मीसा बंदियों को मिलेगी पेंशन… छत्तीसगढ में भाजपा सरकार का फैसला… विधानसभा में मुख्यमंत्री ने की घोषणा…
रायपुर, फरवरी, 26/2024
छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार आते ही मीसाबंदियों की अब रुकी हुई पेंशन मिलना तय हो गया है आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा में दो बड़ी घोषणा की है। सदन में उन्होंने कहा की मीसा बंदियों की बंद हुई सम्मान निधि फिर से चालू की जायेगी जिसे पूर्व की सरकार ने बंद कर दिया था। इसके अलाव दुग्ध व्यवसायियो के लिए मिल्क रूट और चिलिंग प्लांट स्थापित करने की घोषणा भी सदन में सीएम ने की है।
आपको बता दे की भाजपा की रमन सरकार ने 2008 में मीसा बंदियों को सम्मान निधि देना शुरू किया था इनकी दो श्रेणी बनाई गई, जिसमें 12 हजार 5 सौ रुपए और 25 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाती थी। लेकिन 2018 में सत्ता परिवर्तन होने के बाद प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी और 1 साल तक सत्यापन कराने के नाम पर कांग्रेस सरकार में पेंशन रोकी गई उसके बाद इसे पूरी तरह से बंद कर दिया गया।
पेंशन बंद होने के बाद मीसाबंदियों ने इसके खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की तो कोर्ट ने फैसला मीसाबंदियों के पक्ष में ही सुनाया, लेकिन राज्य सरकार ने इसे चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी। तब से मामला विचाराधीन है। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में यह विकल्प भी है कि राज्य सरकार चाहे तो इसे वापस ले सकती है।
आपातकाल के दौरान जेल में बंद…
आपातकाल के दौर में राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई हुई थी। तब मीसा कानून के तहत कई लोगों को जेल में डाल दिया गया था। इससे इनका करियर व कारोबार चौपट हो गया था। छत्तीसगढ़ में भाजपा शासनकाल के दौरान इन मीसाबंदियों को लोकतंत्र सेनानी नाम देते हुए जयप्रकाश नारायण सम्मान निधि के तहत पेंशन शुरू की गई।
Author Profile
Latest entries
Uncategorized27/03/2026“नारायणा स्कूल पर घोटाले के आरोप, अब कोर्ट में होगा फैसला!” एनएसयूआई ने दी न्यायालय जाने की चेतावनी, छात्रों और अभिभावकों को न्याय दिलाने की तैयारी तेज
अपराध26/03/2026जंगल में रिश्वत का जाल”: अचानकमार टाइगर रिजर्व में रेंजर-डिप्टी रेंजर 50 हजार लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
बिलासपुर26/03/2026नोटों से भरा बैग रख NSUI का अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन,, नारायणा टेक्नोक्रेट स्कूल पर गंभीर आरोप,,
प्रशासन26/03/2026दस्तावेजों में अलग अलग नाम और जाति,, फर्जी दस्तावेज से अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र बनवाने कमला सिंह पर लगा आरोप,, कलेक्टर जनदर्शन में बड़ा खुलासा,, एफआईआर की मांग…
