बिलासपुर, जनवरी, 10/2026
‘वी.बी. जी- राम-जी’ पर सियासी संग्राम, कांग्रेस का केंद्र पर हमला… मनरेगा पर ‘नाम बदलो–अधिकार घटाओ’ की सियासत, कांग्रेस करेगी प्रदेशव्यापी आंदोलन…
बिलासपुर। मनरेगा का नाम बदलकर वी.बी. राम-जी (V.B. G-RAM-G) किए जाने और योजना की मूल संरचना में बदलाव को लेकर सियासत तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ के पूर्व उप मुख्यमंत्री टी.एस. बाबा ने शनिवार को बिलासपुर में प्रेस वार्ता कर केंद्र की मोदी सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने और श्रमिकों के अधिकार सीमित करने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने इसे महात्मा गांधी के विचारों पर हमला बताते हुए प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है।
कांग्रेस ने कहा : अधिकार आधारित कानून को बनाया जा रहा प्रशासनिक योजना…
प्रेस वार्ता में टी.एस. बाबा ने कहा कि मनरेगा केवल रोजगार योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों के लिए कानूनी अधिकार था। इसके तहत प्रत्येक परिवार को 100 दिन का काम, न्यूनतम मजदूरी और समय पर भुगतान की गारंटी थी, लेकिन नई व्यवस्था में यह अधिकार खत्म कर सरकार की मर्जी पर निर्भर कर दिया गया है कि किसे, कब और कितना काम मिलेगा।
उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा के तहत गांवों में ग्राम पंचायत के माध्यम से स्थानीय विकास कार्य होते थे, जिससे पलायन रुकता था। अब काम का चयन, मजदूरी और कार्यस्थल का फैसला ऊपर से थोपे जाने की तैयारी है, जिससे योजना की आत्मा समाप्त हो रही है।

60:40 खर्च अनुपात से राज्यों पर बढ़ेगा बोझ..
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मनरेगा को कमजोर करने की दिशा में केंद्र सरकार ने 60:40 का खर्च अनुपात लागू कर दिया है। पहले जहां मजदूरी का बड़ा हिस्सा केंद्र वहन करता था, अब राज्यों को 40 प्रतिशत खर्च उठाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर राज्यों के लिए यह संभव नहीं होगा और इसका सीधा असर मजदूरों को मिलने वाले काम पर पड़ेगा।
टी.एस. बाबा ने कहा कि इससे मनरेगा धीरे-धीरे बंद होने की स्थिति में पहुंच जाएगी और गरीब मजदूर सबसे अधिक प्रभावित होंगे।
कोरोना में जीवनरेखा रही मनरेगा, अब छीना जा रहा सहारा…
कांग्रेस द्वारा जारी दस्तावेज़ों में दावा किया गया कि कोरोना महामारी के दौरान मनरेगा गरीबों के लिए आर्थिक सुरक्षा कवच साबित हुई थी। करोड़ों ग्रामीण परिवारों को इससे रोजगार मिला, लेकिन अब उसी योजना को खत्म करने की साजिश की जा रही है।
कांग्रेस का कहना है कि पिछले वर्षों में मनरेगा के तहत औसत कार्यदिवस लगातार घटे हैं और 100 दिन के रोजगार का लक्ष्य केवल कागजों तक सीमित रह गया है।
प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान…
प्रेस वार्ता में कांग्रेस जिलाध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री, शहर अध्यक्ष सिधांशु मिश्रा, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, अभय नारायण राय सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि मनरेगा और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन चलाएगी। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई केवल योजना के नाम की नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों के हक और सम्मान की है।
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