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NEET विवाद पर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, बोले : युवाओं की भावनाओं का सम्मान सर्वोपरि…

बिलासपुर, जुलाई, 25/2026

NEET विवाद पर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, बोले : युवाओं की भावनाओं का सम्मान सर्वोपरि…

नई दिल्ली/बिलासपुर। NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर देशभर में उठे विरोध के बीच बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। पिछले 36 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का लगातार धरना-प्रदर्शन जारी था, जहां उनकी प्रमुख मांगों में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी शामिल थी। विपक्ष के बढ़ते दबाव और छात्रों के आंदोलन के बीच उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना त्यागपत्र सौंप दिया।

NEET विवाद बना इस्तीफे की मुख्य वजह…

3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोपों के बाद देशभर में व्यापक असंतोष फैल गया था। सरकार ने मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपते हुए परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने का निर्णय लिया था। इसके बावजूद छात्रों का आंदोलन लगातार जारी रहा और जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन ने राजनीतिक रूप ले लिया।

अगले वर्ष से CBT मोड में होगी परीक्षा…

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे में कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की। परीक्षा रद्द कर पुनः परीक्षा आयोजित कराई गई और यह निर्णय लिया गया कि अगले वर्ष से NEET-UG परीक्षा पूरी तरह कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी।

उन्होने बताया कि सरकार, राज्य प्रशासन और जिला प्रशासन के समन्वय से 21 जून 2026 को 20 लाख से अधिक छात्रों की पुनः परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई।

जिम्मेदारी से कभी मुंह नहीं मोड़ा…

सोशल मीडिया मंच X पर जारी अपने भावुक संदेश में धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि वह पिछले चार दशकों से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है।

उन्होंने लिखा कि NEET विवाद सामने आने के पहले दिन से ही उन्होंने अपनी जिम्मेदारी स्वीकार की और कभी परिस्थिति से मुंह नहीं मोड़ा। उनका संकल्प था कि परीक्षा माफिया किसी भी मेधावी छात्र का भविष्य खराब न कर सके और किसी छात्र के साथ अन्याय न हो।

युवाओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए लिया फैसला’...

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 16 जुलाई को घोषित NEET-UG परिणाम संतोषजनक रहे और गरीब पृष्ठभूमि से आने वाले अनेक प्रतिभाशाली छात्रों ने सफलता हासिल की। हालांकि, उनके अनुसार इस दौरान कुछ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने छात्रों को गुमराह करने का प्रयास किया, जिससे उन्हें गहरा दुख पहुंचा।

उन्होंने कहा कि पिछले दस दिनों की परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने यह फैसला किसी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा के कारण नहीं, बल्कि देश के युवाओं की आकांक्षाओं और भावनाओं का सम्मान करते हुए लिया है।

राष्ट्र विरोधी ताकतें न उठाएं फायदा’…

अपने इस्तीफे में उन्होंने लिखा कि देश की युवाशक्ति भारत की सबसे बड़ी ताकत है और किसी भी राष्ट्र विरोधी शक्ति को मौजूदा स्थिति का लाभ नहीं उठाने दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के विद्यार्थियों का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे और वे अपना समय पढ़ाई तथा करियर निर्माण में लगाएं, इसी सोच के साथ उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना त्यागपत्र भेजा।

प्रदर्शनकारियों की अन्य मांगें भी रहीं प्रमुख…

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के अलावा परीक्षा के दौरान जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने तथा आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की भी मांग की।

प्रधानमंत्री और सहयोगियों का जताया आभार…

धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व, विश्वास और मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त करते हुए मंत्रिपरिषद के सहयोगियों, शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में भी वह भारत माता, ओडिशा की जनता तथा देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए समर्पित रहेंगे।

 

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Lokesh war waghmare - Founder/ Editor
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