बिलासपुर, अगस्त, 30/2024
बिलासपुर : सिम्स हॉस्टल में बढ़ते चोरी के मामले, डॉक्टरों की सुरक्षा पर सवाल…100 से ज्यादा गार्ड फिर भी नही रुक रही चोरी की वारदात… तीसरी आंख में भी पट्टी…
बिलासपुर संभाग के सबसे बड़े सिम्स अस्पताल के हॉस्टल में एक बार फिर चोरी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में, हॉस्टल में रहने वाले एमबीबीएस छात्र डॉ. साकेत सुमन और उनके दोस्त विवेक वर्मां के कमरे से महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चोरी हो गए। यह घटना 28 अगस्त की रात की है, जब डॉ. साकेत और विवेक अपने कमरे में सो रहे थे। सुबह उठने पर उन्होंने पाया कि उनके कमरे से एक आईफोन, एक आईपैड, और एक आईपैड प्रो पेंसिल गायब थे।
चोरी की इस घटना ने न केवल हॉस्टल में रह रहे छात्रों को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। यह मामला दर्शाता है कि हॉस्टल जैसे सुरक्षित माने जाने वाले स्थानों में भी चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, और यहां रहने वाले छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीरता से सोचने की जरूरत है।
सीसीटीवी कैमरों से उम्मीद…
चोरी की घटना के बाद छात्रों ने तुरंत इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हॉस्टल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, यह पहला मौका नहीं है जब सिम्स हॉस्टल में चोरी की घटना सामने आई हो। इससे पहले भी ऐसे कई मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें छात्रों के कीमती सामान चोरी हुए हैं।
सीसीटीवी कैमरों से आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन यह सवाल उठता है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पहले से ही उचित सुरक्षा उपाय क्यों नहीं किए जाते? क्या सीसीटीवी कैमरों की निगरानी समय पर नहीं की जा रही है, या फिर सुरक्षा कर्मियों की कमी के कारण ऐसी घटनाएं हो रही हैं?

हॉस्टल में देर रात घुसे संदिग्ध युवक की सीसीटीवी में कैद तस्वीर
छात्रों में असुरक्षा का माहौल…
इस घटना के बाद हॉस्टल में रहने वाले छात्रों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। वे अपने कीमती सामानों को लेकर चिंतित हैं और यह सोचने पर मजबूर हैं कि क्या उनके लिए हॉस्टल में रहना सुरक्षित है।
छात्रों का कहना है कि संस्थान को उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए। इसके अलावा, हॉस्टल के प्रवेश और निकास पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और नियमित जांच-पड़ताल की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
प्रशासन की जिम्मेदारी…
संस्थान का प्रशासन इस घटना के बाद क्या कदम उठाता है, यह देखने वाली बात होगी। लेकिन यह साफ है कि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को और भी ज्यादा सतर्क और जिम्मेदार होना पड़ेगा। चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए, संस्थान को न केवल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना होगा, बल्कि छात्रों के बीच भी जागरूकता फैलानी होगी कि वे अपने कीमती सामानों को सुरक्षित रखें।
सिम्स हॉस्टल में हुई इस ताजा घटना ने एक बार फिर से यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि हमारे शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा को लेकर कितनी लापरवाही बरती जा रही है। यह समय है जब सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और हर संभव उपाय किए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों और छात्र बिना किसी डर के अपने अकादमिक लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
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