बिलासपुर, फरवरी, 18/2025
“चपरासी निकाल रहे कलेक्टर को”… नेताओं के बीच जुबानी जंग से मची खलबली… अनुशासनहीनता पर विधायक अटल को पार्टी से बाहर निकालने PCC को अनुशंसा… जानिए पूरा मामला…
बिलासपुर में नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस के बागियों निष्कासन की कार्रवाई लगातार हो रही है जिला और शहर कमेटी ने कई नेताओं कार्यकर्ताओं को पार्टी से 6 साल के लिए बाहर का रास्ता दिखा दिया है। प्रदेश प्रवक्ता , प्रदेश सचिव सहित कई जिला शहर बॉडी के नेताओं पर कार्रवाई हो चुकी है अब जिलाध्यक्ष विजय केसरवानी ने कोटा से विधायक अटल श्रीवास्तव को पार्टी से निष्कासन के लिए पीसीसी से अनुशंसा की है उन्होंने पार्टी अध्यक्ष दीपक बैज को पत्र लिख कर अपनी पीड़ा व्यक्त की है।
जिलाध्यक्ष केशरवानी ने जारी पत्र में लिखा है विधायक अटल ने उन पर सार्वजनिक टिप्पणी कर कहा है कि चपरासी कलेक्टर को निकाल रहा है पार्टी के खिलाफ इस तरह के बयान देना अनुशासनहीनता के दायरे में आता है इसलिए उनके निष्कासन के लिए पीसीसी से अनुशंसा की गई है। विजय केशवानी ने कहा है कि पूर्व उपमुख्यमंत्री टी. एस. सिहदेव का बिलासपुर आगमन हुआ था। वे प्रदेश संयुक्त सचिव पंकज सिंह ने भोजन में आमंत्रित किये थे। उनसे मिलने एवं स्वागत के लिए शहर के कांग्रेसजन गए थे। जिसमे कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव भी उपस्थित थे। इसी बीच कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने ग्रामीण अध्यक्ष विजय केशरवानी पर सार्वजनिक टिप्पणी करते हुए कहा कि “तुमने मेरे सिने में छुरा घोपा है” साथ ही उन्होंने मीडिया में बयान दिया कि “चपरासी कलेक्टर को निकल रहे है।” ये बाते अटल श्रीवास्तव ने नगर निगम व पंचायत चुनाव में कांग्रेस पार्टी के आधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ भीतरघात एवं खुलाघात करने वालो को संगठन द्वारा निष्कासित किये जाने के सन्दर्भ में नाराज होकर कहा ।
कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व उप मुख्यमंत्री टी. एस. सिहदेव के समक्ष अपनी ही पार्टी के जिलाध्यक्ष (ग्रामीण) के प्रति जनप्रतिनिधि द्वारा टिप्पणी करते हुए संगठन के जिला प्रमुख को “चपरासी” कहना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। यह संगठन की अवमानना एवं अनुशासन हीनता की दायरे में आता है। बिलासपुर नगर निगम चुनाव 2025 में विभिन्न वार्डो में कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव अपने समर्थको को टिकट दिलाना चाहते थे परन्तु वे लोग तय मापदंडो के अनुरूप नहीं थे इसलिए प्रदेश चयन समिति से उर्जावान व पार्टी के प्रति समर्पित सभी कार्यकर्ताओं को टिकेट दी गयी, परन्तु अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ खुलाघात एवं भीतरघात किये जाने कि शिकायत मिली व इस सम्बन्ध में लिखित प्रमाण भी प्रस्तुत किये गए तब लिखित शिकायत के बाद इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी के संविधान एवं नियम की पुस्तिका के अनुशासनात्मक नियम की कंडिका 4 में उल्लेखित नियमो व कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता के अंतर्गत की जाने वाली घोषणा के कंडिका 8 के उल्लंघन किये जाने पर जिलाध्यक्ष (ग्रामीण एवं शहर) द्वारा प्राथमिक सदस्यता से 6 वर्ष के लिए निष्कासित किया गया।
जिलाध्यक्षों ने पार्टी के नियमानुसार ही कार्यवाही की है परन्तु इस कार्यवाही को कोटा विधायक द्वारा व्यक्तिगत, द्वेषपूर्ण व जानबूझकर किये जाने की मंशा से मीडिया में अशोभनिय बयांन दिया जा रहा है उन्हें यह स्पस्ट करना चाहिए कि जिस जिला कांग्रेस कमेटी के अंतर्गत उनकी खुद प्राथमिक सदस्यता है उसकी कमेटी के आध्यक्ष को “चपरासी” कहना कितना उचित है?। वही जिन्होंने पार्टी को नुकसान पहुंचाया निगम चुनाव में अधिकृत प्रत्यासियो को हराने का काम किया उन्हें कोटा विधायक “कलेक्टर” बता रहे है। कोटा विधायक द्वारा किया गया यह व्यवहार अशोभनिय व दुर्भाग्यपूर्ण है इसलिए इन्हें तत्काल पार्टी से निष्कासित किया जाना चाहिए चूँकि ये विधायक एवं PCC प्रतिनिधि है इसलिए इनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही व निष्कासन की कार्यवाही की अनुशंसा की गई है।
Author Profile
Latest entries
छत्तीसगढ़09/10/2026छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, IPS अधिकारियों के तबादले, कई को मिली नई जिम्मेदारी !
Uncategorized09/10/2026दुर्गा पूजा से पहले तोरवा पुलिस की कार्रवाई, 2 महिलाओं समेत 11 वारंटी गिरफ्तार
बिलासपुर09/10/2026दिल्ली में छत्तीसगढ़ के उद्योगपति और समाजसेवी प्रवीण झा हुए सम्मानित
राजनीति08/10/2026निर्वाचन आयोग के खिलाफ INDIA गठबंधन का प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट घेरकर उठाई मुख्य चुनाव आयोग के इस्तीफे की मांग…
