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बैंकों की लापरवाही या मिलीभगत ?,,चोरी के जेवर खपाने का आसान जरिया बना गोल्ड लोन ? बैंकिंग प्रक्रिया पर सख्ती की मांग… सराफा एसोसिएशन ने उठाए सवाल…

बिलासपुर, अप्रैल, 17/2026

बैंकों की लापरवाही या मिलीभगत ?,,चोरी के जेवर खपाने का आसान जरिया बना गोल्ड लोन ? बैंकिंग प्रक्रिया पर सख्ती की मांग… सराफा एसोसिएशन ने उठाए सवाल…

बिलासपुर। शहर में बढ़ती चोरी और लूट की घटनाओं के बीच अब एक नया पहलू सामने आया है। सराफा व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि चोरी के जेवरातों को बैंकों में गिरवी रखकर आसानी से ‘गोल्ड लोन’ लिया जा रहा है, जिससे अपराधियों को सुरक्षित ठिकाना मिल रहा है। इस मुद्दे को लेकर बिलासपुर सराफा एसोसिएशन ने गहरी चिंता जताई है और गोल्ड लोन प्रक्रिया में सख्ती की मांग की है।

हाल ही में सिविल लाइन पुलिस ने एक शातिर चोर और एक फाइनेंस कंपनी के मैनेजर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि चोर ने चोरी के गहनों को गिरवी रखकर लोन लिया, जबकि मैनेजर ने इसकी जानकारी होने के बावजूद गहनों को गलाकर ठिकाने लगाने की कोशिश की। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 40 ग्राम पिघला हुआ सोना बरामद किया है।

छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल सोनी ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि अपराधी अब चोरी का माल खपाने के लिए बैंकों का सहारा ले रहे हैं। उनका आरोप है कि कई मामलों में बैंक बिना खरीद बिल या आभूषणों के स्रोत की गहन जांच किए बिना ही लोन स्वीकृत कर देते हैं, जिससे अपराधियों का मनोबल बढ़ रहा है।

उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि यदि कोई व्यक्ति भारी मात्रा में पुराने जेवर लेकर बैंक पहुंचता है, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस और सराफा एसोसिएशन को दी जाए। साथ ही, गोल्ड लोन लेने के दौरान ग्राहक के साथ परिवार के सदस्य की उपस्थिति भी अनिवार्य की जाए।

सख्त नियमों की मांग

सराफा एसोसिएशन ने सुझाव दिया है कि गोल्ड लोन प्रक्रिया में मूल खरीद बिल को अनिवार्य किया जाए, केवाईसी (KYC) नियमों का कड़ाई से पालन हो और संदिग्ध लेनदेन की जानकारी पुलिस के साथ साझा की जाए। इसके अलावा, बैंक, पुलिस और सराफा व्यापारियों के बीच एक समन्वित नेटवर्क बनाने की भी मांग की गई है, ताकि चोरी के जेवरों की पहचान और रोकथाम प्रभावी ढंग से हो सके।

व्यापारियों का कहना है कि जहां वे संदिग्ध ग्राहकों से दूरी बनाकर नियमों का पालन करते हैं, वहीं कुछ बैंक अपने टार्गेट पूरे करने के दबाव में सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे हैं, जो न केवल अनैतिक है बल्कि कानून व्यवस्था के लिए भी चुनौती बनता जा रहा है।

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Lokesh war waghmare - Founder/ Editor

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