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बेलतरा में सियासी घमासान: विधायक पर कथित दबाव और बदले की राजनीति के आरोप, 13 अक्टूबर को कलेक्टर कार्यालय घेरेंगे जनप्रतिनिधि

बिलासपुर, अक्टूबर, 04/2026

बेलतरा में सियासी घमासान: विधायक पर कथित दबाव और बदले की राजनीति के आरोप, 13 अक्टूबर को कलेक्टर कार्यालय घेरेंगे जनप्रतिनिधि

बिलासपुर। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में पंचायत कार्यों में कथित राजनीतिक हस्तक्षेप, सरपंचों पर दबाव, पसंदीदा ठेकेदारों से काम कराने, विकास कार्यों में भेदभाव और प्रशासनिक दबाव के आरोपों को लेकर कांग्रेस नेताओं एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने मोर्चा खोल दिया है। इन शिकायतों को लेकर 13 अक्टूबर को कलेक्टर कार्यालय घेराव करने का ऐलान किया गया है।

इस संबंध में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सरपंचों, कांग्रेस पदाधिकारियों एवं नागरिकों की ओर से जिला कलेक्टर को ज्ञापन भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की गई है। ज्ञापन में बेलतरा विधायक पर राजनीतिक विरोध रखने वाले जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के खिलाफ कथित रूप से बदले की भावना से प्रशासनिक दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया गया है।

विजय केशरवानी के निवास पर हुई बैठक

आंदोलन की रणनीति को लेकर बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधि और कांग्रेस नेता पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं बेलतरा विधानसभा के पूर्व विधायक प्रत्याशी विजय केशरवानी के निवास पर जुटे। मुंबई में उपचार के बाद हाल ही में लौटे केशरवानी से नेताओं ने पहले उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और शीघ्र स्वस्थ होने की शुभकामनाएं दीं। इसके बाद क्षेत्र की पंचायतों से जुड़ी समस्याओं और कथित राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर चर्चा हुई।

बैठक में सरपंचों पर कथित दबाव, पसंदीदा ठेकेदारों से काम कराने, पंचायत सचिवों के स्थानांतरण, विकास कार्यों में राजनीतिक भेदभाव, प्रशासनिक हस्तक्षेप, अवैध रेत-मुरुम उत्खनन और कथित धन वसूली जैसे मुद्दे उठाए गए।

पसंदीदा ठेकेदारों से काम कराने का आरोप

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कुछ पंचायतों के सरपंचों एवं पंचायत प्रतिनिधियों पर कथित रूप से दबाव बनाया जा रहा है कि विकास कार्य विधायक के पसंदीदा अथवा करीबी ठेकेदारों से ही कराए जाएं। कुछ मामलों में कार्य शुरू होने से पहले कथित अग्रिम भुगतान की शिकायत भी की गई है।

विरोध करने वाले पंचायत प्रतिनिधियों के विकास कार्य प्रभावित करने या पंचायत सचिवों के स्थानांतरण की शिकायत भी ज्ञापन में की गई है। कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि प्रशासन पूरे बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में पंचायतवार जांच कराए और यह स्पष्ट करे कि किन कार्यों का ठेका किसे दिया गया, कितनी राशि स्वीकृत हुई और कितना भुगतान किया गया।

धनंजय सिंह के मामले की भी जांच की मांग

ज्ञापन में बेलतरा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष एवं सरपंच संघ अध्यक्ष धनंजय सिंह से जुड़े मामले को भी उठाया गया है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि राजनीतिक विरोध के चलते उन पर प्रशासनिक दबाव बनाया जा रहा है।

ज्ञापन के अनुसार, उनके रिश्तेदार के घर से जुड़े भूमि एवं सीमा विवाद के मामले में बारिश के दौरान बिना पूर्व सूचना सीमांकन कराए जाने तथा अब दोबारा सीमांकन के लिए नोटिस जारी किए जाने पर सवाल उठाए गए हैं। इसके अलावा उनके सरपंच कार्यकाल के दौरान पंचायत सचिव के स्थानांतरण को भी कथित राजनीतिक दबाव से जोड़कर जांच की मांग की गई है।

अवैध उत्खनन और धन वसूली के आरोपों की जांच की मांग

कांग्रेस नेताओं ने बेलतरा क्षेत्र में रेत और मुरुम के कथित अवैध उत्खनन तथा परिवहन से जुड़ी शिकायतों की भी जांच की मांग की है। इसके साथ ही निर्माण कार्यों से जुड़े कथित दबाव और अनुचित धन वसूली के आरोपों को भी प्रशासन के समक्ष रखा गया है।

ज्ञापन में पंचायतों में पिछले वर्षों में कराए गए विकास कार्यों की व्यापक जांच की मांग करते हुए कार्य की स्वीकृत राशि, भुगतान, अग्रिम भुगतान, संबंधित ठेकेदार/एजेंसी और निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की गई है।

13 अक्टूबर को कलेक्टर कार्यालय घेराव

कांग्रेस नेताओं एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि 13 अक्टूबर का कार्यक्रम शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया जाएगा। उनका कहना है कि प्रशासन यदि शिकायतों पर निष्पक्ष जांच शुरू करता है और समस्याओं का समाधान करता है तो आंदोलन की आवश्यकता नहीं होगी। वहीं, कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में कलेक्टर कार्यालय घेराव को व्यापक जनआंदोलन की दिशा में कदम बताया गया है।

विजय केशरवानी ने कहा—संविधान और कानून के अनुसार काम करें अधिकारी

विजय केशरवानी ने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन संविधान और कानून हमेशा रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि कोई अधिकारी राजनीतिक प्रभाव में आकर बदले की कार्रवाई या नियम विरुद्ध कार्य में सहभागी बनता है तो हर कार्रवाई का रिकॉर्ड रहता है। उन्होंने अधिकारियों से किसी व्यक्ति के दबाव में नहीं बल्कि संविधान और कानून के अनुसार काम करने की अपील की।

इस दौरान राजेंद्र डब्बू साहू, धनंजय सिंह ठाकुर, प्रभंजन बंटी बैसवाड़े, शीतल दास मानिकपुरी, मनीष घड़रेवाल, संतोष साहू, राम प्रसाद साहू, रूप नारायण बाश, धुर्वे कुमार साहू, कुशल वर्मा, अमित यादव, धनंजय यादव, राम कुमार भोई, राजेंद्र मिथुन वर्मा, किशन पटेल, इंद्र कुमार साहू, अविनाश ढीबर, आकाश यादव, आकाश भोई, रुद्र कुमार सूर्यवंशी, जय प्रकाश घवई, फिरंता साहू, अमन दास, सुख सागर कुकर्रे, रूपेश कश्यप और प्रदीप साहू सहित अन्य नेता एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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Lokesh war waghmare - Founder/ Editor
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