सरगुजा संभाग // मेरे सरगुजा रेंज के पुलिस स्टाफ के प्यारे साथियों.. आपको सपरिवार नूतन वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं। साथियों आप सबके साथ लगभग ग्यारह माह काम करने का अवसर मिला। संभाग के समस्त पुलिस स्टाफ सिपाही से लेकर एसपी तक ने पूरी निष्ठा व ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। कोरोना काल से लेकर अभी तक आप सबके द्वारा जो टीम भावना से काम किया वो प्रशंसनीय रहा है। कोरोना ने संपूर्ण मानवजाति के लिए तो चुनौतियां पेश की ही है।जिससे करोड़ों लोग इस नव वर्ष मे हमारे बीच नहीं रहे। नौकरियां चली गई।बेरोजगार हो गए।मानसिक रूप से अस्वस्थ हो गए। पारिवारिक तनाव मे इजाफा हुआ।लोगों के आपसी व्यवहार मे बदलाव हुआ।राजनैतिक, सामाजिक प्रभाव भी देखा गया है। इन सबके बीच कोरोना ने हम पुलिस कर्मियों के लिए अलग ही तरह की चुनौती पेश की है।वो है कोरोना का अपराधियों के लिए नया अवसर के रुप मे उभरना। कोरोना के कारण जेल़ों मे बंद आरोपियों/अपराधियों का बाहर आना एवम फिर से आपराधिक घटनाओं को अंजाम देना। ऐसे आरोपियों को गिरफ्तार करने के दौरान कोरोना से संक्रमित होने की घटनाएं होना।जिससे हमने कुछ साथियों को खोया भी है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय मे पेश करने से पहले टेस्ट कराने,न्यायालय में पेश करने के लिए जो मशक्कत करनी होती है वो तो उस स्टाफ से बेहतर कौन जान सकता है।कितना भी गंभीर जैसे चोरी, लूट,डकैती, हत्या, नाबालिग से दुष्कर्म, महिलाओं से छेड़खानी ,करोड़ों का लोगों से ठगी जैसे आरोपों का आरोपी इस दलील से की जेल जाने या जेल मे रहने से कोरोना से संक्रमित हो सकता है,जेल जाने से बच रहे थे।तथा पुनः जाकर फिर से आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे थे जो पुलिस के लिए चुनौती बन गया।समाज मे कोरोना से ज्यादा दहशत ऐसे अपराधियों से देखी गई है।ऐसे अपराधी वापस लौटकर डकैती जैसी घटनाओं, नशा कारोबार, महिलाओं से छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को अंजाम देते रहे है। पीड़ित सामने आकर पुलिस से पूछता है वो इतनी.जल्दी कैसे बाहृर आ गया। पुलिस पर मिलीभगत के आरोप मढे गए लेकिन हमारे द्वारा दिए जा रहे कोरोना के कारण छूट जाने के तर्क से संतुष्ट नही होता। गंभीर आरोपों के आऱोपियो को दूर दूर के प्रदेशों से कोरोना से संक्रमित होने का खतरा मोल लेकर जान जोखिम मे डालकर ले आते लेकिन जितना समय उसको लाने मे लगता उससे कम समय मे कोरोना के कारण बाहर आने मे लग रहा था।ऐसी परिस्थितियों मे आपने काम किया है।ऐसी परिस्थितियों मे काम करने के दौरान जो आपकी मानसिक स्थिति आपकी बनी उसक़ो मै ही समझ सकता हूं।फिर भी आप लोगों ने हौसला नहीं खोया और बेहतर काम किया।वो प्रशंसनीय है। आपने नशा मुक्त सरगुजा के अभियान को सफल बनाने मे जो मेहनत की है उसकी भी मै प्रशंसा करता हूं एवम् उम्मीद करता हूँ कि समाज मे इस कैंसर रूपी बीमारी के खिलाफ ऐसी ही कारवाई आप करते रहेंगे। आप सबके स्वस्थ रहने एवम बेहतर भविष्य की कामना करता हूँ।आप समाज मे पुलिस की छवि को और बेहतर करने का यह प्रयास जारी रखेंगे इसी उम्मीद से मैं आपसे विदा लेता हूँ।
जय हिंद
रतन लाल डांगी आईजी, बिलासपुर
Author Profile
Latest entries
बिलासपुर29/03/2026लिंगियाडीह में फूट रहा जन-आक्रोश, 129 दिनों से सड़कों पर ‘मातृशक्ति’… गरीबों के आशियाने पर संकट: क्या ‘सुशासन’ में बेघर होंगे जरूरत मंद ? नगर निगम की कार्रवाई पर उठे सवाल…
Uncategorized27/03/2026“नारायणा स्कूल पर घोटाले के आरोप, अब कोर्ट में होगा फैसला!” एनएसयूआई ने दी न्यायालय जाने की चेतावनी, छात्रों और अभिभावकों को न्याय दिलाने की तैयारी तेज
अपराध26/03/2026जंगल में रिश्वत का जाल”: अचानकमार टाइगर रिजर्व में रेंजर-डिप्टी रेंजर 50 हजार लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
बिलासपुर26/03/2026नोटों से भरा बैग रख NSUI का अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन,, नारायणा टेक्नोक्रेट स्कूल पर गंभीर आरोप,,
