बिलासपुर, अगस्त, 22/2025
19 साल बाद भी उपेक्षित शहादत : लांस नायक वीरेंद्र कैवर्त की शहादत भूला प्रशासन ?…पूर्व सैनिकों की मांग शहीद के नाम पर बने स्कूल, सड़क और खेल मैदान…
बिलासपुर। भारतीय सेना के शहीद बिलासपुर जिले के लांस नायक वीरेंद्र कैवर्त के सम्मान में उनके गृह ग्राम सीपत नरगोड़ा में आन पूर्व सैनिक संगठन द्वारा सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम की जानकारी संगठन के सदस्यों ने प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता के दौरान दी।
देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले बिलासपुर जिले के प्रथम शहीद लांस नायक वीरेंद्र कुमार कैवर्त के सर्वोच्च बलिदान को आज भी उचित सम्मान नहीं मिल पाया है। उनकी शहादत को 19 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं, लेकिन आज तक न उनके नाम पर कोई भवन, सड़क, खेल मैदान बना, न ही उनके गाँव में उनकी मूर्ति स्थापित की गई।
इस उपेक्षा के खिलाफ “आन पूर्व सैनिक संगठन” ने एक स्वर में आवाज उठाई है। संगठन की ओर से शुक्रवार को प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें शहीद को सम्मान दिलाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।

आतंकवाद विरोधी अभियान में दी शहादत
ग्राम नरगोड़ा (तहसील मस्तूरी, थाना सीपत, जिला बिलासपुर) के वीर पुत्र लांस नायक वीरेंद्र कुमार कैवर्त भारतीय सेना की 225 मीडियम रेजिमेंट (तोपखाना) से जुड़े थे और वहां से 62 राष्ट्रीय राइफल्स में डेपुटेशन पर जम्मू-कश्मीर भेजे गए थे।
15 सितंबर 2006 को पुलवामा जिले के रेबन गाँव में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान गश्ती ड्यूटी करते समय आईईडी विस्फोट में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। तत्काल उन्हें 92 बेस हॉस्पिटल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने देश के लिए प्राण न्योछावर कर दिए।
संगठन की मांगें
आन पूर्व सैनिक संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि शहीद कैवर्त की याद में अब तक कोई स्थायी स्मारक नहीं बनाया गया है। उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की है कि— शहीद वीरेंद्र कुमार कैवर्त की मूर्ति स्थापना उनके गृह ग्राम नरगोड़ा में की जाए। ग्राम का मुख्य द्वार, स्कूल, सड़क और खेल मैदान उनके नाम पर रखे जाएं।
प्रत्येक वर्ष 15 सितंबर को शहीद बलिदान दिवस के रूप में सरकारी स्तर पर मनाया जाए।
पूर्व सैनिकों की सामूहिक अपील
संगठन के सदस्यों ने बताया कि बिलासपुर जिले के लगभग 3000 पूर्व सैनिक इस मांग के समर्थन में खड़े हैं। उनका कहना है कि वीरेंद्र कैवर्त जैसे वीर सपूतों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुँचाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार और प्रशासन ठोस पहल करता है तो यह न केवल शहीद कैवर्त के बलिदान को उचित सम्मान देगा बल्कि युवाओं में देशभक्ति की भावना भी और प्रबल होगी।
ग्रामवासियों में आक्रोश और भावुकता
ग्राम नरगोड़ा के लोग भी प्रशासन से यही मांग कर रहे हैं कि अपने गाँव के वीर सपूत को वह सम्मान मिले जिसके वे हकदार हैं। ग्रामवासी और पूर्व सैनिकों ने यह भी कहा कि अगर शासन स्तर पर पहल नहीं हुई, तो वे स्वयं अपने स्तर पर स्मारक निर्माण करेंगे।
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