिधि की आवाज क्यों नहीं सुनाई देती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर विधानसभा तक जनहित के हर मुद्दे को मजबूती से उठाती रहेगी।
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