बिलासपुर // कोरोना वायरस के बढते मामलो को रोकने केन्द्र और राज्यशासन हर संभव प्रयास कर रही है बचाव के लिए पूरे देश को लाकडाउन किया गया है वही बिलासपुर में लॉक डाउन के नियमों को अमलीजामा पहनाने प्रशासन और पुलिस किसी भी तरह की कोताही नहीं बरत रहे हैं। यही वजह है कि और जगहों की तुलना मे बिलासपुर के हालात कुछ राहत भरे हैं। जरा सा भी किसी पर शक होते ही प्रशासन और पुलिस के अधिकारी बिना कोई लिहाज के उन्हें आइसोलेट और क्वॉरेंटाइन करने में जरा भी देर नहीं कर रहे। और कोरोनावायरस के जानलेवा संक्रमण से बचने का यही एकमात्र तरीका भी है। सोमवार को बाहर से बिलासपुर पहुंचे मुस्लिम धर्म प्रचारकों की एक (जमाती) एक टोली के बिलासपुर पहुंचने की खबर पाकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी तुरत-फुरत सक्रिय हुए। और तिलक नगर मैं कंपनी गार्डन के सामने स्थित जामा मस्जिद के सामने जा पहुंचे। वहां मुस्लिम समाज के लोगों से कुछ देर चर्चा के बाद बाहर से पहुंचे 9 सदस्य मुस्लिम धर्म प्रचार की टोली के सभी सदस्यों को मस्जिद परिसर के भीतर ही आइसोलेशन में रखने की बात तय हुई। मुस्लिम समाज के स्थानीय लोगों ने भी इसमें अपनी रजामंदी जाहिर की। और इसके बाद चिकित्सा विभाग के अमले ने मस्जिद परिसर के भीतर उनके सभी के आइसोलेशन का इंतजाम किया और अप्रैल माह की 27 तारीख तक के लिए उन सभी नौ धर्म प्रचारकों को आइसोलेशन में कर दिया। वहीं इस बाबत जिला स्वास्थ्य समिति स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग बिलासपुर की ओर से इन सभी को 27 अप्रैल तक आइसोलेशन में रखे जाने बाबत एक पर्चा भी जामा मस्जिद परिसर के बाहर चस्पा कर दिया गया।
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