बिलासपुर // शहीदों और योद्धाओं के सम्मान में हर वर्ष 7 दिसंबर को सशस्त्र झंडा दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर शनिवार को कलेक्टोरेट में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ.संजय अलंग और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रितेश अग्रवाल को जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ने सेना के तीनों अंगों का प्रतिनिधित्व करते हुए सशस्त्र सेना झंडे का बैच लगाया। अधिकारियों ने सैनिकों के कल्याण हेतु अंशदान किया। कलेक्टर ने बिलासपुर के नागरिकों से भी अपील की कि सैन्य समुदाय के प्रति आदर और सद्भाव व्यक्त करते हुए अधिक से अधिक आर्थिक सहयोग प्रदान करें।
इस अंशदान राशि का प्रयोग भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं और उनके बच्चों के लिये संचालित कल्याण योजनाओं में किया जाता है। अंशदान की राशि का चेक या ड्राफ्ट सेक्रेरटरी अमलगमटेड स्पेशल फंड फार रिकन्स्ट्रक्शन एंड रिहेबिलिटेशन आफ एक्स सर्विसमेन छत्तीसगढ़ रायपुर के नाम से बनाकर जिला सैनिक कल्याण कार्यालय कलेक्टोरेट परिसर बिलासपुर में जमा कर सकते हैं।
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ने बताया कि सशस्त्र सेना झंडा दिवस हमारे उन योद्धाओं को समर्पित है, जिन्होने देश की एकता और अखंडता के लिये अपने प्राणों की परवाह किये बगैर शत्रुओं का सामना किया और उन्हे मुंहतोड़ जवाब दिया। यह दिवस भूतपूर्व सैनिकों के पुनर्वास और कल्याण के लिये भारत सरकार द्वारा निर्धारित दिवस है। देश में 30 लाख से ज्यादा भूतपूर्व सैनिक और 6 लाख से ज्यादा सैनिकों की विधवाएं हैं। सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर भूतपूर्व सैनिकों, युद्ध के दौरान दिव्यांग हुये सैनिकों, उनके विधवाओं और शहीदों के परिजनों का साथ निभाने का संकल्प लिया जाता है।
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