बिलासपुर, अप्रैल, 26/2025
बिना दवा रोग मुक्त… आरोग्य कलश की आधुनिक चिकित्सा पद्धति MHRS से बीमारियों का बिना दवा उपचार..
आज की आधुनिक चिकित्सा प्रणाली जहां दवाओं और सर्जरी पर निर्भर है, वहीं ‘आरोग्य कलश’ संस्था ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक नई क्रांति लाने का दावा किया है। संस्था के ‘कबीर शोध संस्थान’ द्वारा विकसित MHRS (Mid Head Root Solutions) तकनीक के माध्यम से मानसिक रोग, हृदय रोग, लकवा, गठिया, मधुमेह (शुगर), माइग्रेन, थायराइड, गर्दन व कमर दर्द जैसी असाध्य बीमारियों का उपचार बिना दवा और सर्जरी के संभव बताया जा रहा है।
बिलासपुर के प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, आरोग्य कलश के संस्थापक ज्ञानी दास मानिकपुरी MHRS प्रवर्तक जनक ने इस नई पद्धति की विस्तृत जानकारी दी। उनका कहना है कि MHRS तकनीक के जरिए रोगों का निदान बिना दर्द और समाधान बिना किसी साइड इफेक्ट के किया जा सकता है।
संस्थान के अनुसार, मात्र 10 मिनट में पैर की त्वचा की जांच के माध्यम से शरीर में रक्त संचार और बीमारियों का पता लगाया जा सकता है। इस पद्धति से किए गए निष्कर्षों की पुष्टि आधुनिक तकनीकों जैसे MRI, CT स्कैन और X-ray द्वारा भी की जा सकती है, जिससे इसकी विश्वसनीयता और बढ़ जाती है।
संस्थापक ज्ञानी दास मानिकपुरी ने बताया कि रक्त संचार व शुद्धिकरण मांसपेशियों की प्राकृतिक रूप से मरम्मत, बिना दवा स्वास्थ्य सेवा, अस्थि मज्जा निर्माण cerebrospine fluid निर्माण, तंत्रिका तंत्र में नियंत्रण संवेदनाएं, सूचनाओं, उत्सर्जन, स्वात हारमोंस का संतुलन स्थाई रूप से सफल स्वास्थ्य सेवा, आपातकालीन परिस्थितियों में भी कारगर है यह चिकित्सा पद्धति तन मन आत्म संतुलन होने से विभिन्न प्रकार की बीमारियों में आत्मनिर्भरता के साथ स्वस्थ होने में विशेष योगदान देता है, आधुनिक चिकित्सा पद्धति द्वारा संपूर्ण स्वास्थ्य लाभ मोक्ष मार्ग प्रस्तुत करने में सहायक सिद्ध हो रही है, मानव शरीर में उत्पत्र हुई विभिन्न दवाइयों के शारीरिक दुष्प्रभाव को जड़ से समाप्त करने और रोकधाम में विशेष सहायक है।
आधुनिक चिकित्सा पद्धति की विशेषता…
– आम नागरिकों के स्वास्थ्य परीक्षण कर भविष्य में होने वाली घातक रोगों से बचाए जा सकता है।
– रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में विशेष रूप से लाभकारी है।
-हारमोंस का संतुलन स्थापित करने में कारगर है।
-असाध्य रोगों की रोकथाम शीघ्र होती है।
– सरल व सस्ती चिकित्सा सुविधा राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शीघ्र उपलब्ध होंगे।
– आरोग्य तीर्थ संस्था द्वारा विभिन्न स्वास्थ्य संबंधित निशुल्क शिविर का आयोजन कर ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में बिना दवा रोग मुक्त पर स्वास्थ्य लाभ हेतु उपलब्ध होगी।
– देश की चिकित्सा को विलुप्त होने से बचने का लक्ष्य रखा है।
यह पद्धति विश्व की ऐसी चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी योगदान दे रही है जो रोगी से बिना लक्षण पूछे शारीरिक गतिविधियों एवं उत्पन्न हुई विकृतियों की ग्राफ बनाकर जन्म से लेकर वर्तमान में भविष्य की जानकारी देने में विशेष योगदान सिद्ध हो रही है जिससे असाध्य बीमारियों को जड़ से समाप्त की जा सकती है।
आरोग्य कलश की इस अनोखी पद्धति का भारत सरकार में कॉपीराइट पंजीकरण एवं पेटेंट भी हो चुका है। शीघ्र ही यह तकनीक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित और विस्तारित की जाएगी। लगभग 150 देशों में इस तकनीक के प्रचार-प्रसार की प्रक्रिया जारी है। संस्था विशेष रूप से टीमवर्क को महत्व देते हुए विश्वभर में अपने सेवा केंद्र स्थापित करने की योजना पर कार्य कर रही है।
आरोग्य कलश का मानना है कि उनकी अनूठी MHRS तकनीक स्वास्थ्य सेवाओं में एक बड़ा बदलाव लाएगी और लाखों लोग बिना दवाओं और सर्जरी के स्वस्थ जीवन जीने में सक्षम होंगे। इस पहल ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई आशा का संचार किया है और असाध्य रोगों से जूझ रहे मरीजों के लिए एक नई चिकित्सा उच्च गुणवत्ता युक्त हानि रहित आपातकालीन स्थितियों में भी वरदान साबित हो रही है।
Author Profile
Latest entries
धर्म-कला -संस्कृति27/07/2026अयोध्या की वेदना पर बिलासपुर की श्रद्धा का महासैलाब,, विजय केशरवानी की अगुवाई में हुआ ऐतिहासिक तीन दिवसीय “श्रीराम श्रद्धा यात्रा” का भव्य समापन,, वर्षों देवी मंदिर में महाआरती,, विशाल भंडारा एवं महाप्रसाद में उमड़े हजारों श्रद्धालु…
प्रशासन27/07/2026सर्पदंश मुआवजा फर्जीवाड़ा: समाजसेवी ने की तहसीलदार-एसडीएम को भी आरोपी बनाने की मांग… इधर लिपिकों की गिरफ्तारी से नाराज राजस्व लिपिक संघ ने खोला मोर्चा,,, अनिश्चितकालीन हड़ताल की दी चेतावनी…
धर्म-कला -संस्कृति27/07/2026अयोध्या श्रीराम मंदिर में हुई चोरी की वेदना बनी जनआस्था का महासैलाब.. शहर से गाँव तक गूँजा ‘जय श्रीराम’… हजारों श्रद्धालु हाथों में श्रद्धा के नारियल लेकर अपने भांचा श्रीराम के सम्मान में उमड़े,, बिलासपुर की सड़कों पर दिखी अद्भुत भक्ति और समर्पण…
राजनीति25/07/2026NEET विवाद पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा,, प्रह्लाद जोशी बने नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री..
