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बिलासपुर में 16 से 21 अक्टूबर तक सजेगा दुर्गा पूजा का भव्य दरबार, ‘शारदीय 2026’ में दिखेगी बंगाली संस्कृति की झलक द आनंदा इंपीरियल में मां दुर्गा की आराधना के साथ संगीत, नृत्य, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पारंपरिक बंगाली व्यंजनों का होगा संगम

बिलासपुर, अक्टूबर, 12/2026

बिलासपुर में 16 से 21 अक्टूबर तक सजेगा दुर्गा पूजा का भव्य दरबार, ‘शारदीय 2026’ में दिखेगी बंगाली संस्कृति की झलक

द आनंदा इंपीरियल में मां दुर्गा की आराधना के साथ संगीत, नृत्य, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पारंपरिक बंगाली व्यंजनों का होगा संगम

बिलासपुर। शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा के उत्सव को लेकर बिलासपुर में तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी कड़ी में द आनंदा इंपीरियल परिवार की ओर से इस वर्ष भी ‘शारदीय 2026’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। 16 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक चलने वाले इस छह दिवसीय उत्सव में मां दुर्गा की आराधना, पारंपरिक पूजा-विधि, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, संगीत, नृत्य और बंगाली व्यंजनों की विशेष झलक देखने को मिलेगी। आयोजन में शहरवासियों, परिवारों, मित्रों और शुभचिंतकों को शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।

आनंदा परिवार के अनुसार, वर्ष 2012 से मां दुर्गा के स्वागत की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार भी दुर्गा पूजा का आयोजन विशेष उत्साह के साथ किया जा रहा है। आयोजन को लेकर आयोजित प्री-पूजा मीट में प्रेस के सदस्यों, व्लॉगर्स, मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और विशेष अतिथियों का स्वागत करते हुए परिवार ने उनके समय और सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया। इस दौरान आगामी शारदीय उत्सव की परंपराओं, तैयारियों और कार्यक्रमों की जानकारी साझा की गई।

पूजा-पाठ से लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक विशेष आयोजन

‘शरोदिया 2026’ में दुर्गा पूजा को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाएगा। मां दुर्गा को दैवीय शक्ति और नारी शक्ति का प्रतीक मानते हुए विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित होंगे। इसके साथ ही मेहमानों को संगीत, नृत्य और बंगाली खान-पान का अनुभव भी मिलेगा। आयोजन के लिए एम्परर/बॉल रूम में ‘ऑरा: द अनसीन रेजोनेंस’ (Aura: The Unseen Resonance) नाम से विशेष प्रस्तुति भी रखी गई है।

महा सप्तमी से शुरू होंगे प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान

आयोजन के कार्यक्रम के अनुसार, 18 अक्टूबर को महा सप्तमी के अवसर पर सुबह 5 बजे घाट पर नाबापत्रिका स्नान होगा। सुबह 7:15 बजे मंडप में देवी नाबापत्रिका प्रवेश और महा स्नान, जबकि सुबह 9:30 बजे महा सप्तमी की विधिवत पूजा होगी। दोपहर 1 बजे भोग, 1:30 बजे अंजलि और रात 8:30 बजे संध्या आरती आयोजित की जाएगी।

महाअष्टमी पर संधि पूजा और अंजलि

19 अक्टूबर को महाअष्टमी के अवसर पर सुबह 5 बजे पूजा शुरू होगी। सुबह 5:30 बजे भोग और अंजलि का कार्यक्रम रखा गया है। इसके बाद सुबह 7:26 बजे संधि पूजा से जुड़े अनुष्ठान शुरू होंगे। सुबह 7:50 बजे बलिदान और 8:14 बजे संधि पूजा, भोग एवं अंजलि का आयोजन प्रस्तावित है। महाअष्टमी को दुर्गा पूजा के प्रमुख दिनों में से एक माना जाता है, इसलिए इस दिन विशेष धार्मिक आयोजन होंगे।

महानवमी पर कुमारी पूजा और यज्ञ

20 अक्टूबर को महानवमी के दिन सुबह 6 बजे विधिवत पूजा होगी। सुबह 10 बजे भोग और अंजलि के बाद दोपहर 1 बजे कुमारी पूजा आयोजित की जाएगी। शाम 4 बजे यज्ञ होगा, जबकि रात 9 बजे शीतल भोग और संध्या आरती के साथ दिन के धार्मिक कार्यक्रम संपन्न होंगे। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

विजयादशमी पर सिंदूर खेला के साथ होगा समापन

21 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर सुबह 7 बजे पूजा शुरू होगी। सुबह 8 बजे अपराजिता पूजा, 9 बजे भोग और 9:30 बजे आरती एवं अंजलि होगी। सुबह 11:30 बजे पूजा निरंजन के बाद दोपहर 12:30 बजे पारंपरिक सिंदूर खेला का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही छह दिवसीय दुर्गा पूजा उत्सव का समापन होगा।

परंपरा, आस्था और संस्कृति का बनेगा संगम

‘शारदीय 2026’ के माध्यम से द आनंदा इंपीरियल में दुर्गा पूजा की धार्मिक परंपराओं के साथ बंगाली संस्कृति और सामुदायिक उत्सव की झलक देखने को मिलेगी। मां दुर्गा की आराधना, पारंपरिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और विशेष व्यंजन इस आयोजन को खास बनाएंगे। आनंदा परिवार ने प्रेस, मीडिया प्रतिनिधियों और शहरवासियों के सहयोग के लिए आभार जताते हुए सभी से उत्सव में सहभागी बनने का आग्रह किया है।

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Lokesh war waghmare - Founder/ Editor
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