40 मेगावाट सोलर पावर प्लांट के साथ आगमी तीन वर्षों में 142 मेगावाट सोलर ऊर्जा विकसित करने का एसईसीएल का लक्ष्य.
July, 14/2021, बिलासपुर
भारत की कोलइण्डिया की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कम्पनी एसईसीएल सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी उच्च निवेश कर रही है। कम्पनी द्वारा 40 मेगावाट की ग्राऊण्ड माऊन्टेड ग्रीड कनेक्टेड सोलर पावर प्लांट स्थापित किया जा रहा है।एक प्रमुख कोयला उत्पादक कम्पनी के इस वृहद सोलर परियोजना में निवेश को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उक्त सौर ऊर्जा संयंत्र एसईसीएल के भटगांव एवं बिश्रामपुर क्षेत्र के चिन्हित भूमि पर लगाया जाएगा। इस हेतु एसईसीएल मुख्यालय के न्यू टेक्नाॅलाॅजी विभाग द्वारा कोल लिग्नाईट ऊर्जा विकास प्रायवेट लिमिटेड (सीएलयूवीपीएल) को ’लेटर आॅफ अवार्ड’ जारी कर दिया गया है।
यह कम्पनी कोलइण्डिया लिमिटेड एवं निग्वेली लिग्नाईट काॅरपोरेशन इण्डिया लिमिटेड का ज्वाईट वेंचर (जेवी) है जिसमें वर्तमान में प्रत्येक की बराबर की हिस्सेदारी है। लेटर आॅफ अवार्ड जेवी कम्पनी के द्वारा प्रस्तुत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) एवं प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कन्सलटेन्सी (पीएमसी) आॅफर के आधार पर जारी किया गया है जिस पर एसईसीएल बोर्ड की सहमति है। परियोजना की कुल लागत 148 करोड़ 60 लाख रूपये होगी।परियोजना को कार्यान्वित करने वाली कम्पनी सीएलयूवीपीएल द्वारा प्रदाय सेवाओं में प्रोजेक्ट रिपोर्ट, टेण्डरिंग तथा परियोजना के अनुमोदन, परमिट प्राप्त करने एवं अन्य संबंधित कार्यवाही में एसईसीएल को सहयोग आदि शामिल हैं। वर्क अवार्ड के शर्तों के अधीन इस परियोजना की साईट स्टडी, टेस्टिंग व कमिशनिंग का कार्य 9 महिनों के भीतर पूरा कर लिया जाना है।
एसईसीएल की इस सोलर परियोजना को एक बड़े हरित पहल (ग्रीन इनेसिएटिव) के रूप में देखा जा रहा है।
एसईसीएल मुख्यालय के बताये अनुसार इस परियोजना के संचालित होने पर बिश्रामपुर एवं भटगांव क्षेत्र की वर्तमान ऊर्जा खपत का लगभग आधा हिस्सा सौर आधारित हो जाएगा। इस परियोजना का प्रोजेक्ट आईआरआर (इंट्रर्नल रेट आॅफ रिर्टन) 22.13 प्रतिशत (100 प्रतिशत इक्विटी रेशियो) है जिसे आर्थिक रूप से काफी लाभकारी माना जा रहा है। इस सोलर संयंत्र के आने से लगभग 60 हजार टन प्रति वर्ष की दर से कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। कम्पनी को संचालन के पहले वर्ष में, वार्षिक आधार पर लगभग 40 करोड़ रूपये की आर्थिक बचत होगी क्योंकि सोलर ग्रीड से मिलने वाली प्रति यूनिट ऊर्जा वर्तमान दर से लगभग आधी कीमतों पर मिलेगी। विदित हो कि एसईसीएल आगामी 3 वर्षों में लगभग 142 मेगावाट सोलर ऊर्जा क्षमता विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।
एसईसीएल प्रबंधन की ओर से इस अवसर पर अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक ए.पी. पण्डा, मुख्य सतर्कता अधिकारी बी.पी. शर्मा, निदेशक तकनीकी (संचालन) एम.के. प्रसाद, निदेशक (वित्त/कार्मिक) श्री एस.एम. चैधरी, निदेशक तकनीकी (योजना/परियोजना) एस.के. पाल ने परियोजना को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे निश्चय ही हरित पर्यावरण के हमारे प्रयासों को बल मिलेगा।
Author Profile
Latest entries
Uncategorized27/03/2026“नारायणा स्कूल पर घोटाले के आरोप, अब कोर्ट में होगा फैसला!” एनएसयूआई ने दी न्यायालय जाने की चेतावनी, छात्रों और अभिभावकों को न्याय दिलाने की तैयारी तेज
अपराध26/03/2026जंगल में रिश्वत का जाल”: अचानकमार टाइगर रिजर्व में रेंजर-डिप्टी रेंजर 50 हजार लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
बिलासपुर26/03/2026नोटों से भरा बैग रख NSUI का अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन,, नारायणा टेक्नोक्रेट स्कूल पर गंभीर आरोप,,
प्रशासन26/03/2026दस्तावेजों में अलग अलग नाम और जाति,, फर्जी दस्तावेज से अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र बनवाने कमला सिंह पर लगा आरोप,, कलेक्टर जनदर्शन में बड़ा खुलासा,, एफआईआर की मांग…
