बिलासपुर, सितंबर, 08/2026
12 से 16 घंटे की ड्यूटी, आराम भी नहीं… सुरक्षा के सवाल पर रेलवे रनिंग स्टाफ का अनिश्चितकालीन धरना…
बिलासपुर। ट्रेनों के सुरक्षित संचालन की जिम्मेदारी संभालने वाले लोको पायलट और रनिंग स्टाफ ने काम के बढ़ते दबाव, स्टाफ की कमी और सुरक्षा नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर रेलवे प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बिजुरी में पिछले पांच दिनों से चल रहे धरने के बाद मंगलवार से बिलासपुर समेत मंडल की विभिन्न क्रू लॉबियों के सामने रनिंग स्टाफ ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।
रनिंग स्टाफ का आरोप है कि कर्मचारियों की कमी के कारण कई बार 12 से 16 घंटे तक ड्यूटी करनी पड़ रही है। लंबे समय तक काम करने के बाद पर्याप्त आराम नहीं मिलने से कर्मचारियों पर शारीरिक और मानसिक दबाव बढ़ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में ट्रेनों का सुरक्षित संचालन बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
सुरक्षा नियमों का पालन करने पर भी कार्रवाई का आरोप…
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने शंटिंग और संरक्षा नियमों को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कई स्टेशनों और साइडिंग में पर्याप्त शंटिंग स्टाफ उपलब्ध नहीं है। इसके चलते कर्मचारियों पर शॉर्टकट तरीके से काम करने का दबाव बनाया जाता है। वहीं, सुरक्षा नियमों के अनुसार काम करने पर यदि ट्रेन लेट होती है तो संबंधित कर्मचारी को ही कार्रवाई या ट्रांसफर का सामना करना पड़ता है।
कर्मचारियों ने बिजुरी के लोको पायलट एम.के. विभूति के ट्रांसफर का हवाला देते हुए कहा कि शंटिंग के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करने के बावजूद उनका स्थानांतरण किया गया। इसी तरह शहडोल के लोको पायलट ए.के. पाल के ट्रांसफर को भी रनिंग रूम में भोजन की शिकायत से जोड़कर देखा जा रहा है।
रनिंग रूम के खाने को लेकर भी नाराजगी…
रनिंग स्टाफ ने रनिंग रूम में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि कई बार खाना खराब या कच्चा मिलने की शिकायत करने पर समस्या का समाधान करने के बजाय कर्मचारियों को कार्रवाई का सामना करना पड़ता है।
तीन लोको पायलटों को हार्ट अटैक का दावा..
कर्मचारियों ने लगातार बढ़ते तनाव को लेकर चिंता जताते हुए दावा किया कि पिछले एक महीने में उनके तीन लोको पायलटों को हार्ट अटैक की घटना हुई है। उनका कहना है कि लंबे ड्यूटी ऑवर्स, पर्याप्त आराम का अभाव और काम के दबाव का कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है।
AILRSA के जोनल महासचिव वीके तिवारी ने कहा कि दुर्घटना होने पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी का आरोप लगाकर लोको पायलटों पर कार्रवाई की जाती है, लेकिन जब कर्मचारी नियमों के मुताबिक काम करते हैं, तब भी उन्हें ट्रांसफर और दंड का सामना करना पड़ रहा है।
वरिष्ठ अधिकारियों से संवादहीनता का भी आरोप…
रनिंग स्टाफ ने वरिष्ठ अधिकारियों से संवादहीनता का आरोप भी लगाया है। कर्मचारियों का कहना है कि अपनी समस्याएं अधिकारियों तक पहुंचाने की कोशिश करने पर भी कार्रवाई की धमकी मिलने की स्थिति बन रही है। उनका कहना है कि कर्मचारियों की समस्याओं पर संवाद और समाधान की जरूरत है, न कि दबाव की।
बिजुरी में पांच दिन से चले आंदोलन के बाद अब बिलासपुर, शहडोल, सूरजपुर, रायगढ़, ब्रजराजनगर, पेंड्रा और उसलापुर समेत मंडल की विभिन्न क्रू लॉबियों के सामने रनिंग स्टाफ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गया है।
AILRSA के एच.सी. भदौरिया ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं पर रेलवे प्रशासन से बातचीत कर उचित समाधान निकलने तक आंदोलन जारी रहेगा। अब निगाहें रेलवे प्रशासन के रुख पर हैं कि रनिंग स्टाफ द्वारा उठाए गए सुरक्षा, ड्यूटी और कार्य परिस्थितियों से जुड़े मुद्दों का समाधान किस तरह और कितनी जल्दी निकाला जाता है।
Author Profile
Latest entries
बिलासपुर24/10/2026बिलासपुर के शिव मेडिसिटी हॉस्पिटल में महिला की मौत के बाद परिजनों के गंभीर आरोप.. इंजेक्शन के ओवरडोज के बाद बिगड़ी महिला की हालत ? परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप…
बिलासपुर24/10/2026लोकल तड़का 4.0 का आयोजन 25 अक्टूबर को.. स्वाद, मनोरंजन और समाज सेवा का अनूठा संगम..
बिलासपुर23/10/2026वोट बचाओ, देश बचाओ अभियान को लेकर कांग्रेस की तैयारी तेज, 27 अक्टूबर को बिलासपुर आएंगे नवकिशोर पटनायक.. मोहन भागवत के बिलासपुर दौरे पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, पूछा- जनता को क्या मिलेगा ?
अपराध23/10/2026पुरानी रंजिश में खूनी संघर्ष, महिला समेत एक परिवार के 7 लोग घायल तखतपुर के ग्राम पूरा में घर के सामने शुरू हुआ विवाद मारपीट में बदला, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत
