• Fri. Oct 9th, 2026

News look.in

नज़र हर खबर पर

स्कूल की नौकरी या तहसील की ड्यूटी ? नकल शाखा में शिक्षक की कथित तैनाती से उठे सवाल.. बिलासपुर में शिक्षक की अतिरिक्त ड्यूटी को लेकर जांच की मांग, आदेश से लेकर उपस्थिति और भुगतान तक उठे सवाल..

बिलासपुर, सितंबर, 24/2026

स्कूल की नौकरी या तहसील की ड्यूटी ? नकल शाखा में शिक्षक की कथित तैनाती से उठे सवाल..

बिलासपुर में शिक्षक की अतिरिक्त ड्यूटी को लेकर जांच की मांग, आदेश से लेकर उपस्थिति और भुगतान तक उठे सवाल..

बिलासपुर। बिलासपुर तहसील कार्यालय की नकल शाखा में शिक्षा विभाग के एक शिक्षक से कथित तौर पर अतिरिक्त समय में काम कराए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बिल्हा विकासखंड के बाम्हू पंचायत स्थित स्कूल में पदस्थ शिक्षक निशांत वर्मा स्कूल ड्यूटी के बाद दोपहर करीब 3 बजे से शाम 7-8 बजे तक तहसील कार्यालय की नकल शाखा में कार्य करते हैं। हालांकि, इस व्यवस्था के संबंध में कोई लिखित आदेश अथवा आधिकारिक अनुमति है या नहीं, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है।

मामला सामने आने के बाद शिक्षक की दोहरी ड्यूटी, प्रशासनिक अनुमति, स्कूल में उपस्थिति और तहसील कार्यालय में कार्य करने की वैधता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

किसके आदेश पर तहसील में शिक्षक की ड्यूटी?

सबसे अहम सवाल यह है कि यदि शिक्षक वास्तव में नियमित रूप से तहसील की नकल शाखा में कार्य कर रहे हैं, तो उन्हें वहां ड्यूटी देने का आदेश किस अधिकारी ने जारी किया है? क्या एसडीएम या तहसीलदार स्तर से कोई लिखित आदेश जारी किया गया है? क्या इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी अथवा शिक्षा विभाग को जानकारी दी गई है? इन सभी बिंदुओं की आधिकारिक जांच जरूरी है।

नकल शाखा में संवेदनशील रिकॉर्ड से जुड़ा काम

तहसील की नकल शाखा में जमीन, राजस्व और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों से संबंधित रिकॉर्ड एवं नकल उपलब्ध कराने का कार्य होता है। ऐसे में किसी अन्य विभाग के कर्मचारी से इस शाखा में कार्य लिए जाने पर उसकी भूमिका, जिम्मेदारी और अभिलेखों तक पहुंच को लेकर भी स्थिति स्पष्ट किया जाना जरूरी है।

स्कूल में उपस्थिति भी जांच के दायरे में

शिक्षक की मूल पदस्थापना स्कूल में है। ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि वह स्कूल में निर्धारित समय के दौरान नियमित रूप से उपस्थित रहते हैं या नहीं और तहसील कार्यालय में अतिरिक्त समय में कार्य करने से उनकी शैक्षणिक जिम्मेदारियां प्रभावित तो नहीं हो रही हैं।

इसके साथ ही तहसील कार्यालय में उनकी उपस्थिति का कोई अलग रिकॉर्ड या ड्यूटी चार्ट बनाया गया है या नहीं, इसकी भी जांच की आवश्यकता है।

अतिरिक्त भुगतान या निजी लेन-देन की चर्चाओं की भी हो जांच 

शिक्षक की कथित अतिरिक्त ड्यूटी को लेकर स्थानीय स्तर पर अतिरिक्त भुगतान और निजी लेन-देन को लेकर भी चर्चाएं हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए यदि किसी प्रकार के अतिरिक्त भुगतान, मानदेय या निजी आर्थिक लेन-देन का आरोप सामने आता है तो संबंधित रिकॉर्ड और भुगतान दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

प्रशासन से उठे ये सवाल

मामले में कलेक्टर और एसडीएम स्तर से जांच कर निम्न बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट किए जाने की मांग उठ रही है—

– शिक्षक को तहसील कार्यालय में कार्य करने की अनुमति किस अधिकारी ने दी?

– क्या शिक्षक की तैनाती को लेकर कोई लिखित आदेश जारी हुआ है?

– क्या जिला शिक्षा अधिकारी या शिक्षा विभाग को इसकी जानकारी थी?

– स्कूल और तहसील कार्यालय में शिक्षक की उपस्थिति का रिकॉर्ड क्या है?

– नकल शाखा में शिक्षक की भूमिका और जिम्मेदारी क्या निर्धारित की गई है?

– क्या शिक्षक को अतिरिक्त कार्य के लिए कोई भुगतान किया गया?

– यदि कोई आर्थिक लेन-देन हुआ है तो उसका रिकॉर्ड क्या है?

– यदि व्यवस्था नियमों के अनुरूप नहीं है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है?

जांच के बाद ही साफ होगी पूरी तस्वीर

फिलहाल शिक्षक की तहसील कार्यालय में कथित तैनाती को लेकर सामने आए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। ऐसे में पूरे मामले में संबंधित विभागों के रिकॉर्ड, लिखित आदेश, उपस्थिति रजिस्टर और भुगतान संबंधी दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण होगी। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में जांच कर स्थिति स्पष्ट करता है या नहीं।

Author Profile

Lokesh war waghmare - Founder/ Editor