केंद्रीय जेल में दुष्कर्म के आरोप में बंद किशोर को बाल संप्रेक्षण गृह शिफ्ट करने का आदेश ।
सिविल लाइन पुलिस की जांच में हुई लापरवाही। नाबालिग को बालिग बता किया पेश ।
अधिवक्ता के माध्यम से लगाए गए स्कूल के दाखील खारिज आवेदन को सही मानते हुए न्यायालय ने नाबालिक को केंद्रीय जेल से बाल संप्रेक्षण ग्रह भेजने के दिए निर्देश ।
बिलासपुर // न्यायालय ने दुष्कर्म के आरोप में केंद्रीय जेल में बंद किशोर को बाल संप्रेक्षण गृह में शिफ्ट करने का आदेश दिया है। किशोर पिछले 15 दिनों से केंद्रीय जेल में बंद है।
सिविल लाइन थाना क्षेत्र में रहने वाली महिला ने 28 जुलाई 2019 को अपनी नाबालिग पुत्री के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 10 माह बाद पुलिस ने तोरवा थाना क्षेत्र में रहने वाले किशोर के घर से नाबालिग को बरामद किया। पुलिस ने आरोपी की मेडिकल जांच कराई। जिसमें उसकी उम्र 20 वर्ष बताते हुए न्यायालय में पेश कर केंद्रीय जेल दाखिल किया गया।
इस मामले में आरोपी के अधिवक्ता लवकुश साहू ने स्कूल के दाखिल-ख़ारिज की नकल निकाल कर न्यायालय में जमानत आवेदन पेश किया। न्यायालय को बताया गया कि आरोपी की जन्म तिथि 25 अगस्त 2004 है। इस हिसाब से वर्तमान में उसकी उम्र 15 वर्ष 10 माह है। न्यायालय ने उम्र प्रमाण पत्र को सही होने पर आरोपी को केंद्रीय जेल से बाल संप्रेक्षण गृह में शिफ्ट करने व् मामले को किशोर न्याय बोर्ड में प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
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