
बिलासपुर // 09 अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक मनाए जा रहे मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सप्ताह में‘विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस’ मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता लाने और मानसिक स्वास्थ्य के सहयोगात्मक प्रयासों को संगठित करने के उद्देश्य से राज्य मानसिकचिकित्सालय सेंदरी द्वाराकई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
राज्य मानसिक चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. बीआर नंदा ने बताया हर साल की तरह इस बार भी विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस10 अक्टूबर को मनाया जा रहा है। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस को लेकर इस वर्ष 2020 की थीम “मानसिक स्वास्थ्य सभी के लिए अधिक निवेश अधिक पहुंच”है।
इस बार हमें कोरोना महामारी को ध्यान में रखकर सामाजिक दूरी बनाकर लोगों को इस विषय पर जागरूक करना है। आयोजित होने वाले कार्यक्रम में 9 अक्टूबर को सुबह 11बजे से रेडियो वार्ता का आयोजन किया जाएगा । इसका प्रसारण विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के दिन 10 अक्टूबर को आकाशवाणी में किया जाएगा। इसमें अस्पताल अधीक्षक डॉ. बीआर नंदा, मनोरोग चिकित्सक डॉ. मल्लिकार्जुन राव और डॉ. आशुतोष तिवारी लोगों को मेंटल हेल्थ पर जागरूक करेंगे।
इसके अलावा डीपी विप्र कॉलेज में मेंटल हेल्थ पर ऑनलाइन वर्कशॉप का आयोजन किया जा रहा है। इसमें मनोरोग चिकित्सक डॉ. मल्लिकार्जुन और प्रशांत पाण्डेय जानकारी देंगे। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के मौके पर अस्पताल में भर्ती मनोरोगियों व ओपीडी में आने वाले मरीजों के परिजनों को पंपलेट बांटकर और मेंटल हेल्थ के बारे में जानकारी देकर जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही 11 व 12 अक्टूबर को बाल संप्रेषण गृह में जाकर गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।‘’
अकेले रहने वाले अवसाद के शिकार…
मनोरोग चिकित्सक डॉ. मल्लिकार्जुन राव ने बताया वर्तमान में कोरोना संक्रमण के चलते लोग अपनी व अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित है। वह डर के मारे लोगों से मिल नहीं रहे हैं और अकेले रह रहे हैं। यही चिंता लोगों में डिप्रेशन या अवसाद में बदल रही है।ऐसे में चाहिए कि जिन लोगों को मानसिक अवसाद की समस्या हो उन्हें अकेला नहीं छोड़ना चाहिए क्योंकि अधिकतर अकेले में रहने वाले डिप्रेशन और अवसाद के चलते गलत कदम उठाने की सोचने लगते हैं। कोविड-19 के इस संक्रमण काल के दौरान ज्यादातर लोगों में मेंटल इलनेस होने के बाद भी लोग बीमारी से जूझते रहते हैं और समाज व परिवार में जागरुकता के अभाव में मनोरोग चिकित्सक से परामर्श का लाभ नहीं ले पाते हैं। ऐसे लोगों को ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है।
क्या हैं लक्षण…
मानसिक रोग कई प्रकार के होते है। इनमें डिमेंशिया, डिस्लेक्सिया, डिप्रेशन, तनाव, चिन्ता, कमजोर याददाश्त, बाइपोलर डिसआर्डर, अल्जाइमर रोग, भूलने की बीमारी आदि शामिल हैं। अत्यधिक भय व चिन्ता होना, थकान और सोने में समस्याएं होना, वास्तविकता से अलग हटना, दैनिक समस्याओं से निपटने में असमर्थ होना, समस्याओं और लोगों के बारे में समझने में समस्या होना, शराब व नशीली दवाओं का सेवन, हद से ज्यादा क्रोधित होना आदि मानसिक बीमारी के लक्षण हैं।
क्या करें…
डॉ. राव का कहना है यदि किसी को मानसिक बीमारी है तो उन्हें मानसिक तनाव को नियंत्रित करना होगा, नियमित चिकित्सा पर ध्यान देना होगा, पर्याप्त नींद लेनी होगी। समस्या से ग्रसित व्यक्ति पौष्टिक आहार लें व नियमित व्यायाम करें। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर जारी निशुल्क सेवा के लिए सभी जिलों के लोगों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं के निदान के लिए डायल 104 पर कॉल कर भी जरुरी परार्मश ले सकते हैं।
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