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स्मार्ट मीटर और बढ़े बिजली बिल के खिलाफ कांग्रेस का राज्यव्यापी आंदोलन,, 2 अगस्त से घर-घर अभियान,, दाम घटाने और 400 यूनिट हाफ योजना बहाल करने की मांग…

बिलासपुर, अगस्त, 01/2026

स्मार्ट मीटर और बढ़े बिजली बिल के खिलाफ कांग्रेस का राज्यव्यापी आंदोलन,, 2 अगस्त से घर-घर अभियान,, दाम घटाने और 400 यूनिट हाफ योजना बहाल करने की मांग…

बिलासपुर। स्मार्ट मीटर, बढ़े हुए बिजली दरों और 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना को फिर से लागू करने की मांग को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। आंदोलन की शुरुआत 1 अगस्त से सभी जिला मुख्यालयों में पत्रकार वार्ता के माध्यम से की गई। इसी क्रम में बिलासपुर कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा और ग्रामीण जिलाध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने राज्य सरकार पर बिजली उपभोक्ताओं पर लगातार आर्थिक बोझ डालने का आरोप लगाया।

प्रेस वार्ता में पूर्व विधायक शैलेश पांडे, पूर्व जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी, पूर्व अध्यक्ष विजय पांडे, पूर्व यूथ कांग्रेस अध्यक्ष शेरू असलम सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

महेंद्र गंगोत्री ने बताया कि 2 अगस्त से कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जाकर स्मार्ट मीटर हटाने और बिजली दरों में बढ़ोतरी वापस लेने की मांग को लेकर आवेदन भरवाएंगे। यह अभियान दो महीने तक चलेगा। इसके बाद सभी जिलों में एकत्रित आवेदन लेकर बिजली कार्यालयों का घेराव किया जाएगा और संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर पावती ली जाएगी। इसके बाद प्रदेशभर से मिली पावतियों के साथ मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने जुलाई से घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट, गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे तथा कृषि पंपों की बिजली दर में 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की है। उनका कहना है कि भाजपा सरकार बनने के बाद यह पांचवीं बार बिजली दरें बढ़ाई गई हैं। इसके अलावा 12 प्रतिशत विद्युत ईंधन अधिभार (एफपीपीए) भी लगाया गया है, जिससे सरकार बनने के बाद अब तक बिजली दरों में कुल 31.23 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है।

शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ महीनों से 30 दिन के बजाय 35 दिन की मीटर रीडिंग की जा रही है, जिससे यूनिट अधिक दर्ज हो रही है और उपभोक्ता छूट से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल तीन से चार गुना तक बढ़कर आ रहे हैं तथा बिना उपभोक्ता की सहमति के अनुबंध भार (लोड) बढ़ाकर अतिरिक्त अर्थदंड भी लगाया जा रहा है। उन्होंने स्मार्ट मीटर को “स्मार्ट नहीं, अडानी मीटर” बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की।

कांग्रेस का दावा है कि बिजली बिल बढ़ने के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं। बिजली दरों में लगातार वृद्धि, 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना का बंद होना और स्मार्ट मीटर के जरिए अधिक खपत दर्ज होना। पार्टी ने यह भी कहा कि संसद में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अप्रैल 2026 में स्पष्ट किया था कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर किसी भी उपभोक्ता पर अनिवार्य रूप से नहीं लगाए जा सकते और उपभोक्ता की सहमति के बिना सामान्य मीटर को स्मार्ट मीटर में बदलना उचित नहीं है।

पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने कहा कि सरकार को ऐसी योजनाएं लागू करने से पहले जनता की राय लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र में करीब 1.75 लाख और ग्रामीण क्षेत्रों में ढाई लाख से अधिक बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जिनके पास स्मार्टफोन तक नहीं है। ऐसे में उनसे मोबाइल ऐप के जरिए बिजली प्रबंधन की अपेक्षा करना व्यावहारिक नहीं है।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें

बिजली दरों में की गई वृद्धि तत्काल वापस ली जाए।

400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना दोबारा लागू की जाए।

स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया वापस ली जाए।

कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में स्मार्ट मीटर को लेकर पुनर्विचार किया गया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार से भी जनहित में स्मार्ट मीटर योजना वापस लेने और बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की।

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Lokesh war waghmare - Founder/ Editor
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