बिलासपुर सदैव शांति का टापू रहा है… लोग आपसी भाईचारे सौहार्द्र प्रेम के साथ रहते है… उनका वैभव लौट नहीं जाता तब तक मैं अपना जन्मदिन नहीं मनाउंगा : पूर्वमंत्री अमर अग्रवाल….
बिलासपुर, सितंबर, 26/2023
बिलासपुर सदैव शांति का टापू रहा है यहां विभिन्न समाज के लोग रहते हैं, जो फूलों की भांति एक गुलदस्ते में सज कर भिन्न-भिन्न रंगों के होते हुए भी उसे आकर्षक बना देते हैं वैसा ही हमारा बिलासपुर शहर है। पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने रविवार को प्रतिभावान सम्मान समारोह एवं बुजुर्गों के सम्मान में आयोजित एक समारोह में उक्त विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बिलासपुर सदैव एक शांत शहर रहा है। यहां लोग आपसी भाईचारे सौहार्द्र प्रेम एवं सदभाव पूर्वक रहते हैं। यहां के इतिहास में कभी भी किसी प्रकार से अप्रिय सांप्रदायिक संबंध देखने को नहीं मिला है। जो देश में एक अनोखी मिसाल कायम करता है। इसीलिए बिलासपुर को सदैव रहने के लिए एक सबसे बढ़िया और सुंदर शहर माना जाता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से यहां आपराधिक मामले बढ़ गये खुले आम वरिष्ठ नेताओं के संरक्षण में यह कारोबार फल-फूल रहा है। बिलासपुर में आत्महत्याओं की घटनाओं में वृद्धि हुई जो नेताओं के संरक्षण में फल फूल रहा है। मुझे यहां की तीन अलग-अलग घटनाएं उद्वेलित करती है। इसमें एक बच्चे की आत्महत्या का मामला है। जो एक कांग्रेसी नेता के पुत्र की है इस दिन प्रदेश के मुखिया भी यहीं थे किन्तु उनके परिजनों द्वारा जांच की मांग करने के बाद भी उन्हें कोई न्याय नहीं मिला। यहां अपराधी अपराधिक घटनाओं के बाद खुले आम स्वच्छंद घूमते रहते हैं, लेकिन मेरे कार्यकाल के दौरान कभी ऐसी नौबत नहीं आई। अपराधों पर पूर्णतः अंकुश लगा हुआ था और किसी में अपराध करने की हिम्मत भी नहीं होती थी।

अमर अग्रवाल ने कहा कि मैंने बिलासा माता के समक्ष शपथ लिया है कि जब तक उनका वैभव लौट नहीं जाता तब तक मैं अपना जन्मदिन नहीं मनाउंगा। उन्होंने कहा कि आप सभी से मैं विनम्र आग्रह करता हूं कि बिलासपुर शांति प्रिय था उसे पुनः शांति का टापू बना दो। इसके वैभव को लौटा दो। मैंने इस वैभव को लौटाने का संकल्प लिया है जो आप सभी लागों के सहयोग से ही संभव है। शायद आप सभी लोग भी ऐसा ही चाहते होंगे। हम सभी का एक ही प्रयास होना चाहिए सुरक्षित, निर्भय जीवन जीने का ऐसा हमारा बिलासपुर शहर होना चाहिए। उन्होंने आज यहां 98 समाजों के 1100 से अधिक वरिष्ठजनों का सम्मान मंच पर फूलमाला, साल एवं श्रीफल भेंट कर किया। वहीं अन्य प्रमुख वरिष्ठजनों का उनके स्थान तक पहुंच कर सम्मान किया। इसी प्रकार 98 समाजों के विभिन्न क्षेत्रों में अपना नाम रोशन करने वाले प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सम्मान स्मृति चिन्ह प्रदान कर किया।

उन्होंने आगे कहा कि विगत 20 वर्षों में मैंने शहर के लिए क्या किया और नहीं किया इस पर मैं कुछ नहीं बोलुंगा क्योंकि आप सभी इससे वाकिफ हैं। मेरे कार्यकाल के समय लोग निर्भय रहकर कहीं भी आते जाते रहते थे और एक कहावत थी कि ’’न डर है ना भय है क्योंकि ये अमर भैया का शहर है’’। मैं इस मामले में सदैव एक संरक्षक की भांति आमजनों की रक्षा करने में सफल रहा। आप सब की कृपा मुझपर सदैव बनी रहे। मैं आप सभी उपस्थित जनों को प्रणाम करता हूं आप सबका आशीर्वाद मेरी पार्टी एवं मुझ पर बनी रहे। मैं आपकी आवाज बन कर रहूंगा।
कुंदन पैलेस में हजारों की संख्या में उपस्थित महिलाओं, वरिष्ठजनों, युवाओं और किशोर-किशोरियों की उपस्थिति के कारण पूरा मैदान खचाखच भरा हुआ था। इस दौरान सुमधुर संगीत की धुनों ने माहौल को खुशनुमा बना दिया और लोगों ने उत्तम लजीज भोजन का लुप्त उठाया। कार्यक्रम का संचालन श्री रमेश लालवानी ने किया।

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