बिलासपुर, जुलाई, 29/2026
जलती गैसीफायर भट्ठी में कूदा आजीवन कारावास का कैदी, मौके पर मौत..
बिलासपुर केंद्रीय जेल में मचा हड़कंप, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल; कलेक्टर-एसएसपी पहुंचे, एफएसएल जांच में जुटी….
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित केंद्रीय जेल में बुधवार को एक सनसनीखेज घटना ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। डबल मर्डर के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक कैदी ने जेल परिसर में स्थित गैसीफायर प्लांट की जलती हुई भट्ठी में छलांग लगा दी। गंभीर रूप से झुलसने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे जेल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और खतरे का सायरन बजाकर सुरक्षा व्यवस्था अलर्ट मोड पर कर दी गई।
मृतक कैदी की पहचान विकेश उर्फ राहुल के रूप में हुई है। जो 2014 से जेल में बंद है वह दोहरे हत्याकांड के मामले में दोषी ठहराया गया था और आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना इतनी अचानक हुई कि जेल कर्मियों को संभलने का मौका ही नहीं मिला। जब तक कर्मचारी उसे बचाने का प्रयास करते, तब तक वह आग की लपटों में पूरी तरह घिर चुका था और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक, विकेश कंवर उर्फ राहुल

घटना की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) केंद्रीय जेल पहुंचे तथा मौके का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। इसके साथ ही फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) और पुलिस की संयुक्त टीम को जांच के लिए तैनात किया गया। एफएसएल की टीम घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र कर रही है, जबकि पुलिस घटना के हर पहलू की बारीकी से पड़ताल में जुटी हुई है।
संजय अग्रवाल, कलेक्टर, बिलासपुर
प्रारंभिक जांच में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जेल के उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में स्थित गैसीफायर प्लांट की जलती हुई भट्ठी तक कैदी आखिर कैसे पहुंचा। सामान्य परिस्थितियों में इस क्षेत्र में बिना अनुमति किसी बंदी का पहुंचना संभव नहीं माना जाता। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही या किसी अन्य कारण की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि यह पूरी तरह आत्मघाती कदम था या इसके पीछे कोई अन्य परिस्थिति जिम्मेदार थी।
रजनेश सिंह, एसएसपी, बिलासपुर
गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों से बिलासपुर केंद्रीय जेल लगातार विवादों और अप्रिय घटनाओं के कारण सुर्खियों में रही है। इससे पहले भी चार कैदियों की अलग-अलग कारणों से मौत हो चुकी है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
घटना के बाद जेल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं तथा जेल के संवेदनशील हिस्सों की निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस, जेल प्रशासन और एफएसएल की टीम घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कैदी ने इतना बड़ा कदम किन परिस्थितियों में उठाया और इस पूरी घटना के लिए जिम्मेदार कारण क्या रहे।
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