बिलासपुर, अप्रैल, 29/2026
बोर खनन पर ‘सेटिंग’ का खेल! कार्रवाई से बचाने पैसों की डिमांड ?,, सरकंडा पुलिस पर गंभीर आरोप ?… प्रशासन का बोर खनन पर बैन तो कैसे हो रही बोरिंग…
बिलासपुर। सरकंडा थाना क्षेत्र एक बार फिर विवादों के घेरे में है। इस बार मामला बोर खनन से जुड़ी गाड़ियों को लेकर कथित रिश्वतखोरी का है, जहां पेट्रोलिंग टीम पर कार्रवाई से बचाने के एवज में मोटी रकम मांगने का आरोप लगा है। पीड़ित ने सीधे तौर पर पुलिस कर्मियों पर डेढ़ लाख रुपए की मांग करने का गंभीर आरोप लगाया है।
मिली जानकारी के अनुसार, बिजौर में खड़ी बोर खनन गाड़ियों पर देर रात सरकंडा पुलिस की पेट्रोलिंग टीम शिकायत पर कार्रवाई करने पहुंची थी। टीम ने गाड़ियों को जब्त कर थाने ले जाने की बात कहकर दबाव बनाना शुरू किया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब उसने विरोध किया, तो कार्रवाई से बचाने के नाम पर करीब डेढ़ लाख रुपए की मांग की गई।
पीड़ित धर्मेंद्र कुमार पात्रे
बिल्हा निवासी धर्मेंद्र कुमार पात्रे ने इस पूरे मामले की शिकायत जिले के एसएसपी रजनेश सिंह से की है। प्रार्थी का कहना है कि उसने रिश्वत देने से साफ इनकार कर दिया, जिसके बाद पुलिस टीम ने उसकी दो गाड़ियों को जब्त कर लिया।
मामले में पुलिसकर्मी शैलेंद्र सिंह का नाम भी सामने आया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि इससे पहले भी संबंधित पुलिसकर्मी ने उससे रुपए लिए थे और बिना रोक-टोक काम कराने का भरोसा दिलाया था।
गर्मी में बोर खनन पर प्रशासन ने लगा रखा है…
मामले में दूसरा पहलू देखा जाए तो गर्मी ने बोर खनन पर प्रशासन ने बैन लगा रखा है इसके बावजूद बिना अनुमति के खेत में बोरिंग की जा रही थी शिकायतकर्ता का ऑफिस मोपका में है फिर उसकी गाड़ियां बिजौर के खेतों में क्यों थी पुलिस पेट्रोलिंग गई तब मौके पर गाड़ी चालू थी जिसमें ड्राइवर भी बैठा हुआ था साथ ही कई मजदूर भी वहां मौजूद थे पेट्रोलिंग पार्टी का कहना है कि मौके पर बोर खनन किया जा रहा था शिकायत पर जांच करने गए थे। पुलिस ने जो गाड़ियां जप्त की है वो दूसरे राज्य की है जिसका कोई मालिक अभी तक सामने नहीं आया है। लेकिन बिल्हा निवासी धर्मेंद्र कुमार पात्रे मौके पर आ कर अपनी गाड़ी बता रहा है। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की जांच और कार्रवाई कर रही है।
बाहरी राज्यों के नंबर की गाड़ियां जब्त…
जप्त की गई गाड़ियों में एक पर तमिलनाडु का नंबर TN 34 AD 1717 और दूसरी पर बेंगलुरू का नंबर KA 01 MU 5590 दर्ज है। हालांकि, मौके पर वाहन मालिक मौजूद नहीं था, जबकि बिल्हा निवासी धर्मेंद्र पात्रे खुद की गाड़ी होना बता रहा है। बिलासपुर में बोरिंग का काम करने वाले कुछ लोग अब बोर, चैन माउंटेन, पोकलेन जैसी गाड़ियां अन्य राज्यों से कम दामों में मंगवा कर यहां बोरिंग का काम करते है।
इस मामले में सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्या का कहना है कि एक मीडिया कर्मी से सूचना मिली थी कि बिजौर के खेत में बोर खनन किया जा रहा है जांच के लिए पेट्रोलिंग पार्टी भेजी गई थी और जिसकी सूचना तहसीलदार को भी दी गई तहसीलदार ने विधिवत कार्रवाई करते हुए गाड़ियों को जप्त कर थाने में रखा गया है। कार्रवाई होने पर अनर्गल आरोप लगाए जा रहे है।
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