बिलासपुर, अक्टूबर, 31/2025
कंपीटिशन कम्युनिटी कोचिंग सेंटर प्रबंधन की मनमानी के खिलाफ टीचरों-छात्रों का मोर्चा, थाने में दी शिकायत…
वेतन न मिलने से टीचर भड़के, सुविधा न मिलने से छात्रों ने भी जताई नाराजगी!
टीचरों को महीनों से नहीं मिला वेतन, छात्रों ने खोला संचालन का “फ्रॉड क्लासरूम”
बिलासपुर। शहर के कंपीटिशन कम्युनिटी कोचिंग सेंटर में शनिवार को जमकर हंगामा हुआ। कोचिंग संचालक की मनमानी और शोषण से परेशान टीचर व छात्र सड़क पर उतर आए। गुस्साए टीचरों और स्टूडेंट्स ने कोचिंग के बाहर प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की — “वेतन दो या संस्थान बंद करो!”
टीचरों का आरोप है कि उन्हें पिछले कई महीनों से वेतन नहीं दिया गया है। जैसे ही उन्होंने पैसे की मांग की, संचालक ने उन्हें नौकरी से निकाल दिया। वहीं, छात्रों ने भी संस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि भारी-भरकम फीस लेने के बावजूद कोचिंग अब ठप पड़ी है और उनकी पढ़ाई पर संकट गहराने लगा है।
“टीचरों की फोटो दिखाकर एडमिशन, अब पढ़ाने से रोका जा रहा”
छात्रों का कहना है कि उन्होंने टीचरों की पहचान और पढ़ाने के तरीके पर भरोसा कर एडमिशन लिया था।
“हमने 45 हजार रुपए की फीस जमा की है। टीचर ही नहीं रहेंगे तो क्लास कौन लेगा? पिछले कई दिनों से क्लास बंद है। एसी खराब रहता है, सुविधाएं नहीं मिलतीं, अब सैलरी नहीं मिलने के कारण हमारे टीचर भी छोड़ रहे हैं।”
छात्रों ने कहा कि कोचिंग प्रबंधन उनकी फीस लेकर “भविष्य से खिलवाड़” कर रहा है।

‘सैलरी मांगो तो टर्मिनेशन लेटर थमा देते हैं’
कोचिंग के एक टीचर ने बताया कि संचालक लगातार फ्रॉड कर रहे हैं। “हम पिछले एक साल से सैलरी के लिए चक्कर काट रहे हैं। जब भी वेतन की मांग करते हैं तो कहा जाता है – क्लास लो, बच्चों का भविष्य देखो। लेकिन खुद बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। जो कर्मचारी पैसे मांगते हैं, उन्हें टर्मिनेट कर धमकाया जाता है।”
शिक्षकों ने बताया कि संस्थान की अन्य शाखाएं — दुर्ग, राजनांदगांव सहित कई जिलों में — पहले ही बंद हो चुकी हैं और वहां के कर्मचारियों का भी भुगतान नहीं किया गया है।
“फ्रॉड क्लासरूम” के खिलाफ कार्रवाई की मांग
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस कोचिंग सेंटर की जांच कराई जाए, छात्रों की फीस और कर्मचारियों के बकाया वेतन का निपटारा कराया जाए।
टीचरों ने चेतावनी दी — अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे जिला मुख्यालय में बड़ा आंदोलन करेंगे।
शिक्षा के नाम पर हो रहे इस “वाणिज्यिक खेल” पर लगाम जरूरी है। जब शिक्षकों को उनका हक नहीं मिलेगा और छात्रों को शिक्षा नहीं, तो ऐसे संस्थान भविष्य नहीं, सिर्फ निराशा गढ़ेंगे।

कोचिंग प्रबंधन के खिलाफ थाने पहुंचे टीचर और छात्र, वेतन व सुविधा नहीं मिलने पर की शिकायत, प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
कंपीटिशन कम्युनिटी कोचिंग सेंटर में वेतन और मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलने से नाराज टीचर और छात्रों ने शुक्रवार को कोतवाली थाने में कोचिंग प्रबंधन के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिक्षकों ने बताया कि उन्हें पिछले कई महीनों से सैलरी नहीं दी गई है, वहीं छात्रों ने कहा कि भारी-भरकम फीस जमा करने के बावजूद क्लास बंद हैं और पढ़ाई ठप पड़ी है।
टीचरों और छात्रों ने पुलिस से मांग की कि कोचिंग संचालक द्वारा बकाया राशि जल्द दिलाई जाए और भविष्य में ऐसी मनमानी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही प्रशासन से भी हस्तक्षेप कर संस्था की जांच कराने की अपील की गई है।

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