वार्षिक वेतन वृद्धि रोके जाने के खिलाफ लामबंद होने लगे ,, लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ, जिला प्रशासन के जरिए मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन ,,
बिलासपुर // कोरोनावायरस कोविड-19 से जंग के चलते प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के कर्मचारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि पर रोक की चर्चा से समूचे राज्य का कर्मचारी आक्रोशित हो रहा है।सरकार के इस निर्णय के खिलाफ कर्मचारियों के विभिन्न संगठन एक के बाद एक सामने आते जा रहे हैं।

हालांकि वार्षिक वेतन वृद्धि रोके जाने के सरकार के निर्णय की खिलाफत करने वाले संगठन अभी केवल ज्ञापन और बयानबाजी तक सीमित हैं। लेकिन यदि इस मामले में प्रदेश सरकार ने कर्मचारी संगठनों से चर्चा कर कोई यथा योग्य सर्वमान्य निर्णय नहीं लिया तो प्रदेश के 5:30 लाख कर्मचारी इस निर्णय के विरोध में आंदोलित हो जाएंगे। बिलासपुर में लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ के द्वारा इसके जमीनी विरोध की शुरुआत कर दी गई है। सोमवार को लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ के प्रांत अध्यक्ष रोहित तिवारी की अगुवाई में कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल कलेक्ट्रेट पहुंचकर इसके विरोध में मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन देने की तैयारी में है। यह वार्ता दिखाई दे रही है कि अगर यह मामला जल्द नहीं सुलझाया गया तो प्रदेश के कर्मचारी वेतन वृद्धि रोके जाने को लेकर सरकार के खिलाफ लामबंद हो सकते हैं।
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