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हनी ट्रैप: छग में वायरल जिन 2 पन्नो से फैली हलचल वो निकला फर्जी, SIT को ऐसे कोई दस्तावेज नहीं मिले

जिस पन्ने का श्वेता जैन की डायरी होने का दावा, उसे सादे कागज पर फर्जी तरीके से बनाया गया

इंदौर / मध्यप्रदेश के इंदौर के चर्चित हनी ट्रैप कांड की मास्टर माइंड श्वेता जैन के डायरी के पन्नों के वॉयरल होने पर शुक्रवार को आखिरकार विराम लग गया। जिस पन्ने को श्वेता जैन का होना बताया जा रहा है, वह एसआईटी को मिली डायरी का पन्ना ही नहीं है, बल्कि वॉयरल पन्ना सादा कागज है और उस पर फर्जी तरीके से नाम लिखकर वॉयरल किया गया है। इस लेकर एसएसपी इंदौर रुचिवर्धन मिश्रा ने कहा, श्वेता जैन के डायरी के जिस पन्ने को वॉयरल किया जा रहा है, वह फर्जी है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम को ऐसी कोई डायरी नहीं मिली है, जिसमें छत्तीसगढ़ का जिक्र किया गया है। गिरोह की मास्टरमाइंड श्वेता जैन, बरखा सोनी, आरती समेत पांचों महिलाओं का बयान दर्ज किया जा रहा है। उनके बयान में क्लू मिलने के बाद ही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम छत्तीसगढ़ जा सकती है।

डायरी में छग के दो दर्जन नाम

पुलिस एक्सपर्ट के मुताबिक जिस पन्ने को वॉयरल कर श्वेता जैन की डायरी का होने का दावा किया जा रहा है, वह डायरी का पन्ना नहीं है। उसे पुराने सादे पन्ने पर लिखा गया है। इस पन्ने की लिखावट बेहद नई है, लेकिन उसे धुल से रगड़कर पुराना बनाने की कोशिश की गई है। यही नहीं, पन्ने के शुरुआत में छत्तीसगढ़ के पंछी लिखा है, लेकिन श्वेता की डायरी में इसका कहीं भी जिक्र नहीं है। और भी कई पहलू हैं, जिससे साफ है, वॉयरल पन्ना डायरी का नहीं है।

कोडवर्ड में नहीं लिखा है नाम

जानकारों की मानें तो वॉयरल पन्ने में कोडवर्ड में लिखे आरएम, एमजी समेत अन्य काेडवर्ड नेम डायरी में दर्ज ही नहीं हैं। श्वेता की डायरी में हिसाब नहीं, बल्कि लोगों का पूरा नाम, एड्रेस और मोबाइल नंबर ही दर्ज हैं। उनके एनजीओ का हिसाब अलग रजिस्टर में दर्ज किया गया है, जिसकी छायाप्रति ठेका लेने वाले विभाग में जमा की गई है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम के बयान से साफ है, डायरी के पन्नों की उपज छत्तीसगढ़ की है और सिर्फ बदनाम करने की नीयत से बनाकर वॉयरल किया गया है।

छग के अफसरों से हो सकती है पूछताछ

सूत्रों के मुताबिक वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग करने वाले गिरोह की सरगना ने बयान में भोपाल, इंदौर, छतरपुर और छत्तीसगढ़ के कुछ अफसरों का नाम कबूल किया है, जिनसे उसके संबंध थे और एनजीओ का काम लिया है। एसआईटी श्वेता जैन समेत सभी पांच महिलाओं को लेकर शुक्रवार को भोपाल रवाना हुई है।

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Lokesh war waghmare - Founder/ Editor
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