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सेलर में सीमांकन कार्रवाई बना राजनीतिक अखाड़ा, सरपंच ने राजस्व विभाग की कार्रवाई पर उठाए सवाल, पॉलिटिकल दबाव में जमीन की जांच का आरोप,सभी खसरों की निष्पक्ष की मांग..

बिलासपुर, अक्टूबर, 08/2026

सेलर में सीमांकन कार्रवाई बना राजनीतिक अखाड़ा, सरपंच ने राजस्व विभाग की कार्रवाई पर उठाए सवाल, पॉलिटिकल दबाव में जमीन की जांच का आरोप,सभी खसरों की निष्पक्ष की मांग..

वोविधायक पर बदले की राजनीति का आरोप, 80 साल पुराने घरों की नापजोख से भड़का आक्रोश!

एक खसरे की जांच पर सवाल—सरपंच की 60 एकड़ जमीन का पूरा सीमांकन क्यों नहीं? कांग्रेस बोली- दबाव में कार्रवाई, 13 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट घेराव

बिलासपुर। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सेलर में जमीन के सीमांकन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। तहसील न्यायालय के आदेश पर बुधवार को राजस्व विभाग की दो आरआई और चार पटवारियों की टीम गांव पहुंची और खसरा नंबर 120 की जमीन की जांच की। इसके अलावा 80 से अधिक लोगों के घरों की नापजोख की गई। इनमें ऐसे परिवार भी शामिल हैं, जो पिछले 80 से 90 वर्षों से वहां निवास कर रहे हैं। राजस्व विभाग की इस कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। वहीं, कांग्रेस नेताओं ने इसे राजनीतिक दबाव में की जा रही कार्रवाई बताते हुए विधायक पर बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया है।

खड़ी फसल के बीच सीमांकन, नियमों को लेकर उठे सवाल

ग्रामीणों का आरोप है कि सीमांकन की कार्रवाई ऐसे समय की जा रही है, जब खेतों में खड़ी फसल मौजूद है। उनका दावा है कि 15 जून से अक्टूबर तक सीमांकन पर प्रतिबंध संबंधी नियम लागू रहते हैं। ऐसे में सवाल उठाया जा रहा है कि खड़ी फसल के बीच सीमांकन की कार्रवाई किसके दबाव में किस आदेश और किन परिस्थितियों में की जा रही है।

सिर्फ खसरा नंबर 120 ही क्यों, 60 एकड़ जमीन की जांच हो

ग्राम पंचायत के सरपंच धनंजय सिंह ठाकुर ने राजस्व विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्षता की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए सीमांकन जरूरी है, तो कार्रवाई केवल एक खसरे तक सीमित क्यों रखी जा रही है? उनकी करीब 60 एकड़ जमीन से जुड़े सभी खसरों की एक साथ जांच और सीमांकन कराया जाना चाहिए, ताकि किसी प्रकार के पक्षपात की आशंका न रहे।

धनंजय सिंह ठाकुर, सरपंच ग्राम सेलर 

सरपंच का आरोप है कि वह कांग्रेस से जुड़े हैं, इसलिए उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कार्रवाई के पीछे राजनीतिक दबाव और बदले की भावना होने का दावा करते हुए प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। सरपंच ने क्षेत्र में वन भूमि पर कथित मुरुम खनन, अरपा नदी से रेत उत्खनन, जमीन और कॉलोनाइजिंग से जुड़े मामलों तथा मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल से संबंधित जमीन के मामले की भी निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।

80-90 साल से रह रहे परिवारों की नापजोख पर कांग्रेस का विरोध

जांच के दौरान कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रत्याशी विजय केशरवानी और कांग्रेस नेता डब्बू साहू भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे दबाव में की जा रही कार्रवाई बताया। विजय केशरवानी का आरोप है कि क्षेत्र में राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दशकों से गांव में रह रहे परिवारों के घरों की नापजोख को लेकर ग्रामीणों में चिंता है। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी परिवार के साथ अन्याय नहीं होने देंगे और लोगों के घरों को नुकसान पहुंचाने की किसी भी कार्रवाई का विरोध करेंगे।

विजय केशरवानी, कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक प्रत्याशी बेलतरा

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि राजस्व विभाग को जमीनों की जांच करनी है, तो कार्रवाई पारदर्शी और समान रूप से होनी चाहिए। किसी व्यक्ति की राजनीतिक विचारधारा या संबंधों के आधार पर कार्रवाई किए जाने की आशंका भी उन्होंने जताई है।

डब्बू साहू, कांग्रेस नेता, पूर्व विधायक प्रत्याशी बेलतरा 

जांच रिपोर्ट गोपनीय, अधिकारियों को सौंपी जाएगी

बुधवार को मौके पर पहुंची राजस्व विभाग की टीम ने सुबह से खसरा नंबर 120 की जमीन की जांच की। इसके साथ ही 80 से अधिक लोगों के घरों की नापजोख किए जाने की जानकारी भी सामने आई। हालांकि, जांच में क्या तथ्य सामने आए, इसे लेकर टीम की ओर से कोई विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपने की बात कही गई है। अब जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही जमीन की वास्तविक स्थिति और कार्रवाई के आधार स्पष्ट हो सकेंगे।

13 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट घेराव का ऐलान

सेलर में सीमांकन की कार्रवाई अब राजनीतिक मुद्दा बनती जा रही है। कांग्रेस नेताओं ने इस मामले सहित अन्य मुद्दों को लेकर 13 अक्टूबर को कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने का ऐलान किया है। उनका कहना है कि ग्रामीणों के हितों की रक्षा, कथित राजनीतिक दबाव की जांच और राजस्व कार्रवाई में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आंदोलन किया जाएगा।

फिलहाल, सरपंच और कांग्रेस नेताओं की ओर से लगाए गए राजनीतिक दबाव तथा बदले की भावना के आरोपों पर विधायक और राजस्व विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। ऐसे में पूरे मामले में प्रशासन की जांच रिपोर्ट और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया अहम होगी।

 

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Lokesh war waghmare - Founder/ Editor
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