• Thu. Oct 8th, 2026

News look.in

नज़र हर खबर पर

सेलर में सीमांकन कार्रवाई बना राजनीतिक अखाड़ा, सरपंच ने राजस्व विभाग की कार्रवाई पर उठाए सवाल, पॉलिटिकल दबाव में जमीन की जांच का आरोप,सभी खसरों की निष्पक्ष की मांग..

बिलासपुर, अक्टूबर, 08/2026

सेलर में सीमांकन कार्रवाई बना राजनीतिक अखाड़ा, सरपंच ने राजस्व विभाग की कार्रवाई पर उठाए सवाल, पॉलिटिकल दबाव में जमीन की जांच का आरोप,सभी खसरों की निष्पक्ष की मांग..

बिलासपुर। सेलर में जमीन के सीमांकन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम पंचायत के सरपंच धनंजय सिंह ठाकुर ने राजस्व विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक दबाव से प्रेरित बताया है। उनका आरोप है कि सत्तापक्ष से जुड़े प्रभावशाली लोगों के दबाव में एक चुनिंदा जमीन का सीमांकन कराया जा रहा है, जबकि उनकी करीब 60 एकड़ जमीन से जुड़े सभी खसरों की निष्पक्ष जांच और सीमांकन होना चाहिए। सरपंच ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर न्याय दिलाने की मांग की है।

सरपंच धनंजय सिंह ठाकुर के मुताबिक सोमवार सुबह पटवारी उनके घर पहुंचे और उनके भाई के ईंट-भट्ठे से लगी जमीन के सीमांकन की बात कही। उनका कहना है कि सीमांकन को लेकर उन्हें पहले कोई नोटिस नहीं दिया गया था। मामले की जानकारी मिलने के बाद तहसीलदार मनीषा जाजी के मौके पर पहुंचने की बात भी उन्होंने कही। हालांकि, खड़ी फसल होने के कारण तत्काल सीमांकन नहीं हो सका। सरपंच का कहना है कि यदि राजस्व विभाग को जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए सीमांकन करना है तो केवल एक खसरे तक कार्रवाई सीमित नहीं रहनी चाहिए। उनकी करीब 60 एकड़ जमीन से जुड़े सभी खसरों का एक साथ और निष्पक्ष सीमांकन कराया जाए, ताकि किसी तरह की पक्षपात की आशंका न रहे। यही नहीं, सरपंच ने कार्रवाई के पीछे राजनीतिक दबाव होने का गंभीर आरोप लगाया है।

धनंजय सिंह ठाकुर, सरपंच ग्राम सेलर 

उनका दावा है कि उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि के कारण व्यक्तिगत इंटेंशन से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने क्षेत्र में वन विभाग की जमीन पर मुरुम खनन, अरपा नदी से रेत उत्खनन और जमीन-कॉलोनाइजिंग से जुड़े मामलों का भी उल्लेख करते हुए प्रभावशाली लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

विजय केशरवानी, कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक प्रत्याशी बेलतरा 

डब्बू साहू, कांग्रेस नेता, पूर्व विधायक प्रत्याशी बेलतरा 

सरपंच ने मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल से जुड़े जमीन मामले का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि यदि प्रशासन जमीन संबंधी मामलों में कार्रवाई कर रहा है तो सभी मामलों की समान रूप से जांच होनी चाहिए। किसी व्यक्ति या राजनीतिक पृष्ठभूमि के आधार पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी संबंधित खसरों का पारदर्शी सीमांकन कराया जाए। साथ ही, यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए। सरपंच के आरोपों के बाद अब राजस्व विभाग की कार्रवाई और कथित राजनीतिक दबाव को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। फ़िलहाल इन आरोपों पर प्रशासन और सत्तापक्ष का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

Author Profile

Lokesh war waghmare - Founder/ Editor
Latest entries

You missed