बिलासपुर, जनवरी, 21/2025
भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में बिलासपुर के छात्र दिव्यवीर की ‘ द गार्जियन स्टिक’ का चयन… कलेक्टर और एसपी नेे दी शुभकामनाएं…
भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में बिलासपुर के छात्र दिव्यवीर के प्रोजेक्ट का चयन राष्ट्रीय स्तर पर किया गया है। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में देशभर से 20 प्रोजेक्ट चुने गए जिनमें छत्तीसगढ़ के चार प्रोजेक्ट शामिल हैं, छात्र दिव्यवीर ने कलेक्टर, एसपी से मिलकर प्रोजेक्ट की जानकारी दी। कलेक्टर एसपी ने छात्र को शुभकांमनाए दी हैं।
राष्ट्रीय स्तर के लिए बिलासपुर के छात्र दिव्यवीर ने ‘ द गार्जियन स्टिक’ का निर्माण किया है। यह स्टिक वृद्धजनों, दिव्यांगों खासकर दृष्टिबाधितों के लिए उपयोगी है। इसके इस्तेमाल से उनका चलना-फिरना आसान होगा साथ ही अचानक आई आपदा से भी वे निपट सकेंगे। इसमें सेंसर के साथ झटका देने वाला डिवाइस लगाया गया है, जिससे छोटे-मोटे जीव जंतु को दूर भगाया जा सकता है। वहीं हादसे का शिकार होने पर छड़ी के जरिए दिव्यांग के परिजनों को को इसकी सूचना मिल जाएगी। दिव्य वीर ने अपने स्कूल की प्रिंसिपल निवेदिता के साथ कलेक्टर अवनीश शरण और एसपी रजनेश सिंह से मुलाकात की और प्रोजेक्ट के विषय में जानकारी दी। कलेक्टर और एसपी ने प्रोजेक्ट तैयार करने वाले छात्र की प्रशंसा करते हुएं बधाई दी।

उल्लेखनीय है कि 31 वें राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में छत्तीसगढ़ के चार बाल वैज्ञानिकों ने अपना परचम लहराया है। इसमें बिलासपुर के दिव्यवीर सिंह की ‘ द गार्जियन स्टिक’ रायपुर की शिखा देवांगन के ‘ ग्रेन प्रोटेक्शन पिल’, कोंडागांव की भूमिका पद्माकर के ‘ कार्बन फुटप्रिंट’ और सूरजपुर की प्रतिमा प्रजापति के ‘ मेकिंग हार्ड बोर्ड फ्रॉम मेज’ प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय स्तर के लिए चुना गया है। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में पहली बार छत्तीसगढ़ से एक साथ 4 प्रोजेक्ट का चयन किया गया है। 31वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का आयोजन मैप कास्ट, रविंद्र भवन भोपाल में 3 से 6 जनवरी तक किया गया। इसमें छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश व 4 खाड़ी देशों के बाल वैज्ञानिकों ने अपने प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए।
छत्तीसगढ़ से चयनित 16 बाल वैज्ञानिकों ने अपने प्रोजेक्ट पेश किए। इनमें से छत्तीसगढ़ राज्य से चार उत्कृष्ट परियोजनाओं का चयन किया गया। इसमें कार्बन फुटप्रिंट, मैंन प्रोटेक्शन पिल, मेकिंग हार्ड बोर्ड फ्रॉम मेज और द गार्जियन स्टिक प्रोजेक्ट को उत्कृष्ट पाया गया। इनका चयन उत्कृष्ट 20 परियोजनाओं में हुआ है। बिलासपुर के दिव्यवीर सिंह ने स्कूल की प्रिंसिपल निवेदिता शोम और स्कूल के शिक्षकों के मार्गदर्शन में इस प्रोजेक्ट को तैयार किया। छात्र के बनाए इस प्रोजेक्ट की प्रशंसा अब देश में ही नहीं बल्कि शीघ्र ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी होने वाली है। जल्द ही इस प्रोजेक्ट को पेटेंट कराया जाएगा।

Author Profile
Latest entries
बिलासपुर05/10/2026गांजा तस्करी मामले के बाद अब आय से अधिक संपत्ति का केस, बर्खास्त आरक्षक संतोष राठौर पर ACB का शिकंजा..
अपराध04/10/2026गैस मीटर विवाद में Eden Court निवासी धीरज पर जातिसूचक टिप्पणी, अभद्र व्यवहार और धमकी देने का आरोप ग्रीन सर्विस के सुपरवाइजर ने थाना अजाक में शिकायत देकर SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की
राजनीति04/10/2026बेलतरा में सियासी घमासान: विधायक पर कथित दबाव और बदले की राजनीति के आरोप, 13 अक्टूबर को कलेक्टर कार्यालय घेरेंगे जनप्रतिनिधि
बिलासपुर03/10/2026गांधी जयंती पर ‘हमर अरपा : स्वच्छता अभियान’ 400 से अधिक Helping Hands ने लिया हिस्सा, स्वच्छता के साथ जनजागरूकता का दिया संदेश..
