बिलासपुर, मई, 12/2026
करोड़ों की सड़क में भ्रष्टाचार का खेल ? बनते ही उखड़ी सड़क,, PWD के अफसर गायब,, ठेकेदारों पर मिलीभगत का आरोप,, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा कलेक्टर से की शिकायत…
बिलासपुर। विकास कार्यों के नाम पर सरकारी राशि की बंदरबांट का एक गंभीर मामला मस्तूरी जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत आगमगांव के आश्रित ग्राम आमाकोनी में सामने आया है। यहां लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा लगभग 1 करोड़ 40 लाख रुपए की लागत से बनाई जा रही सड़क निर्माणाधीन अवस्था में ही उखड़ने लगी है। सड़क की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। आरोप है कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग कर भारी भ्रष्टाचार किया गया है।
ग्रामीणों के अनुसार सड़क की परत इतनी कमजोर है कि हल्का दबाव पड़ते ही गिट्टियां बाहर निकल रही हैं। सड़क जगह-जगह से टूटने लगी है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी ने तय मापदंडों का पालन नहीं किया और अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।
मामले की पड़ताल के दौरान पीडब्ल्यूडी विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई। बताया जा रहा है कि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी नियमित रूप से कार्यालय में उपस्थित नहीं रहते। जांच के दौरान पीडब्ल्यूडी कार्यालय में एक्जीक्यूटिव इंजीनियर सीएस विंध्यराज का चैंबर बंद मिला और दरवाजे पर ताला लटका था। कर्मचारी भी कैमरे के सामने आने से बचते नजर आए। अनौपचारिक चर्चा में कर्मचारियों ने स्वीकार किया कि अधिकारी नियमित रूप से कार्यालय नहीं बैठते।

सड़क की बदहाल स्थिति की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य पर नाराजगी जताई। जिला पंचायत सभापति राधा खिलावन पटेल, जनपद सहकारिता सभापति सरिता नरेन्द्र नायक, जनपद सदस्य मेनका सुमित जगत और सरपंच हीरादेवी खेमराज पटेल ने सामूहिक रूप से बिलासपुर कलेक्टर को शिकायत पत्र सौंपकर सड़क निर्माण की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
शिकायत में ठेकेदार अतुल शुक्ला और तापस अग्रवाल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। भाजपा लोहार्सि मंडल जिला मंत्री एवं सेवा सहकारी समिति अध्यक्ष हेमलाल जगत सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भी इस विरोध का समर्थन किया है।

ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों के संरक्षण के बिना इतना बड़ा भ्रष्टाचार संभव नहीं है। जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्माण कार्य की गुणवत्ता में तत्काल सुधार नहीं किया गया और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो क्षेत्र की जनता सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी।
अब नजरें बिलासपुर प्रशासन पर टिकी हैं कि वह करोड़ों की इस सड़क निर्माण में सामने आए कथित भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई करता है या फिर आम जनता को उखड़ी हुई सड़कें ही नसीब होंगी।
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