• Wed. May 13th, 2026

News look.in

नज़र हर खबर पर

नोटों से भरा बैग रख NSUI का अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन,, नारायणा टेक्नोक्रेट स्कूल पर गंभीर आरोप,,

बिलासपुर, मार्च, 26/2026

नोटों से भरा बैग रख NSUI का अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन,, नारायणा टेक्नोक्रेट स्कूल पर गंभीर आरोप,,

बिलासपुर। नेहरू नगर क्षेत्र में संचालित नारायणा टेक्नोक्रेट स्कूल के खिलाफ गुरुवार को एनएसयूआई ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने स्कूल परिसर के बाहर नोटों के बंडल से भरा बैग रखकर फीस वसूली और अन्य अनियमितताओं के खिलाफ नाराजगी जताई।

एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव अर्पित केशरवानी ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन अभिभावकों की गाढ़ी कमाई का दुरुपयोग कर रहा है और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान छात्रों को सीबीएसई पैटर्न के नाम पर पढ़ाया गया, महंगी किताबें और सामग्री खरीदवाई गई, जबकि उस समय स्कूल को सीबीएसई की मान्यता ही प्राप्त नहीं थी।

फीस वसूली और मान्यता पर सवाल

संगठन ने आरोप लगाया कि स्कूल ने सितंबर 2024 से ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी थी, जबकि संचालन अप्रैल 2025 से शुरू हुआ और राज्य सरकार से मान्यता अगस्त 2025 में मिली। सीबीएसई संबद्धता भी जनवरी 2026 में प्राप्त हुई, जो सत्र 2026-27 से लागू होगी। ऐसे में पहले से सीबीएसई के नाम पर फीस वसूली को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं।

छात्रों के साथ ‘धोखाधड़ी’ का आरोप

एनएसयूआई ने कहा कि पूरे सत्र में सीबीएसई पैटर्न से पढ़ाई कराने के बाद अचानक छात्रों, खासकर कक्षा 5 के बच्चों को सीजी बोर्ड की परीक्षा देने के लिए बाध्य किया गया। इसे अभिभावकों और छात्रों के साथ धोखाधड़ी करार देते हुए पारदर्शिता की मांग की गई।

वित्तीय लेन-देन और पारदर्शिता पर उठे प्रश्न

प्रदर्शन के दौरान संगठन ने स्कूल के वित्तीय लेन-देन, फीस जमा करने की प्रक्रिया और स्थानीय बैंक खाते की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए। आरोप है कि फीस की राशि बाहरी राज्यों में जमा की जा रही है, जिससे भविष्य में विवाद की स्थिति में अभिभावकों को परेशानी हो सकती है।

यूनिफॉर्म, किताबों और स्टाफ व्यवस्था पर भी निशाना

एनएसयूआई ने NSPIRA कंपनी के माध्यम से यूनिफॉर्म और किताबों की अनिवार्य खरीद, अधिक कीमत और कमीशनखोरी के आरोप भी लगाए। साथ ही कर्मचारियों के प्रमाणपत्र रखने, आउटसोर्स स्टाफ, सुरक्षा व्यवस्था और श्रमिक अधिकारों के उल्लंघन जैसे मुद्दों को भी उठाया गया।

नियमों और संबद्धता प्रक्रिया पर भी सवाल

संगठन ने यह भी पूछा कि क्या स्कूल को सीबीएसई संबद्धता बिना आवश्यक मानकों की जांच के प्रदान की गई। साथ ही राज्य स्तरीय समिति के गठन, फीस निर्धारण प्रक्रिया और स्कूल के आधारभूत ढांचे पर भी संदेह जताया गया।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे मामले

एनएसयूआई ने कहा कि प्रदेश में पहले भी कई संस्थाएं अभिभावकों को भ्रमित कर अचानक बंद हो चुकी हैं, जिससे छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ। ऐसे में इस मामले में भी सतर्कता और पारदर्शिता बेहद जरूरी है।

जांच और कार्रवाई की मांग

प्रदर्शन में युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव भावेंद्र गंगोत्री, शोहराब खान, रंजेश क्षत्रिय, गौरव परिहार, रिहान रात्रे सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अभिभावकों को राहत देने की मांग की है।

Author Profile

Lokesh war waghmare - Founder/ Editor
Latest entries

You missed