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महिला आरक्षण पर सियासी वार,, कांग्रेस बोली भाजपा फैला रही है झूठ का जाल,,  परिसीमन बिल पर कांग्रेस ने भाजपा की मंशा पर उठाए सवाल…

बिलासपुर, अप्रैल, 20/2026

महिला आरक्षण पर सियासी वार,, कांग्रेस बोली भाजपा फैला रही है झूठ का जाल,,  परिसीमन बिल पर कांग्रेस ने भाजपा की मंशा पर उठाए सवाल…

बिलासपुर। संसद में 33% महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक को लेकर देशभर में जारी सियासी घमासान के बीच बिलासपुर में जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। सोमवार को आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री और शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने भाजपा पर महिला आरक्षण के मुद्दे पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा लगातार यह भ्रम फैला रही है कि विपक्ष महिला आरक्षण के खिलाफ है, जबकि सच्चाई यह है कि कांग्रेस हमेशा से महिला आरक्षण की प्रबल समर्थक रही है। उन्होंने दावा किया कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023” पहले ही संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका है और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कानून भी बन चुका है।

नेताओं ने आरोप लगाया कि 16 अप्रैल 2026 को संसद में प्रस्तुत 131वां संविधान संशोधन विधेयक महिला आरक्षण से जुड़ा नहीं था, बल्कि इसके जरिए भाजपा परिसीमन को आगे बढ़ाना चाहती थी। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा महिला आरक्षण को “मुद्दा” बनाकर परिसीमन बिल पास कराने की कोशिश कर रही थी।

प्रेस वार्ता में यह भी कहा गया कि प्रस्तावित विधेयक में लोकसभा सीटों को 850 तक बढ़ाने और परिसीमन के लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाने की बात की गई थी, जिस पर कई राज्यों को आपत्ति है। कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि जब 2026-27 में नई जनगणना होने वाली है, तो पुराने आंकड़ों के आधार पर परिसीमन क्यों किया जा रहा है।

कांग्रेस ने यह भी पूछा कि यदि सरकार महिला आरक्षण को लेकर गंभीर है, तो बिना परिसीमन का इंतजार किए वर्तमान सीटों में ही 33% आरक्षण क्यों नहीं लागू किया जा सकता। नेताओं का कहना है कि विपक्ष इस मुद्दे पर पूरी तरह तैयार है, लेकिन सरकार की नीयत साफ नहीं दिखती।

कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून में संशोधन कर इसे तुरंत लागू किया जा सकता था, लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की मंशा महिला आरक्षण लागू करने की नहीं, बल्कि अपने हिसाब से सीटों का परिसीमन कराने की थी, जो विपक्ष की एकजुटता के कारण सफल नहीं हो सकी।

कांग्रेस नेताओं ने अपने पक्ष को मजबूत करते हुए इतिहास का हवाला दिया और कहा कि पंचायती राज और नगरीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण देने की पहल कांग्रेस सरकारों ने ही की थी। आज देशभर में लाखों महिला जनप्रतिनिधि उसी नीति का परिणाम हैं। अंत में कांग्रेस ने कहा कि भाजपा का “परिसीमन का खेल” विफल हो चुका है, इसलिए अब वह महिला आरक्षण के नाम पर पूरे देश में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है।

प्रेस वार्ता में पूर्व जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी, पूर्व शहर अध्यक्ष विजय पांडे, मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया, पूर्व विधायक शैलेश पांडेय, सियाराम कौशिक, पूर्व महापौर रामशरण यादव, प्रमोद नायक, सीमा पांडे, सीमा घृतटतेश, पिंकी बतरा, रविंद्र सिंह, राजेंद्र शुक्ला सहित कांग्रेस जन मौजूद रहे।

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Lokesh war waghmare - Founder/ Editor

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