बिलासपुर, सितंबर, 19/2026
बिलासपुर में बड़ा खुलासा: संदिग्ध बांग्लादेशी बताकर पकड़े गए 23 में 19 निकले भारतीय, 4 की जांच जारी..
अप्रवासियों, संदिग्ध घुसपैठिए, बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान को लेकर चलाए गए अभियान में बड़ा अपडेट सामने आया है।
बिलासपुर । सिरगिट्टी इलाके से संदिग्ध मानकर पकड़े गए 23 लोगों में से 19 लोगों के भारतीय नागरिक होने की पुष्टि हुई है। दस्तावेज और पहचान के सत्यापन के बाद इन्हें रायपुर के होल्डिंग/डिटेंशन सेंटर से रिहा कर दिया गया है। वहीं, बाकी 4 लोगों के दस्तावेजों की जांच अभी जारी है। सत्यापन पूरा होने के बाद ही इनके संबंध में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, राज्य शासन के निर्देश पर प्रदेश में अवैध अप्रवासियों, संदिग्ध घुसपैठियों और बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे लोगों की पहचान के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
इसी अभियान के तहत बिलासपुर जिले में करीब दो महीने तक लोगों के दस्तावेज और पहचान की जांच की गई। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान 1162 लोगों का सत्यापन किया गया, जिसमें 23 लोगों की पहचान और दस्तावेज संदिग्ध पाए गए।
इसके बाद 4 सितंबर को विशेष टास्क फोर्स ने सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए इन 23 लोगों को पकड़ा। शुरुआती जांच के बाद सभी को पहचान और दस्तावेजों के अंतिम सत्यापन के लिए रायपुर स्थित होल्डिंग/डिटेंशन सेंटर भेजा गया था।
पुलिस टीम ने इसके बाद पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद, जंगीपुर और आसपास के थाना क्षेत्रों में पहुंचकर संदिग्धों द्वारा बताए गए पते और दस्तावेजों का सत्यापन कराया।
रजनेश सिंह, एसएसपी, बिलासपुर
सत्यापन के दौरान 19 लोगों के दस्तावेज और पहचान सही पाए गए। संबंधित थाना क्षेत्रों से पहचान की पुष्टि होने के बाद इन्हें भारतीय नागरिक माना गया और डिटेंशन सेंटर से रिहा कर दिया गया।
अब पुलिस की जांच बाकी बचे 4 लोगों पर केंद्रित है। इनके अतिरिक्त दस्तावेज और पहचान से जुड़े रिकॉर्ड मंगाए जा रहे हैं। दस्तावेजों में कमी या संदेह पाए जाने पर संबंधित थाना और स्थानीय रिकॉर्ड के आधार पर दोबारा सत्यापन कराया जाएगा।
पुलिस की शुरुआती जांच में कुछ दस्तावेजों को लेकर सवाल भी उठे थे। बताया गया कि कुछ दस्तावेजों में पिता की जगह ससुर का नाम दर्ज था। इसके अलावा मूल निवास और पहचान से जुड़े दस्तावेजों में भी विसंगतियां सामने आई थीं।
इन्हीं आधारों पर पुलिस ने इन लोगों को संदिग्ध मानकर जांच शुरू की थी।
जांच में यह भी सामने आया कि इनमें से अधिकांश लोग सिरगिट्टी क्षेत्र में रहकर छोटे-मोटे काम करते थे। कुछ लोग बाल के बदले बर्तन देने, जबकि कुछ टेंट-पंडाल लगाने जैसे काम से जुड़े थे।
फिलहाल 19 लोगों के भारतीय नागरिक होने की पुष्टि के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया है, जबकि बाकी 5 लोगों के दस्तावेजों का सत्यापन जारी है।
यानी बिलासपुर में संदिग्ध नागरिकता के मामले में 23 लोगों पर हुई कार्रवाई के बाद अब तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। 19 लोग भारतीय निकले हैं, जबकि 4 लोगों की नागरिकता और दस्तावेजों को लेकर जांच अभी बाकी है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले में आगे की कार्रवाई सामने आएगी।
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