बिलासपुर, फरवरी, 02/2026
बजट 2026 पर सियासी संग्राम : कांग्रेस बोली ‘नौकरीपेशा से अन्याय’, भाजपा का दावा ‘विकसित भारत की मजबूत नींव…
केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस और भाजपा नेताओं ने बजट पर एक-दूसरे के विपरीत तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं। जहां कांग्रेस ने बजट को निराशाजनक, विफलताओं से भरा और आम जनता की अनदेखी करने वाला बताया है, वहीं भाजपा और भाजयुमो नेताओं ने इसे विकसित भारत की दिशा में ऐतिहासिक और सर्वसमावेशी कदम करार दिया है।
कांग्रेस शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने बजट में टैक्स स्लैब में कोई बदलाव न करने को नौकरीपेशा वर्ग के साथ सीधा अन्याय बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने शिक्षा बजट को 11 साल में 4.5 प्रतिशत से घटाकर 2.5 प्रतिशत कर दिया है, जबकि कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में महज 2.41 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, जो किसानों के साथ मजाक है।
कांग्रेस नेता अरविंद शुक्ला ने बजट को “निराशाओं और विफलताओं का दस्तावेज” बताते हुए कहा कि मोदी सरकार आज की समस्याओं का जवाब 2047 के सपनों में खोज रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शराब दुकानों की संख्या और कीमतें बढ़ाकर अवैध कारोबार को बढ़ावा दिया जा रहा है। धान खरीदी को लेकर उन्होंने सरकार को पूरी तरह विफल बताते हुए कहा कि 3100 रुपये प्रति क्विंटल की गारंटी जमीन पर नहीं उतरी और किसान सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए।
वहीं दूसरी ओर, भाजयुमो प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रौशन सिंह ने बजट को समावेशी विकास का मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट युवाओं, महिलाओं, किसानों और मध्यम वर्ग को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है और विकसित भारत के रोडमैप को मजबूत करता है।
पूर्व एल्डरमैन और भाजपा नेता मनीष अग्रवाल ने बजट को आत्मनिर्भर भारत की नींव रखने वाला बताया। उन्होंने कहा कि नया आयकर अधिनियम करदाताओं के लिए सरल और अनुकूल होगा। कैंसर की 17 दवाओं पर कस्टम ड्यूटी घटाने से इलाज सस्ता होगा। शिक्षा, कौशल विकास, रेलवे परियोजनाओं और एमएसएमई सेक्टर में किए गए प्रावधानों से छत्तीसगढ़ को बड़ा लाभ मिलेगा।
भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष महर्षि बाजपेयी ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 छत्तीसगढ़ के लिए कई बड़ी सौगातें लेकर आया है। महिला छात्रावास, कौशल प्रशिक्षण, पर्यटन, स्वास्थ्य, रेलवे कनेक्टिविटी और कृषि में एआई टूल ‘भारत-विस्तार’ जैसे प्रावधान राज्य के विकास को नई गति देंगे।
कुल मिलाकर, बजट 2026-27 को लेकर प्रदेश की राजनीति दो ध्रुवों में बंटी नजर आ रही है—एक तरफ कांग्रेस इसे आम आदमी विरोधी और विफलताओं का आईना बता रही है, तो दूसरी तरफ भाजपा इसे विकसित भारत की मजबूत बुनियाद और छत्तीसगढ़ के लिए अवसरों से भरा बजट बता रही
Author Profile
Latest entries
राजनीति06/10/2026आयोजन में अरपांचल याद, विकास में क्यों भुला दिया ?अलग नगर निगम की मांग पर चुप्पी क्यों साधे है जिम्मेदार ? बारिश में जलभराव, सालों से विकास का इंतजार… अरपांचल को अलग नगर निगम कब ?… विजय केशरवानी !
बिलासपुर05/10/2026गांजा तस्करी मामले के बाद अब आय से अधिक संपत्ति का केस, बर्खास्त आरक्षक संतोष राठौर पर ACB का शिकंजा..
अपराध04/10/2026गैस मीटर विवाद में Eden Court निवासी धीरज पर जातिसूचक टिप्पणी, अभद्र व्यवहार और धमकी देने का आरोप ग्रीन सर्विस के सुपरवाइजर ने थाना अजाक में शिकायत देकर SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की
राजनीति04/10/2026बेलतरा में सियासी घमासान: विधायक पर कथित दबाव और बदले की राजनीति के आरोप, 13 अक्टूबर को कलेक्टर कार्यालय घेरेंगे जनप्रतिनिधि
