• Sun. Jul 12th, 2026

News look.in

नज़र हर खबर पर

विनायका हाइट्स फिर विवादों में,, बिना सहमति बिल्डर के खाते में ट्रांसफर हुई लाखों की लोन राशि,, बिल्डर और बैंक अधिकारियों के खिलाफ अपराध दर्ज…

बिलासपुर, जुलाई, 12/2026

विनायका हाइट्स फिर विवादों में,, बिना सहमति बिल्डर के खाते में ट्रांसफर हुई लाखों की लोन राशि,, बिल्डर और बैंक अधिकारियों के खिलाफ अपराध दर्ज…

बिलासपुर। शहर के चर्चित विनायका हाइट्स एक बार फिर विवादों में आ गई है। इस बार फ्लैट खरीदार ने बिल्डर और सेंट बैंक होम फाइनेंस के अधिकारियों पर आपराधिक षड्यंत्र, फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी करने तथा उसकी जानकारी और सहमति के बिना बैंक ऋण की पूरी राशि बिल्डर के खाते में ट्रांसफर करने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता चन्द्रिका प्रसाद कुशवाहा ने वर्ष 2016 में विनायका हाइट्स में तीसरी मंजिल का फ्लैट क्रमांक 402 खरीदने के लिए लगभग 30 लाख रुपये में अनुबंध किया था। आरोप है कि परियोजना के प्रमोटर राजेश सेठ ने सेंट बैंक होम फाइनेंस से अपने अच्छे संबंध होने का भरोसा दिलाकर ऋण स्वीकृत कराने की प्रक्रिया शुरू कराई। शिकायत के मुताबिक बैंक अधिकारियों ने आवश्यक दस्तावेज लेकर करीब 23 लाख रुपये का होम लोन स्वीकृत कराया।

पीड़ित का आरोप है कि लोन स्वीकृत होने के बाद 18 फरवरी 2017 को फ्लैट की रजिस्ट्री उनके और उनकी पत्नी के नाम पर कराई गई, लेकिन उनकी सहमति के बिना ऋण की पूरी राशि सीधे राजेश सेठ और रजनी सेठ के खातों में जारी कर दी गई। आरोप है कि बैंक अधिकारियों ने निर्माण की वास्तविक स्थिति की जांच किए बिना चरणबद्ध तरीके से भुगतान कर दिया, जबकि फ्लैट का निर्माण अधूरा था।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि वर्ष 2019 में बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा परियोजना की संपत्ति पर कब्जे की कार्रवाई संबंधी नोटिस चस्पा किए जाने और समाचार पत्र में प्रकाशन के बाद उन्हें जानकारी मिली कि संबंधित जमीन और भवन पहले से ही बैंक ऑफ बड़ौदा के पास बंधक था। इसके बावजूद ऋण स्वीकृत कर भुगतान किए जाने पर शिकायतकर्ता ने बैंक अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

पीड़ित ने शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बिल्डर और बैंक अधिकारियों ने कथित रूप से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर भवन के नक्शे में फेरबदल किया तथा बंधक संपत्ति को भारमुक्त बताकर रजिस्ट्री कराई। शिकायत में तत्कालीन बैंक अधिकारियों शशि भूषण कर्ण, अपर्णा विश्वास, नितिन निगम, जॉली बी. फिलिप्स सहित अन्य कर्मचारियों की भूमिका की जांच की मांग की गई है।

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि वर्ष 2026 में बैंक के कुछ कर्मचारी उनके घर पहुंचे और कथित रूप से अभद्र व्यवहार करते हुए धमकी दी।

पहले से विवादों में रहा है सेंट बैंक होम फाइनेंस…

गौरतलब है कि सेंट बैंक होम फाइनेंस का नाम पहले भी विवादों में सामने आ चुका है। हाल ही में तोरवा थाना में शाखा प्रबंधक अपर्णा विश्वास और सहायक कर्मचारी नितिन निगम के खिलाफ धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज होने की जानकारी सामने आई थी, जिसकी जांच जारी है।

विनायका हाइट्स पर भी उठते रहे हैं सवाल…

विनायका हाइट्स भी लंबे समय से विवादों में रही है। स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि भवन का निर्माण स्वीकृत नक्शे के विपरीत किया गया है। इसके अलावा आवासीय भवन में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित किए जाने तथा घरेलू बिजली कनेक्शन का व्यावसायिक उपयोग किए जाने के आरोप भी लग चुके हैं। बिजली विभाग की विजिलेंस टीम द्वारा कार्रवाई किए जाने की भी जानकारी सामने आई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम को कई शिकायतें दिए जाने के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Author Profile

Lokesh war waghmare - Founder/ Editor
Latest entries
अपोलो की स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल,, तीन महीने से बंद एंबुलेंस सेवा,, मरीजों की जान से खिलवाड़ का आरोप,,  प्रबंधन को एक हफ्ते का अल्टीमेटम… शैलेश पाण्डेय ने आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर मांगा जवाब, व्यवस्था नहीं सुधरी तो उग्र आंदोलन की दी चेतावनी.. संवेदनाएं मर चुकी हैं, सेवा नहीं सिर्फ व्यवसाय कर रहा है अपोलो :  विजय केशरवानी
ऋण खाते में लाखों की हेराफेरी,, सेंट बैंक की ब्रांच मैनेजर और कर्मचारी पर धोखाधड़ी का केस दर्ज,,  लाखो के कथित गबन का मामला,, ईएमआई जमा करने के बाद भी मकान कुर्क करने की तैयारी का लगा आरोप,,
फर्जी डॉक्टर नहीं, उसे नियुक्त करने वाले अपोलो अस्पताल प्रबंधन की भी तय हो जवाबदेही… अपोलो प्रबंधन को दी गई कथित क्लीन चिट पर कांग्रेस ने उठाए गंभीर सवाल…

You missed