बिलासपुर, जुलाई, 19/2025
छत्तीसगढ़ सराफा व्यवसाय संघ ने दिया पारदर्शी व्यापार का संदेश… सोने के आभूषण खरीदते समय बरतें ये 9 सावधानियां…
छत्तीसगढ़ सराफा व्यवसाय संघ ने ग्राहकों को किया जागरूक, ईमानदार व्यापार और पारदर्शिता पर दिया जोर…
छत्तीसगढ़ सराफा व्यवसाय संघ ने उपभोक्ताओं को स्वच्छ, पारदर्शी और नियमसम्मत आभूषण खरीदारी के लिए जागरूक करने हेतु विशेष संदेश जारी किया है। छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल सोनी का कहना है कि सोने के आभूषण खरीदना केवल एक लेन-देन नहीं, बल्कि यह ग्राहक के विश्वास और व्यापारी की ईमानदारी से जुड़ा निर्णय होता है। संघ से जुड़े सभी प्रतिष्ठित सराफा व्यवसायी सरकार द्वारा तय नियमों और पारदर्शी नीतियों का पालन करते हैं। इस पहल के तहत ग्राहकों को आभूषण खरीदते समय निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है।
सोने की दर पर नहीं, डिज़ाइन पर छूट: छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन की कहा सजग रहे उपभोक्ता
छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि सोने की कीमत पूरे देश में एक समान होती है, क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय बाजार और सरकारी टैक्स व्यवस्था पर आधारित होती है। ऐसे में कोई भी व्यापारी “कम दाम पर सोना” देने का दावा नहीं कर सकता।
यह दावा दरअसल एक मनोवैज्ञानिक प्रलोभन होता है – एक मार्केटिंग रणनीति जिसके तहत ग्राहकों को दुकान तक लाने के लिए झूठे या भ्रामक वादे किए जाते हैं।
दुकान पहुंचने के बाद अक्सर यह स्पष्ट किया जाता है कि 1000 या 2000 रुपये की छूट केवल डिज़ाइनर गहनों पर है, न कि वास्तविक सोने की कीमत पर। लेकिन आम ग्राहक इसे सोने की दर में छूट समझ बैठता है और भ्रमित हो जाता है ऐसे में उपभोक्ताओं को सजग रहने की जरूरत है, और खरीदारी से पहले स्पष्ट रूप से पूछना चाहिए कि छूट किस चीज़ पर दी जा रही है – सोने की दर पर, मेकिंग चार्ज पर, या केवल डिजाइन पर।
1. BIS हॉलमार्क की जांच करें
हर आभूषण पर BIS का लोगो और शुद्धता स्तर अंकित होना अनिवार्य है। जैसे कि:
22 कैरेट = 91.6%,
18 कैरेट = 75%,
14 कैरेट = 58.33% आदि।
2. मेकिंग चार्ज स्पष्ट रूप से पूछें
सामान्य जेवर में यह शुल्क 12% तक तथा डिज़ाइनर जेवर में 12% से 18% तक हो सकता है। यह बिल में स्पष्ट होना चाहिए।
3. पूरा कैलकुलेशन जांचें, कोई छुपा शुल्क न हो
आभूषण की कीमत, मेकिंग चार्ज और GST की जानकारी पारदर्शी तरीके से बिल में दर्ज होनी चाहिए।

4. हॉलमार्किंग शुल्क निर्धारित दर पर लें
सरकार द्वारा यह शुल्क ₹45 + GST प्रति आभूषण तय किया गया है। इससे अधिक वसूली नियमों के विरुद्ध है।
5. बिल अवश्य लें
बिल में कुल वजन, कैरेट, हॉलमार्क, मेकिंग चार्ज और रिटर्न/एक्सचेंज नीति स्पष्ट रूप से दर्ज होनी चाहिए।
6. रिटर्न और एक्सचेंज की शर्तें जानें
खरीदारी से पहले दुकानदार से यह जानकारी लें और उसे बिल में शामिल कराएं।
7. दिन का सोने का रेट अवश्य जांचें
खरीदारी से पहले उसी दिन का रेट मोबाइल या समाचार स्रोत से अवश्य देखें।
8. वजन में पारदर्शिता बरतें
स्टोन लगे आभूषण में स्टोन का वजन अलग से बताया जाना चाहिए। इसे सोने के वजन में नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
9. प्रश्न पूछना और जानकारी लेना ग्राहक का अधिकार है।
एक जागरूक ग्राहक ही ईमानदार व्यापार को मजबूती देता है।
संघ ने सभी ग्राहकों से अपील की है कि वे केवल प्रमाणित दुकानों से ही खरीदारी करें और हर लेन-देन में पारदर्शिता सुनिश्चित करें।
“सजग ग्राहक, सुरक्षित समाज और समृद्ध उद्योग की नींव हैं।”
छत्तीसगढ़ सराफा व्यवसाय संघ
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