बिलासपुर, दिसंबर, 26/2024
लोकबंद को स्वतंत्र ग्राम पंचायत बनाने की मांग… नहीं तो करेंगे चुनाव बहिष्कार…
करगीखुर्द गांव के आश्रित गांव लोकबंद को स्वतंत्र ग्राम पंचायत बनाए जाने की मांग को लेकर लोकबंद के ग्रामीण पिछले कई वर्षों से कलेक्ट्रेट का चक्कर लगाने पर मजबूर है, ग्रामीणों का कहना है कि आश्रित ग्राम होने की वजह से समस्त ग्राम वाशियो को सड़क, पानी, बिजली,स्कूल और अस्पताल जैसी सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है, परेशान ग्रामीणों ने अंतिम बार कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपकर सीधे तौर पर आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है।
दरअसल लोक बंद के ग्रामीण पिछले कई वर्षों से लोक बंद गांव को करगीखुर्द से अलग स्वतंत्र ग्राम पंचायत की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट का चक्कर काट रहे है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2011 के जनगणना के मुताबिक उस वक्त उनके गांव के लोगों की जनसंख्या करीब 890 थी,जो अब बढ़कर करीब 1350 हो गई है। नियमानुसार एक हजार के आबादी वाले गांव को स्वतंत्र ग्राम पंचायत बनाया जाने का नियम है। इसको लेकर कई बार कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा गया। इसके बाद भी लोक बंद को स्वतन्त्र ग्राम पंचायत का दर्जा नहीं मिला। लोक बंद से आए ग्रामीणों ने बताया कि इस बार कलेक्ट्रेट में अंतिम ज्ञापन सौंपा गया है। इसके एक महीने के भीतर अब भी लोक बंद को स्वतन्त्र ग्राम पंचायत नहीं बनाया जाता है तो समस्त ग्रामवासी आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 का पूर्णतः बहिष्कार करेंगे।
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