महिला कर्मचारी के शिकायत पर जिला कार्यक्रम अधिकारी के विरुद्ध बनी जांच समिति
बिलासपुर // महिला एवं बाल विकास विभाग में वर्षों से बिलासपुर में पदस्थ चर्चित जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेश सिंह के खिलाफ सरकंडा की पर्यवेक्षक अणिमा मिश्रा ने आवाज बुलंद करने की हिम्मत दिखाई है । उसके खिलाफ आर्थिक और मानसिक रूप से लगातार प्रताड़ित करने की अनेकों बार शिकायत के बाद विभाग की डायरेक्टर दिव्या मिश्रा ने शिकायतो की जांच के लिए 3 सदस्यीय कमेटी का गठन कर कर दिया है । संभव है इस शिकायत के बाद और भी प्रताड़ित भुक्तभोगी शिकायत करने आगे आ सकते है। हालांकि इस बात में संदेश ही है कि शिकायतकर्ता महिला को कितना न्याय मिलेगा क्योंकि लगभग 2 वर्ष पूर्व भी एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने उक्त अधिकारी के विरुद्ध मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के साथ एट्रोसिटी के तहत शिकायत दर्ज कराई थी शिकायतकर्ता के पास स्वतंत्र गवाह भी थे किंतु अपने राजपत्रित श्रेणी का अधिकारी होने का दबाव डालकर जांच को मैनेज कर दिया गया।

महिला एवं बाल विकास विभाग में भाजपा शासन काल के दौरान कुछ ही अंतराल के भीतर लगातार बिलासपुर में वर्षों से पदस्थ जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेश सिंह के कारनामे वैसे तो समय समय पर सुनने को मिलते रहते है लेकिन उनके खिलाफ पहली बार कोई महिला पर्यवेक्षक ने खुलकर गंभीर आरोप लगाते हुए विभागीय स्तर पर शिकायत की है । सरकंडा जोन में पदस्थ पर्यवेक्षक अणिमा मिश्रा जो गंभीर बीमारियों से ग्रसित है की शिकायत पर यू ही जांच कमेटी नही बनी है बल्कि उसने अपनी व्यथा लगातार कलेक्टर, कमिश्नर से बतौर शिकायत करने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उसने अपने विभाग के डायरेक्टर को शिकायत का पुलिंदा भेजा। प्राप्त गंभीर शिकायतो और आरोपों के मद्देनजर डायरेक्टर ने इसकी जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बना है। पर्यवेक्षक अणिमा मिश्रा है तो सरकंडा जोन में मगर उनकी अस्वस्थता और मेडिकल रिपोर्ट के बाद भी जिला कार्यक्रम अधिकारी ने उसकी ड्यूटी शहर से दूर सेंदरी और बेल तरा में कोविड जांच सेंटर में लगा दिया था जबकि काम करने में सक्षम युवा महिलाओं की ड्यूटी कार्यालय और शहर के केंद्रों में लगा रखे है ।मेडिकल रिपोर्ट में अणिमा मिश्रा को कोविद टीका लगवाने की बाध्यता नहीं थी लेकिन उसे कोविड़ टीका नही लगवाने को लेकर प्रताड़ित करते हुए मीटिंग से बाहर निकलवा दिया गया था।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बदनीयती पूर्वक उसका मई माह का वेतन भी रुकवा दिया था ।उसकी गलती सिर्फ इतनी है कि वह जिला कार्यक्रम अधिकारी के इच्छानुरूप काम न करके विभाग के नियमो के अनुरूप काम करती है । अणिमा मिश्रा ने मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना से त्रस्त होकर डायरेक्टर से शिकायत की तब कही जाकर शिकायतों की जांच के लिए कमेटी की घोषणा की गई है।जांच कमेटी को 15 दिवस के भीतर रिपोर्ट पेश करने कहा गया है ।जांच कमेटी के अध्यक्ष महिला एवं बाल विकास विभाग में
संचालनालय में पदस्थ उप संचालक आर जे कुशवाहा है वही जांच कमेटी में क्षेत्रीय महिला प्रशिक्षण संस्थान बिलासपुर में पदस्थ उप संचालक श्रीमती निशा मिश्रा और श्रीमती अभिलाषा बेहार को सदस्य बनाया गया है ।
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