हनी ट्रेप…ब्लैकमेल मामले में गिरफ्तार महिलाओं के लैपटॉप व मोबाइल में ऑडियो, वीडियो से मचा हड़कंप

3 पूर्व मंत्री, दर्जनभर आईएएस-आईपीएस के नाम आए सामने

नगर निगम इंदौर के इंजीनियर पर 3 करोड़ रुपए के लिए ब्लैकमेल करने के आरोप में गिरफ्तार पांच महिलाओं समेत आधा दर्जन आरोपियों ने कई अहम और सनसनीखेज खुलासे किए हैं। आरोपियों के कब्जे से प्रदेश सरकार के तीन पूर्व मंत्रियों और दर्जनभर आईएएस-आईपीएस अफसरों की ऑडियो-वीडियो और पोर्न फिल्में मिली हैं। इस खुलासे के बाद सियासी और प्रशासनिक गलियारों में हडक़ंप मच हुआ है। मामला इंदौर के पलासिया थाने से जुड़ा है। पलासिया थाना पुलिस ने इंदौर नगर निगम के एक इंजीनियर की शिकायत पर धोखाधड़ी और ब्लैकमेल करने का मुकदमा दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद आरती दयाल ने बताया कि तकरीबन आठ महीने पहले इंजीनियर से मेरी सहेली श्वेता जैन ने मिलवाया था। श्वेता भी भोपाल की रहने वाली है। उसके बाद से वह इंजीनियर के नियमित संपर्क में रहती थी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने श्वेता समेत चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिफ्रतारी के बाद श्वेता और उसके गिरोह ने कई ऐसे खुलासे किए हैं, जिससे राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारे में तूफान सा आ गया है। भोपाल और इंदौर पुलिस ने बुधवार शाम को सामूहिक रूप से आरोपियों के घर की तलाशी ली थी। उनके घर से बहुत सारी सीडी, लैपटॉप और मोबाइल समेत तमाम सामग्री जब्त की गई है। उसी सामग्री में सत्ता के रसूखदारों के चेहरे छिपे हुए हैं। इनमें मध्यप्रदेश सरकार के तीन मंत्री और सात आईएएस अफसर शामिल हैं।
*कई चेहरे होंगे बेनकाब*
मोबाइल और लैपटॉप में ऐसी सामग्री है, जिसके सामने आने से कई बड़े चेहरे बेनकाब हो जाएंगे। उनकी अश्लील सीडी श्वेता के घर से मिली है। बताते हैं कि पुलिस ने अभी इस पूरी सामग्री को आन रिकार्ड नहीं किया है। महिलाओं ने मोबाइल से आडियो और वीडियो बनाने के बाद बहुत सारी सामग्री लैपटॉप में सेव करके रखी है। कुछ फिल्में तो महिलाओं ने चश्मे वाले कैमरे से बनाई हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि उनका फोकस उन नेताओं और अफसरों पर होता था, जो उनके एनजीओ को काम दिला सकते थे। इंजीनियर भी इसी फांस में फंस गया था।
*पूर्व मंत्री के साथ गई थी नेपाल*
पकड़े गए गिरोह की एक महिला का नेताओं, अफसरों से खासा दोस्ताना रहा है। पुरानी सरकार के एक मंत्री भी इसी मिजाज के माने जाते हैं। प्रदेश में सत्ता बदलने से पहले वह महिला मंत्री के साथ नेपाल घूमने के लिए गई थी। नेपाल यात्रा के दौरान उन दोनों के अलावा तीसरा कोई नहीं था। महिला ने नेपाल का वीडियो भी बना लिया था। वह पुलिस के हाथ लग गया है।
*गिरफ्तार किए गए आरोपी*
– श्वेता जैन (39) पति विजय जैन निवासी मकान नंबर 304 न्यू मीनाल रेसीडेंसी- भोपाल
– बरखा भटनागर सोनी (34) पति अमित सोनी निवासी मकान नंबर 172 थर्ड फ्लोर आराधना नगर कोटरा सुल्तानाबाद- भोपाल
– श्वेता जैन (48) पति स्वप्निल जैन निवासी मकान नंबर 48 फेस सेकंड रेविएरा टाउन- भोपाल
– आरती दयाल (29) पति पंकज दयाल निवासी सागर लैंडमार्क मीनाल रेसीडेंसी-भोपाल
– मोनिका यादव (18) पिता लाल यादव ग्राम सवस्या नरसिंहगढ़ जिला- राजगढ़
– ओमप्रकाश कोरी (45) पिता रामहर्ष कोरी निवासी आदमपुर छावनी बिलखिरिया-भोपाल
*कई मंत्री-नेता-अफसर रडार पर*
मध्यप्रदेश में सबसे बड़े हनी ट्रैप मामले में बड़े खुलासे होते दिख रहे हैं। इसमें आम लोग ही नहीं कई मंत्री-नेता और नौकरशाहों के फंसने की भी बात सामने आई है। बड़े नामों के उजागर होने और जांच का दायरा बढऩे के साथ ही इंदौर पुलिस के साथ अब इंटेलिजेंस और एटीएसके अधिकारी भी मामले पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले समय में कई बड़े खुलासे होने की संभावना है। गौरतलब है कि इस हाईप्रोफाइल हनी ट्रैप मामले में सबसे पहले इंदौर पुलिस ने दो महिलाओं को गिरफ्तार किया था। इन महिलाओं की गिरफ्तारी के बाद भोपाल से तीन महिलाओं और एक पुरुष को भी पकड़ा गया है। अब बड़े लोगों के नाम सामने आने के साथ ही सूबे के राजनीतिक गलियारों में भूचाल भी आ गया है।
*6 नेता और कई नौकरशाह के नाम*
सूत्रों के अनुसार जिन बड़े लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, उनमें 6 बड़े राजनेता, 4 आईपीएस, 5 आईएएस अधिकारियों के साथ कई दूसरे वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के नाम शामिल हैं। बड़े लोगों के नाम सामने आने के बाद गृहमंत्री बाला बच्चन ने कहा कि यह बड़ी कार्रवाई है। इस मामले की गहराई से जांच की जा रही है। कोई भी अपराधी बच नहीं पाएगा। जो लोग प्लान बनाकर लोगों को शिकार बनाते थे, वे सभी बेनकाब होंगे।
*लिस्ट में इनके नाम हैं प्रमुख*
पूर्व राज्यपाल-महिला का एनजीओ के काम से राज्यपाल के पास आना-जाना था।
पूर्व मुख्यमंत्री-हनी ट्रैप में फंसने के बाद मामले में सेटलमेंट के लिए एक महिला को मकान दिया था।
मौजूदा मंत्री-रंगीन मिजाज की वजह से जाने जाते हैं…महिला का इनके पास आना जाना था।
दो पूर्व मंत्री-एनजीओ के काम से आने-जाने की वहज से पहचान हुई। कई सरकारी प्रोजेक्ट भी दिलाए।
पूर्व सांसद-हनी ट्रैप का शिकार होने के बाद महिला को बड़ी रकम दी थी।
बड़े नेता-एक राजनीतिक पार्टी संगठन के बड़े नेता हैं। पार्टी के कई नेताओं के साथ नौकरशाहों से मुलाकात में मदद की।
डीजी रैंक के अधिकारी-बड़े पद पर हैं। लूप लाइन में लंबे समय तक रहने के दौरान हनी ट्रैप में फंसे थे।
एडीजी रैंक के अधिकारी-एक शाखा में लंबे समय से पदस्थ हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रम के चलते महिला से पहचान हुई।
5 आईएएस अधिकारी-मंत्रालय में एनजीओ के काम से बार-बार जाने की वजह से पहचान हुई। इनमें से कई अफसर फील्ड में पदस्थ हैं।
*ऐसे शुरू हुआ हनी ट्रैप*
हनी ट्रैप के आरोपियों के बारे में बताया जा रहा है कि सबसे पहले आरोपियों ने छोटे अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ कारोबारियों को अपना निशाना बनाया था। इसके बाद आरोपियों ने राजनेताओं के बीच अपनी पकड़ को मजबूत करना शुरू कर दिया। राजनीतिक दलों के बीच मजबूत पकड़ होने के बाद आरोपियों ने कई नेताओं को हनी ट्रैप में फंसाया। इन्हीं नेताओं के सहारे कई सरकारी प्रोजेक्ट भी लिए और इसके बाद ब्यूरोक्रेट्स के बीच इनका उठना-बैठना शुरू हुआ। अब इस गिरोह के निशाने पर छोटे अधिकारी-कर्मचारी नहीं, बल्कि बड़े नौकरशाह और राजनेता होते थे।
*कौन रुकवाता था महंगे होटलों में*
हनी ट्रैप का खुलासा होने के बाद उस व्यक्ति की भी तलाश शुरू हो गई है जो लड़कियों को शहर के महंगे होटलों में रुकवाता था। लड़कियों से पूछताछ के दौरान इस शख्स का नाम सामने आने की उम्मीद है। अब तक जो पता चला है, उसके मुताबिक लड़कियों को होटल जहांनुमा, अरेरा क्लब और एक अखबार के मॉल स्थित मैरियट होटल के साथ इंदौर के 3 होटलों में रुकवाया जाता था। इसके साथ दिल्ली स्थित कुछ होटल भी इन लड़कियों के लिए आए दिन बुक किए जाते रहे हैं।
एक मंत्री के स्टाफ तक पहुंच
बताया जा रहा है कि गिरोह की नजर प्रदेश सरकार के एक मंत्री पर थी। मंत्री राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारे में मलाईदार समझे जाने वाले विभाग को संभाल रहे हैं। गिरोह के सदस्य मंत्री के स्टाफ तक पहुंचने में कामयाब भी हो गए थे। गिरोह के सदस्यों ने प्रदेश सरकार के एक मंत्री तक पहुंचने की कोशिश में थे। इसके लिए उन्होंने स्टाफ को टारगेट किया था। मंत्री के निज सहायक का वीडियो गिरोह के सदस्यों ने बना लिया था, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी थी। ऐसा इसलिए कि गिरोह का फोकस मंत्री तक पहुंचना था। अगर निज सहायक को ब्लैकमेल करना शुरू कर देते तो मंत्री झांसे में नहीं आते। उससे पहले अपर मुख्य सचिव स्तर के एक अधिकारी का वीडियो सामने आया गया। उसकी सरकार ने जांच कराई, तब पता चला कि मंत्री का स्टाफ भी गिरोह के घेरे में है। उसके बाद सरकार को बदनामी की आशंका सताने लगी थी। इसीलिए मामले में सख्ती भी शुरू कर दी गई थी। सूत्र बताते हैं कि इसी सख्ती का नतीजा है कि गिरोह का पर्दाफाश हो गया है।
पति से अलग होने के बाद ब्लैकमेलर बन गई आरती
अफसरों और नेताओं को ब्लैकमेल करने वाले गिरोह की सदस्य आरती दयाल मूलत: छतरपुर की रहने वाली है। आरती ने आठ माह पहले अपने पति पंकज दयाल के खिलाफ छतरपुर के सिविल लाइन थाना में दहेज प्रताडऩा का मामला दर्ज कराया था। केस दर्ज कराने के बाद से आरती ने अपने पति का साथ छोड़ दिया और उसके बाद ïउसने श्वेता के साथ मिलकर ब्लैकमेलिंग का कारोबार शुरू कर दिया। आरती ने छतरपुर के दस नामचीन लोगों को अपना शिकार बनाया था।
*श्वेता और मोनिका भी देती थी साथ*
गिरफ्तार महिलाओं में दो श्वेता नाम की हैं। एक मीनाल में रहती है और सागर की रहने वाली है। दूसरे रेविएरा में रहती है और छतरपुर की रहने वाली है। गिरोह में शामिल मोनिका को भी पकड़ा गया है। वह राजगढ़ जिले की रहने वाली है। दोनों का काम मीनाल में रहने वाली श्वेता के लिए काम करना था। दोनों उसके इशारे पर आगे बढ़ती थीं।
*लाज बचाने की गुहार लगाते रहे आला अफसर*
गिरोह के पकड़े जाने के बाद खासा हडक़ंप मंचा हुआ है। बताते हैं कि महिलाओं के पकड़े जाने के बाद तमाम आईएएस अफसरों और नेताओं के फोन पीएचक्यू के अलावा अफसरों के पास जाते रहे हैं। सूत्रों की माने तो कई अफसरों ने फोन कर लाज बचाने की गुहार भी लगाई है।
*भाजपा-कांग्रेस दफ्तर में भी हडक़ंप*
गिरोह पकड़े जाने के बाद भाजपा और कांग्रेस दफ्तर में भी हडक़ंप मचा हुआ है। महिलाओं ने जिस तरह से नेताओं का नाम कबूल किया है, उसे देखते हुए कई लोगों के पसीने छूट रहे हैं। कई नेता तो पुलिस कार्रवाई की पल-पल की रिपोर्ट लेते देखे गए। आने वाले दिनों में कई नेताओं के नाम का खुलासा होने की उम्मीद है।

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