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बजट बनाम हकीकत — सियासत के आईने में 2026-27 का प्रदेशीय लेखा-जोखा…

बिलासपुर, फरवरी, 25/2026

बजट बनाम हकीकत — सियासत के आईने में 2026-27 का प्रदेशीय लेखा-जोखा…

प्रदेश की साय सरकार द्वारा पेश किया गया 2026-27 का तीसरा बजट अब केवल आर्थिक दस्तावेज नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस का केंद्र बन चुका है। सत्ता पक्ष इसे “आम जनता का बजट” बताकर अपनी उपलब्धियों का बखान कर रहा है, तो वहीं विपक्ष इसे “जमीनी सच्चाई से कटा हुआ” करार देकर सरकार पर सवालों की बौछार कर रहा है। यह टकराव केवल आंकड़ों का नहीं, बल्कि राजनीतिक नैरेटिव का भी है।

राजनीतिक दृष्टि से देखें तो यह बजट एक चुनावी दस्तावेज की तरह भी देखा जा रहा है। सत्ता पक्ष जहां इससे अपनी छवि मजबूत करना चाहता है, वहीं विपक्ष इसे सरकार की नीतिगत विफलताओं का प्रमाण बताने में जुटा है। दोनों ही दल अपने-अपने दृष्टिकोण से जनता के बीच संदेश स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।

बजट के दावे और जमीनी सच्चाई के बीच गंभीर अंतर ,नई संरचनात्मक पहल का अभाव – अरविंद शुक्ला

पूर्व ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष,कांग्रेस नेता अरविंद शुक्ला ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 2026- 27 के बजट पर गहन अध्ययन करने के पश्चात यह प्रतीत होता है कि इस बजट में किए गए दावे एवं जमीनी हकीकत में गंभीर अंतर है, वही तुलनात्मक विश्लेषण करने से, बजट किसानों की मूलभूत समस्याओं के समाधान में अपर्याप्त प्रतीत होता है।

कांग्रेस नेता अरविंद शुक्ला ने कहा कि पिछले बजट में कृषि अनुदान खरीदी और ग्रामीण अधोसंरचना पर जो घोषणाएं की गई थी, उसमें से कोई पूरी नहीं की गई है। वर्तमान बजट में उन्हीं योजनाओं को पुनः पैकेजिंग कर प्रस्तुत किया गया है । लेकिन नई संरचनात्मक का अभाव है वास्तविक निवेश की वृद्धि मुद्रास्फीति की दर की तुलना में नगण्य है जिससे किसानों को प्रत्यक्ष लाभ होने वाला दिखता नहीं है। कांग्रेस नेता ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को धान पर 3286 रुपए प्रति क्विंटल की दर अंतर की राशि देने, बजट में प्रावधान नहीं किया है जिससे किसानों को प्रति एकड़ करीब 4000 रु का नुकसान होगा ,कृषि लागत (डीजल, खाद,बीज , कीटनाशक ) मजदूरी में लगातार वृद्धि हुई है ,अगर वास्तविक लागत की तुलना समर्थन मूल्य से की जाए तो किसानों का लाभांश घटना दिखाई देता है , बजट में लागत नियंत्रण के ठोस उपायों का अभाव है, सिंचाई विस्तार की घोषणाएं वर्षों से की जाती रही है लेकिन वास्तविक रूप से इसमें कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है ।

युवाओं, बेरोजगार, महिलाओं को लेकर बजट में कुछ भी नहीं है। अरविंद ने कहा कि वही अंशकालिक अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने व आंदोलनरत कर्मियों जैसे बीएड, डीएड,रसोईया संघ , स्वास्थ्य कर्मचारियों, आंगनबाड़ी ,विकलांग संघ ,आदि की मांगों को पूरा करने कोई बजटीय प्रावधान नहीं किया गया है।

बजट में सर्वहारा समाज को खास त्वज्जो दी गई : रौशन सिंह भाजयुमो नेता

भाजयुमो नेता प्रदेश कार्य समिति सदस्य रौशन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत बजट प्रदेश के युवा, किसान, सर्वहारा समाज आम जनता का इस बजट में ध्यान रखा गया है। प्रदेश को विकासशील राज्य से विकसित राज्य बनाने के विजन से इस बजट को संकल्प का रूप दिया गया है. इस बजट में विभिन्न घोषणाओं से मध्यम वर्ग सहित प्रदेश के करोड़ो नागरिक लाभान्वित होंगे एवं प्रदेश विकास के नये आयाम के तरफ अग्रसर होगा.।

 

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Lokesh war waghmare - Founder/ Editor
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