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मनरेगा पर ‘वीबी-जी राम-जी’ कानून से अधिकार खत्म करने का आरोप, कांग्रेस का 11 जनवरी से ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’…

पेंड्रा/ जनवरी, 10/2026

मनरेगा पर ‘वीबी-जी राम-जी’ कानून से अधिकार खत्म करने का आरोप, कांग्रेस का 11 जनवरी से ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’…

सौ दिनों के रोज़गार का अधिकार छीना,और 125 दिनों का भ्रम फैला रही बीजेपी सरकार— शैलेष पांडेय

राज्य सरकार के ऊपर पचास हज़ार करोड़ का अधिक भार पड़ेगा- मोहित

मनरेगा बचाओ संग्राम दो माह तक चलेगा- गजमती

मजदूरी चार सौ रुपये करे मोदी सरकार— के.के. ध्रुव

पेंड्रा। कांग्रेस ने केंद्र सरकार के नए वीबी-जी राम-जी (विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन–ग्रामीण) कानून को गरीब और मजदूर विरोधी बताते हुए इसके खिलाफ सड़कों पर उतरने का एलान किया है। बिलासपुर के पूर्व कांग्रेस विधायक शैलेश पांडे, पाली–तानाखार के पूर्व विधायक मोहित केरकेट्टा, मरवाही के पूर्व विधायक डॉ. के.के. ध्रुव और जिला कांग्रेस अध्यक्ष गजमती भानु ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह कानून मनरेगा जैसे अधिकार आधारित कानून को खत्म कर उसे केंद्र-नियंत्रित योजना में बदलने की साजिश है।

कांग्रेस नेताओं ने बताया कि पार्टी 11 जनवरी से 25 फरवरी तक देशव्यापी ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ चलाएगी। आंदोलन की शुरुआत 11 जनवरी को महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष एक दिवसीय उपवास से होगी। नेताओं का आरोप है कि नए कानून से रोजगार का अधिकार छीना जाएगा और पंचायतों की भूमिका कमजोर पड़ेगी।

पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने कहा कि “बीजेपी सरकार सौ दिनों के रोजगार का अधिकार छीनकर 125 दिनों का भ्रम फैला रही है।” उन्होंने दावा किया कि पिछले 11 वर्षों में मनरेगा के तहत राष्ट्रीय औसत रोजगार मात्र 38 दिन रहा है, यानी किसी भी साल 100 दिन का रोजगार नहीं दिया गया।

मोहित केरकेट्टा ने कहा कि नए कानून से केंद्र और राज्य का वित्तीय अनुपात 60:40 हो जाएगा, जिससे राज्यों पर लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इससे भविष्य में मनरेगा के धीरे-धीरे बंद होने का खतरा है।

डॉ. के.के. ध्रुव ने मजदूरी बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि “मोदी सरकार को मनरेगा मजदूरी 400 रुपये प्रतिदिन करनी चाहिए।” वहीं गजमती भानु ने स्पष्ट किया कि “मनरेगा बचाओ संग्राम” दो माह तक लगातार चलेगा।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मनरेगा, जो अब तक संविधान के अनुच्छेद 21 से जुड़े अधिकारों पर आधारित था, उसे सशर्त और केंद्र-नियंत्रित योजना बना दिया गया है। इससे गांव स्तर पर काम, योजना और भुगतान की व्यवस्था प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज और विकेंद्रीकृत विकास की भावना पर यह सीधा हमला है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष गजमती भानु, कोटा विधायक प्रतिनिधि पंकज तिवारी, कांग्रेस महामंत्री पुष्पराज सिंह, वरिष्ठ नेता ओमप्रकाश बंका, पूर्व एल्डरमैन मदन सोनी, मनीष दुबे, श्रीकांत मिश्रा, आलोक शुक्ला, पवन केसरवानी, रियांश सोनी सहित कई कांग्रेसी नेता मौजूद रहे।

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Lokesh war waghmare - Founder/ Editor

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