बिलासपुर, जुलाई, 17/2026
कुछ घंटों की बारिश में डूबा बिलासपुर, निगम के दावों की खुली पोल…
नाले-नालियों की सफाई के दावे फेल, घरों में घुसा पानी, सड़कें बनीं तालाब; जलभराव से जनजीवन ठप…
बिलासपुर। देर रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने बिलासपुर शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी। कुछ ही घंटों की बारिश में शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए। सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं, घरों में पानी घुस गया और लोगों का घरों से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया। हालात ऐसे बन गए कि शहर के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे दृश्य दिखाई देने लगे। जलभराव के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
बारिश से पहले नगर निगम ने नाले-नालियों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने और नए नालों के निर्माण
बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन पहली ही तेज बारिश ने इन सभी दावों की हकीकत सामने ला दी। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद शहर की जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह फेल साबित हुई। जगह-जगह पानी भरने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में अरपा पार सरकंडा क्षेत्र शामिल है। अशोक नगर, जोरा पारा, वसंत विहार, मुख्य मार्ग, नूतन कॉलोनी और आधा सरकंडा क्षेत्र पूरी तरह पानी में डूब गए। कई घरों में कमर तक पानी भर गया, जिससे लोगों का घरेलू सामान खराब हो गया। वहीं शहर के पुराना बस स्टैंड, श्रीकांत वर्मा मार्ग, निराला नगर, विहार, मंगला रोड, कुड़ूदंड समेत कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं। दोपहिया और चारपहिया वाहन पानी में फंस गए, जबकि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश से पहले नगर निगम बड़े स्तर पर नाले-नालियों की सफाई और जल निकासी सुधारने का दावा करता है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। कई स्थानों पर नालियों की सफाई अधूरी छोड़ दी गई, जबकि अनेक जगह नालों और नालियों का निर्माण आज तक पूरा नहीं हो सका। पुराना बस स्टैंड और कश्यप कॉलोनी क्षेत्र में नालों को तोड़कर चौड़ा करने का काम किया गया, लेकिन उसका भी कोई सकारात्मक परिणाम दिखाई नहीं दिया। पहली ही तेज बारिश में पानी सड़कों और घरों तक पहुंच गया।
बारिश के बाद शहर में जल निकासी की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। कई इलाकों में घंटों तक पानी भरा रहा, जिससे लोगों को घरों में कैद होकर रहना पड़ा। बच्चों, बुजुर्गों और नौकरीपेशा लोगों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई कॉलोनियों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित होने की शिकायतें सामने आईं।

लोगों का आरोप है कि नगर निगम हर साल बारिश पूर्व तैयारियों के नाम पर केवल कागजी खानापूर्ति करता है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जलभराव की समस्या जस की तस बनी हुई है। अधूरे निर्माण कार्य, नालों में जमा गाद और कमजोर जल निकासी व्यवस्था के कारण हर बारिश में शहरवासियों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
इस बार भी कुछ घंटों की बारिश ने साफ कर दिया कि निगम प्रशासन के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं। यदि समय रहते स्थायी और प्रभावी जल निकासी व्यवस्था नहीं बनाई गई, तो आगामी दिनों में और अधिक बारिश के दौरान हालात और गंभीर हो सकते हैं। शहरवासी अब सवाल उठा रहे हैं कि आखिर हर साल करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद बिलासपुर बारिश में डूबने से क्यों नहीं बच पा रहा है।
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