बिलासपुर, जनवरी, 07/2026
कृषि कार्यों को प्राथमिकता, मजदूरों की कमी दूर करेगा नया रोजगार बिल..
विकसित भारत 2047’ के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा ऐतिहासिक : अमर अग्रवाल..
बिलासपुर। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री एवं बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल ने बुधवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार किया गया है, जो एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि रोजगार गारंटी और आजीविका मिशन से जुड़ा नया बिल ग्रामीण भारत के समग्र विकास की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा।
अमर अग्रवाल ने बताया कि नए बिल के तहत अब ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को 100 दिन के बजाय 125 दिन का रोजगार मिलेगा, जबकि अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में यह सीमा बढ़ाकर 150 दिन कर दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इस बिल को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संसद में इस विधेयक पर व्यापक चर्चा हुई, सभी दलों ने बहस में भाग लिया और चर्चा के बाद इसे पारित किया गया।
विपक्ष पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि “विकसित” और “राम” जैसे शब्दों से ही विपक्षी दलों को तकलीफ हो रही है।
अमर अग्रवाल ने ग्रामीण रोजगार योजनाओं के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 1980 के दशक से पहले भी देश में रोजगार आधारित योजनाएं अस्तित्व में थीं, जिन्हें समय-समय पर तत्कालीन सरकारों ने अलग-अलग नाम दिए और जरूरत के अनुसार बदलाव किए। उन्होंने बताया कि इंदिरा गांधी ने पुरानी योजनाओं को मिलाकर राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना बनाई, जिसे राजीव गांधी ने जवाहर रोजगार योजना का नाम दिया। इसके बाद सोनिया गांधी–मनमोहन सिंह सरकार ने 2004 में नरेगा और 2005 में मनरेगा नाम दिया।

इसी तरह आवास योजना के नाम परिवर्तन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहले यह ग्रामीण आवास योजना थी, जिसे 1985 में इंदिरा आवास योजना बनाया गया। अप्रैल 2005 में ग्रामीण विद्युतीकरण योजना का नाम बदलकर राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकारों ने लगभग 600 योजनाओं, संस्थानों और पुरस्कारों में नेहरू–गांधी परिवार का नाम जोड़ा।
अमर अग्रवाल ने कहा कि अब ग्रामीण भारत बदल चुका है। वर्ष 2011-12 में ग्रामीण गरीबों की संख्या 25.7 प्रतिशत थी, जो 2023-24 में घटकर 4.86 प्रतिशत रह गई है। आजीविका में विविधता आई है और पुराना मॉडल आज की जरूरतों से मेल नहीं खाता। इसी को ध्यान में रखते हुए नई योजना तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि कृषि कार्यों को प्राथमिकता देने के लिए 60 दिनों तक खेतिहर मजदूरों के लिए काम बंद रखा जाएगा, ताकि कृषि कार्यों में श्रमिकों की कमी न हो। साथ ही मनरेगा में जहां पहले 15 दिनों में भुगतान होता था, अब नए बिल में साप्ताहिक भुगतान की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकारों ने खेल रत्न पुरस्कार तक का नाम राजीव गांधी के नाम पर रखा, जबकि सरदार वल्लभभाई पटेल, सुभाषचंद्र बोस और लाल बहादुर शास्त्री जैसे महान नेताओं के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया गया। इसके विपरीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजभवन का नाम लोकभवन, राजपथ का नाम कर्तव्य पथ, रेस कोर्स रोड का नाम लोक कल्याण मार्ग और प्रधानमंत्री कार्यालय को सेवा तीर्थ का नाम देकर नई सोच का परिचय दिया है।
प्रेसवार्ता में अमर अग्रवाल के साथ भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विजय शंकर मिश्रा, भाजपा बिलासपुर शहर जिलाध्यक्ष दीपक सिंह, भाजपा बिलासपुर ग्रामीण जिलाध्यक्ष मोहित जायसवाल, महापौर पूजा विधानी, जिला मीडिया प्रभारी केके शर्मा, जिला सहप्रभारी दुर्गेश पाण्डेय तथा सोशल मीडिया प्रभारी देवेश खत्री उपस्थित रहे।
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