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NEET विवाद पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा,, प्रह्लाद जोशी बने नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री..

बिलासपुर, जुलाई, 25/2026

NEET विवाद पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा,, प्रह्लाद जोशी बने नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री..

नई दिल्ली/बिलासपुर। नीट पेपर लीक और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी राजनीतिक और छात्र विरोध के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार (25 जुलाई 2026) को उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। इसके कुछ ही घंटों बाद कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा विभागों के साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया।

राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधानमंत्री की सलाह पर भारत के संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार किया गया। साथ ही राष्ट्रपति ने निर्देश दिया कि कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी अपने वर्तमान मंत्रालयों के अतिरिक्त शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभालेंगे।

प्रह्लाद जोशी कर्नाटक के धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं और पांच बार लोकसभा के लिए चुने जा चुके हैं। वर्तमान में उनके पास उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी है। अब वे इन विभागों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय का भी कार्यभार संभालेंगे।

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों को लेकर देशभर में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। दिल्ली के जंतर-मंतर सहित कई राज्यों में छात्र संगठनों और विभिन्न समूहों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन चलाया था।

अपने इस्तीफे में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने देश-विरोधी ताकतों को मौजूदा स्थिति का लाभ उठाने से रोकने और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए पद छोड़ने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, “चार दशकों से अधिक समय से मैंने स्वयं को छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित किया है। मेरा हमेशा से विश्वास रहा है कि एक मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही एक सशक्त राष्ट्र की नींव होती है।”

उधर, इस्तीफे के कुछ घंटों बाद सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रंका ने केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि केंद्र सरकार द्वारा उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिए जाने के बाद उन्होंने “अच्छी नीयत” के तहत अपना 35 दिनों से जारी विरोध प्रदर्शन समाप्त करने का निर्णय लिया है।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शिक्षा मंत्रालय में हुए इस बदलाव को केंद्र सरकार का बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक फैसला माना जा रहा है। अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी परीक्षा प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता और छात्रों का भरोसा बहाल करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।

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Lokesh war waghmare - Founder/ Editor
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