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सट्टे का डिजिटल जाल टूटा,, पुलिस ने 45 लाख की संपत्ति जप्त की,, रिक्की पैनल’ के मास्टरमाइंड गिरफ्तार,, फर्जी सिम और बैंक खातों से चल रहा था खेल…ACCU और सिविल लाइन थाने की संयुक्त कार्रवाई…

बिलासपुर, मार्च, 21/2026

सट्टे का डिजिटल जाल टूटा,, पुलिस ने 45 लाख की संपत्ति जप्त की,, रिक्की पैनल’ के मास्टरमाइंड गिरफ्तार,, फर्जी सिम और बैंक खातों से चल रहा था खेल…ACCU और सिविल लाइन थाने की संयुक्त कार्रवाई…

बिलासपुर। शहर में ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में चल रहे बड़े सट्टा नेटवर्क का पुलिस ने भंडाफोड़ करते हुए संगठित गिरोह के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस कार्रवाई में लाखों रुपये के लेन-देन के सबूत, महंगे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, बैंक दस्तावेज और नगदी बरामद हुई है।

एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान “प्रहार” के तहत एसीसीयू (सायबर सेल) और सिविल लाइन थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस गिरोह को धर दबोचा।

“रिक्की पैनल” से चलता था सट्टे का खेल…

जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी “रिक्की पैनल” के जरिए Aviator, Wingo, Casino जैसे ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर दांव लगवाते थे। यह पूरा नेटवर्क पैन इंडिया स्तर पर फैला हुआ था, जहां ग्राहकों को टेलीग्राम और व्हाट्सएप के माध्यम से जोड़कर सट्टा खिलाया जाता था।

ये हैं गिरफ्तार आरोपी…

राजेश उर्फ राजा बजाज (34) – गार्डन सिटी, मोपका

प्रदीप खत्री (34) – मंगला, बिलासपुर

पुलिस के अनुसार, फरार चल रहे राजेश उर्फ राजा बजाज पर पहले ₹5000 का इनाम घोषित था, जिसे रायपुर से गिरफ्तार किया गया। आरोपी लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था।

6.90 लाख नकद समेत करोड़ों के लेन-देन के सबूत..

आरोपियों के पास से ₹6,90,000 नगद के साथ-साथ बैंक खातों में लाखों रुपये के ट्रांजेक्शन की जानकारी मिली है। पुलिस अब इनकी चल-अचल संपत्तियों की भी जांच कर रही है, जिन्हें अवैध कमाई से अर्जित किया गया है।

जब्त सामग्री (मुख्य)…

लैपटॉप, iPhone 16 Pro, iPhone 17 Pro, Samsung S25 Ultra

5 बैंक पासबुक, 5 चेकबुक

Honda City, Brezza, Swift Dzire, Activa

2 रजिस्टर (लाखों के सट्टे का हिसाब)

कुल जब्ती – लगभग ₹45 लाख

ऐसे चलता था सट्टे का नेटवर्क…

टेलीग्राम के जरिए देशभर से कस्टमर जोड़े जाते थे

व्हाट्सएप लिंक से गेमिंग प्लेटफॉर्म एक्सेस कराया जाता था

मुनाफे का 65% “हेड ऑफिस” और 35% “ब्रांच” को मिलता था

फर्जी सिम और बैंक खातों से लेन-देन किया जाता था

एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि पुलिस लंबे समय से इस शातिर नेटवर्क पर नजर रखे हुए थी। अब पूरे गिरोह की जड़ तक पहुंचकर इसे खत्म किया जाएगा। साथ ही, अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों को भी जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के लिए रिमांड मांगा था, लेकिन न्यायालय ने उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आगे जरूरत पड़ने पर पुलिस दोबारा रिमांड ले सकती है।

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Lokesh war waghmare - Founder/ Editor

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