बिलासपुर, जुलाई, 27/2026
अयोध्या श्रीराम मंदिर में हुई चोरी की वेदना बनी जनआस्था का महासैलाब..
शहर से गाँव तक गूँजा ‘जय श्रीराम’… हजारों श्रद्धालु हाथों में श्रद्धा के नारियल लेकर अपने भांचा श्रीराम के सम्मान में उमड़े,, बिलासपुर की सड़कों पर दिखी अद्भुत भक्ति और समर्पण…
बिलासपुर। अयोध्या श्रीराम मंदिर में हुई चोरी की घटना से आहत करोड़ों रामभक्तों की भावनाएँ रविवार को बिलासपुर की सड़कों पर श्रद्धा के विराट जनसैलाब के रूप में उमड़ पड़ीं। बेलतरा विधानसभा के पूर्व विधायक प्रत्याशी विजय केशरवानी के संकल्प से निकली “श्रीराम श्रद्धा आस्था यात्रा” के द्वितीय दिवस शहर के साथ लगे वार्डों और आसपास के गाँवों से हजारों श्रद्धालु स्वतःस्फूर्त रूप से यात्रा में शामिल हुए। हाथों में श्रद्धा के नारियल, भगवा ध्वज, श्रीराम के जयघोष और भक्ति से ओतप्रोत वातावरण ने पूरे मार्ग को राममय बना दिया।
महिलाएँ, बच्चे, युवा और बुजुर्ग बिना थके कई किलोमीटर तक पदयात्रा करते रहे। यात्रा जिस-जिस मोहल्ले, वार्ड और गाँव से गुज़री, वहाँ लोग अपने घरों से बाहर निकलकर भगवान श्रीराम की आरती उतारते रहे, पुष्पवर्षा करते रहे और श्रद्धा के नारियल समर्पित करते रहे। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो सम्पूर्ण बिलासपुर अपने भांचा श्रीराम के सम्मान में एक साथ खड़ा हो गया हो।
यात्रा की सबसे भावुक तस्वीर वह रही जब माताएँ अपने बच्चों के हाथों से श्रद्धा का नारियल समर्पित कर रही थीं और बुजुर्ग श्रद्धालु नम आँखों से प्रभु श्रीराम के जयघोष कर रहे थे। श्रद्धालुओं का कहना था कि अयोध्या श्रीराम मंदिर में हुई चोरी केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि करोड़ों रामभक्तों की आस्था और भावनाओं को गहरी पीड़ा पहुँचाने वाली घटना है। इसी वेदना को श्रद्धा के संकल्प में बदलने के लिए वे यात्रा में शामिल हुए हैं।
रविवार को यात्रा का शुभारंभ महामाया मंदिर, बिजौर में पूजा-अर्चना एवं श्रीराम श्रद्धा यात्रा के संकल्प के साथ हुआ। विजय केशरवानी ने यात्रा मार्ग में आने वाले प्रत्येक मंदिर में भगवान के श्रीचरणों में पुष्प एवं श्रद्धा का नारियल अर्पित किया। यात्रा के साथ चल रहे सुसज्जित रथ पर विराजमान भगवान श्रीराम, माता जानकी एवं पवनपुत्र हनुमान के दिव्य दरबार के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही।
पूरे मार्ग में राम भजन, संकीर्तन और “जय श्रीराम”, “जय सियाराम” तथा “जय बजरंगबली” के गगनभेदी जयघोष लगातार गूँजते रहे। भजन मंडलियों की मधुर प्रस्तुतियों ने पदयात्रा कर रहे श्रद्धालुओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया। यात्रा में समर्पित प्रत्येक श्रद्धा का नारियल अयोध्या धाम ले जाकर भगवान श्रीरामलला के श्रीचरणों में अर्पित किए जाने की जानकारी मिलते ही लोगों में अभूतपूर्व उत्साह दिखाई दिया और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धा का नारियल समर्पित किया।
यात्रा महामाया मंदिर, बिजौर से प्रारंभ होकर बहतराई स्टेडियम, बहतराई बस्ती, नवधा रामायण चौक, अटल चौक, भक्त माता कर्मा चौक, सरकण्डा थाना, साइंस कॉलेज, बैमा-नगोई रोड, देवनंदन नगर, रामा ग्रीन सिटी, ड्रीम सिटी, खमतराई बस्ती, मुरूम खदान होते हुए अशोक नगर स्थित बगदाई मंदिर पहुँची, जहाँ भगवान श्रीराम की भव्य आरती, भजन एवं सामूहिक प्रार्थना के साथ द्वितीय दिवस का समापन हुआ।
इस अवसर पर विजय केशरवानी ने कहा कि “भगवान श्रीराम भारत की संस्कृति, मर्यादा और करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं। माता कौशल्या की जन्मभूमि छत्तीसगढ़ होने के कारण हम उन्हें अपना भांचा मानते हैं। अयोध्या श्रीराम मंदिर में हुई चोरी की घटना ने हर रामभक्त के हृदय को पीड़ा पहुँचाई है। यह यात्रा उसी पीड़ा को श्रद्धा, सम्मान और समर्पण के संकल्प में बदलने का प्रयास है। छत्तीसगढ़ के ननिहाल से समर्पित प्रत्येक श्रद्धा का नारियल अयोध्या धाम पहुँचाकर भगवान श्रीरामलला के श्रीचरणों में अर्पित किया जाएगा।
यात्रा में विधायक दिलीप लहरिया, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुधांशु मिश्रा, विजय पांडेय, विनोद साहू, महेश दुबे, संतोष गर्ग, हितेश देवांगन, पार्षद मनोज सोनकर, अर्चना सूर्यवंशी, हर्मेन्द्र शुक्ला, अजय यादव, रणजीत सिंह, पवन चंद्राकर , मनीष सेंगर, पुष्पेन्द्र साहू, बलचंद साहू, सुरेन्द्र तिवारी, विक्की यादव, चोटकू साहू, डॉ संजय साहू, इंद्र कुमार साहू ,मनोज छोटू यादव ,दिलीप कौशिक , जय कुमार यादव , बिल्लू मिश्रा , पुष्पेन्द्र मिश्रा सहित बड़ी संख्या में सामाजिक, धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी एवं हजारों रामभक्त उपस्थित रहे।
तृतीय दिवस – सोमवार, 27 जुलाई
श्रीराम श्रद्धा आस्था यात्रा का तृतीय दिवस सोमवार, 27 जुलाई को दोपहर 12:00 बजे कोनी से प्रारंभ होगा।
यात्रा मार्ग :
कोनी → गुरु घासीदास विश्वविद्यालय → आई.टी.आई. → इंजीनियरिंग कॉलेज → पं. सुंदरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय → बुढ़ादेव मंदिर (बिरकोना) → अटल चौक → श्रीराम चौरा (प्राथमिक स्कूल) → माँ मावली देवी मंदिर (बिरकोना) → महामाया मंदिर (नगोई) → नगोई बस्ती → ग्राम बैमा स्थित वैष्णो देवी मंदिर।
प्रथम चरण का समापन ग्राम बैमा स्थित वैष्णो देवी मंदिर में भंडारे के साथ होगा।
आयोजकों ने सभी रामभक्तों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में अपने परिवार सहित यात्रा में शामिल होकर “श्रद्धा का एक नारियल… अपने भांचा श्रीराम के श्रीचरणों में” समर्पित करें। यात्रा में प्राप्त सभी श्रद्धा के नारियल अयोध्या धाम ले जाकर भगवान श्रीरामलला के श्रीचरणों में अर्पित किए जाएंगे।
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