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कांग्रेस को लगा जोर का झटका… महापौर व नगर पंचायत अध्यक्ष उम्मीदवार के नामांकन रद्द… जिलाध्यक्ष का इस्तीफा… कांग्रेस के सामने असमंजस और चुनौती…

बिलासपुर, जनवरी, 31/2025

कांग्रेस को लगा जोर का झटका… महापौर व नगर पंचायत अध्यक्ष उम्मीदवार के नामांकन रद्द… जिलाध्यक्ष का इस्तीफा… कांग्रेस के सामने असमंजस और चुनौती…

छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव दिलचस्प होते जा रहा है। नगरीय निकाय चुनाव के टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के नेता नाराज होकर दल बदल रहे हैं या तो बागी बनकर चुनावी मैदान में हैं इससे गुटबाजी और अंतर्कलह पैदा हो रही है ऐसे में इस बार का चुनाव राजनैतिक पार्टियों के लिए बड़ा कठिन नजर आ रहा है। लेकिन दूसरी तरफ नगरीय निकाय चुनाव में ज्यादा बड़ा झटका कांग्रेस को लग रहा है क्योंकि कांग्रेस के कई प्रत्याशियों के नामांकन निर्वाचन अधिकारी ने खारिज कर दिया है इससे अब उनके उम्मीदवार चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। ऐसे में भाजपा को सीधे फायदा मिल रहा है।

आपको बता दे कि चुनावी रण में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। दरअसल हुआ ये कि धमतरी कांग्रेस के अधिकृत मे मेयर प्रत्याशी विजय गोलछा का नामांकन निरस्त हो गया है अब वे चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। निर्वाचन अधिकारी ने उनका नामांकन निरस्त कर दिया है, भाजपा ने उनके नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराई थी विजय गोलछा पर ठेकेदार और निगम का लाभार्थी होने पर आपत्ति की गई थी जिसे स्वीकार करते हुए कांग्रेस उम्मीदवार गोलछा के नामांकन को निरस्त कर दिया गया। नामांकन निरस्त होने से कांग्रेसियों में भारी रोष रहा कांग्रेस के विधायक ओंकार साहू रिटर्निग अधिकारी के कमरे के बाहर ही धरना आंदोलन पर बैठ गए और अधिकारियों पर भाजपा के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। हालांकि कांग्रेस के पास अपना उम्मीदवार बदलने का विकल्प मौजूद है। कांग्रेस के एक अन्य सदस्य तिलक सोनकर ने भी कांग्रेस पार्टी से ही महापौर पद के लिए नामांकन जमा किया था। कांग्रेस पार्टी उनके नाम पर बी- फार्म जारी कर उन्हें अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर समर्थन दे सकती है ?

मामला अभी यही खत्म नहीं हुआ धमतरी के बाद कांग्रेस को सूरजपुर के विश्रामपुर में भी नगर पंचायत अध्यक्ष उम्मीदवार के नामांकन निरस्त होने से यहां भी झटका लगा है। क्योंकि यह सीट कांग्रेस के ही पास थी यहां के
वर्तमान नगर पंचायत अध्यक्ष आशीष यादव कांग्रेस से है पार्टी ने उनकी पत्नी नीलम यादव को अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया था। लेकिन रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन निरस्त कर दिया साथ ही 2 निर्दलीय प्रत्याशी
निर्मला शर्मा और सरिता यादव के भी फार्म रिजेक्ट कर दिए। बताया जा रहा है कि नीलम यादव ने जो जाति प्रमाण पत्र जमा किया था वो अन्य राज्य का था और निर्धारित फॉर्मेट में जाति प्रमाण पत्र जमा नहीं करने के चलते कांग्रेस की अधिकृत प्रत्याशी और दो निर्दलीय प्रत्याशियों का नामांकन निरस्त किया गया है। भाजपा प्रत्याशी के द्वारा नीलम यादव के कास्ट सर्टिफिकेट को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई थी।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष का इस्तीफा…

बेमेतरा में भी कांग्रेस में गुटबाजी नजर आ रही है हालांकि पूरे प्रदेश में कांग्रेस की टिकट बंटवारे के बाद नेता और कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है कई जिलों में कांग्रेस के सदस्यों ने निर्दलीय फार्म भर कर बागी हो गए हैं ऐसे में कांग्रेस को नगरी निकाय चुनाव में बड़ी चुनौतियों का सामना कर पड़ सकता है। बात करे बेमेतरा की तो यहां भी पार्टी के टिकट बंटवारे से पदाधिकारी और कार्यकर्ता नाखुश नजर आ रहे है। क्योंकि यहां के कांग्रेस जिलाध्यक्ष बंशी पटेल ने पार्टी की कार्यशैली और निष्ठावान कार्यकर्ताओं की अनदेखी व निर्णय प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए है और अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नाम इस्तीफा लिखा है। बंशी पटेल ने अपने इस्तीफा पत्र में कहा कि उन्होंने पिछले 52 वर्षों में कांग्रेस पार्टी की सेवा की और कई बार विभिन्न पदों पर कार्य किया है, लेकिन हाल के दिनों में पार्टी के अंदर हो रहे विवाद और निर्णयों से वह आहत हैं।

 

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Lokesh war waghmare - Founder/ Editor
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