बिलासपुर, जनवरी, 01/2026
विकास, समावेशन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा का रोडमैप: निर्मला सीतारमण ने पेश किया 2026-27 का मेगा बजट.. जानिए क्या मिला बजट में…
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए इसे तीन कर्तव्यों से प्रेरित बताया—आर्थिक विकास को गति देना, लोगों की आकांक्षाओं को सशक्त बनाना और सबका साथ–सबका विकास के सिद्धांत को जमीन पर उतारना। माघ पूर्णिमा और गुरु रविदास जयंती के पावन अवसर पर कर्तव्य भवन में प्रस्तुत यह पहला बजट राजनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से सरकार के दीर्घकालिक विज़न को रेखांकित करता है।
राजकोषीय तस्वीर: अनुशासन के साथ विस्तार…
बजट में कुल व्यय 53.5 लाख करोड़ रुपये और गैर-ऋण प्राप्तियां 36.5 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। 2026-27 में राजकोषीय घाटा जीडीपी के 4.3 प्रतिशत पर सीमित रखने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि ऋण-जीडीपी अनुपात घटकर 55.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। सरकार ने पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर अर्थव्यवस्था को मांग और रोजगार दोनों मोर्चों पर मजबूती देने का संकेत दिया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक पूंजीगत व्यय में गुणात्मक वृद्धि हुई है जो वित्त वर्ष 2014-15 के 2 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर बीई 2025-26 में 11.2 लाख करोड़ रुपये हो गई है। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि इस गति को बनाए रखने के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में इसे बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा।
विकास का इंजन: विनिर्माण, अवसंरचना और ऊर्जा…
बजट में सात रणनीतिक क्षेत्रों में विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए बड़े ऐलान किए गए। बायोफार्मा शक्ति योजना के तहत 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन, सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक्स कलपुर्जा विनिर्माण के लिए 40,000 करोड़ रुपये और दुर्लभ धातु गलियारों की स्थापना जैसे प्रस्ताव भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में मजबूत भूमिका दिलाने की रणनीति को दर्शाते हैं। ऊर्जा सुरक्षा के लिए कार्बन कैप्चर तकनीक पर 20,000 करोड़ रुपये और न्यूक्लियर पावर परियोजनाओं को 2035 तक शुल्क राहत दी गई है।
शहर, रेल और जलमार्ग: कनेक्टिविटी पर फोकस…
सरकार ने सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग और सी-प्लेन सेवाओं को बढ़ावा देने की घोषणा की है। पूर्वी भारत और उत्तर-पूर्वी राज्यों पर विशेष ध्यान देते हुए औद्योगिक गलियारों, पर्यटन स्थलों और ई-बसों का प्रावधान किया गया है।
केंद्रीय बजट 2026 में रेलवे को लेकर एक अहम फैसला लेते हुए सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के निर्माण की घोषणा की गई है। इन कॉरिडोरों के जरिए देश के प्रमुख औद्योगिक और आर्थिक केंद्रों को तेज और आधुनिक रेल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर इस प्रकार हैं– मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी।
इसके साथ ही वित्त मंत्री ने घोषणा की कि अगले पांच वर्षों में 20 नए जलमार्ग चालू किए जाएंगे। इसकी शुरुआत ओडिशा के नेशनल वॉटरवे-5 से होगी, जो तालचेर और अंगुल जैसे खनिज-समृद्ध क्षेत्रों को कलिंगनगर औद्योगिक केंद्र और पारादीप व धमरा बंदरगाहों से जोड़ेगा। इससे पर्यावरण के अनुकूल और कम लागत वाले कार्गो मूवमेंट को बढ़ावा मिलेगा। अंतर्देशीय जलमार्गों को मजबूत करने के लिए वाराणसी और पटना में शिप रिपेयर और मेंटेनेंस से जुड़ा एक आधुनिक इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही समुद्री विमान के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) योजना शुरू करने की भी घोषणा की गई है।
(LRS) में TCS दर 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत…
बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दी बड़ी राहत, कैंसर की 17 दवाएं सस्ती की है। शिक्षा और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) में TCS दर 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत की जाएगी। कस्टम ड्यूटी में भी राहत दी गई है। 17 एंटी-कैंसर दवाओं और 7 अन्य दुर्लभ बीमारियों की दवाओं को बेसिक कस्टम्स ड्यूटी से मुक्त रखा जाएगा। वहीं विदेशी नागरिक जो भारत में पांच साल तक रहते हैं, उनकी गैर-भारत आय पर टैक्स छूट मिलेगी।
जन-केंद्रित एजेंडा: शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार…
दूसरे कर्तव्य के तहत सेवा क्षेत्र को विकास का मुख्य चालक मानते हुए शिक्षा से रोजगार एवं उद्यम पर उच्चस्तरीय समिति गठित करने का प्रस्ताव है। स्वास्थ्य क्षेत्र में एक लाख संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवर जोड़ने, आयुष संस्थानों के विस्तार और मानसिक स्वास्थ्य के लिए निमहंस-2 जैसी संस्थाओं की स्थापना की घोषणा की गई।पर्यटन, खेल और ऑरेंज इकोनॉमी को रोजगार सृजन का नया आधार बनाने की कोशिश भी बजट का प्रमुख राजनीतिक संदेश है।
किसान, सहकारिता और क्षेत्रीय संतुलन…
तीसरे कर्तव्य के तहत किसानों की आय बढ़ाने के लिए उच्च मूल्य वाली कृषि, मत्स्य पालन और पशुपालन को प्रोत्साहन दिया गया है। भारत-विस्तार जैसे एआई आधारित बहुभाषी कृषि प्लेटफॉर्म का प्रस्ताव तकनीक को गांव तक ले जाने की मंशा दिखाता है। सहकारिता क्षेत्र को कर राहत देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की कोशिश की गई है।
कर सुधार: सरलता और भरोसा…
नया आयकर अधिनियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा, जिससे नियमों को सरल और करदाता अनुकूल बनाने का दावा किया गया है। टीडीएस-टीसीएस में तर्कसंगत बदलाव, छोटे करदाताओं को राहत और मुकदमेबाजी कम करने के उपाय राजनीतिक रूप से मध्यम वर्ग और व्यवसायियों को साधने की रणनीति माने जा रहे हैं।
कुल मिलाकर, बजट 2026-27 सरकार के विकसित भारत 2047 के संकल्प को आर्थिक खाका देता है। एक ओर राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने की कोशिश है, तो दूसरी ओर बड़े निवेश, रोजगार और समावेशन के जरिए चुनावी और दीर्घकालिक दोनों लक्ष्यों को साधने का स्पष्ट प्रयास दिखता है।
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