• Sat. May 30th, 2026

News look.in

नज़र हर खबर पर

तमनार जनसुनवाई विवाद : एक ही व्यक्ति पर 4 एफआईआर,, गिरफ्तारी पर सर्वोच्च न्यायालय की रोक,, सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत…

बिलासपुर, मई, 30/2026

तमनार जनसुनवाई विवाद : एक ही व्यक्ति पर 4 एफआईआर,, गिरफ्तारी पर सर्वोच्च न्यायालय की रोक,, सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत…

बिलासपुर/रायगढ़। तमनार क्षेत्र में आयोजित जनसुनवाई के दौरान हुए आंदोलन और उसके बाद दर्ज किए गए हिंसा संबंधी प्रकरणों में एक महत्वपूर्ण कानूनी मोड़ सामने आया है। सर्वोच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए एक आरोपी के विरुद्ध दर्ज चार अलग-अलग एफआईआर में अगली सुनवाई तक गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश दिया है। अदालत के इस फैसले को आरोपी पक्ष के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, वहीं पूरे मामले को लेकर कानूनी और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

जानकारी के अनुसार, तमनार में आयोजित जनसुनवाई के दौरान आंदोलन और विरोध-प्रदर्शन के बाद पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत कई आपराधिक प्रकरण दर्ज किए थे। इन मामलों में एक ही घटनाक्रम से जुड़े आरोपों के आधार पर चार अलग-अलग एफआईआर दर्ज होने को चुनौती देते हुए आरोपी पक्ष ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।

मामले में पहले छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई, जिसके बाद प्रकरण सर्वोच्च न्यायालय पहुंचा। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं मनीष बेहरा और आशुतोष विश्वास ने पक्ष रखते हुए न्यायालय को बताया कि एक ही घटना से जुड़े मामलों में कई एफआईआर दर्ज किए जाने और गिरफ्तारी की आशंका के कारण आरोपी के मौलिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने न्यायालय से हस्तक्षेप कर संरक्षण प्रदान करने की मांग की।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने प्रारंभिक स्तर पर आरोपी को राहत देते हुए स्पष्ट किया कि मामले की अगली सुनवाई तक संबंधित चारों एफआईआर में उसकी गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। अदालत के इस अंतरिम आदेश के बाद आरोपी पक्ष को तत्काल राहत मिली है।

कानूनी जानकारों का मानना है कि एक ही घटनाक्रम से जुड़े मामलों में एकाधिक एफआईआर दर्ज होने के प्रश्न पर सर्वोच्च न्यायालय का अंतिम फैसला भविष्य में महत्वपूर्ण कानूनी मिसाल बन सकता है। वहीं आंदोलन और हिंसा से जुड़े प्रकरणों में पुलिस की कार्रवाई तथा कानूनी प्रक्रियाओं पर भी इस मामले की सुनवाई के दौरान व्यापक चर्चा होने की संभावना है।

फिलहाल सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद तमनार आंदोलन से जुड़े इस बहुचर्चित मामले में गिरफ्तारी की आशंका टल गई है और अब सभी की निगाहें अगली सुनवाई पर टिकी हुई हैं।

Author Profile

Lokesh war waghmare - Founder/ Editor

You missed